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बिहार में नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार, ये आठ बने नए मंत्री
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट का विस्तार किया है. रविवार को राज्यपाल लालजी टंडन ने राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में उनकी पार्टी जदयू के आठ नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई.
शपथ लेने वालों में श्याम रजक, अशोक चौधरी, नरेंद्र नारायण यादव, संजय झा, रामसेवक सिंह कुशवाहा, नीरज कुमार, लक्ष्मेश्वर राय और एकमात्र महिला चेहरा बीमा भारती शामिल हैं.
साल 2015 में राजद-कांग्रेस-जदयू गठबंधन की सरकार बनने के वक़्त श्याम रजक और नरेंद्र नारायण यादव को मंत्री नहीं बनाया गया था. उस वक़्त श्याम रजक ने अपनी नाराजगी भी पार्टी से जताई थी.
वहीं अशोक चौधरी महागठबंधन की सरकार में शिक्षा मंत्री थे और राज्य में एनडीए की दोबारा सरकार बनने के बाद वो कांग्रेस से इस्तीफ़ा देकर जदयू में शामिल हो गए थे.
अशोक चौधरी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे.
राज्य की कैबिनेट में कई मंत्रियों के पद खाली थे और यह भी बताया जा रहा है कि कई मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं.
आठ नए मंत्री
- बीमा भारती
- अशोक चौधरी
- श्याम रजक
- नरेंद्र नारायण यादव
- संजय झा
- रामसेवक सिंह कुशवाहा
- नीरज कुमार
- लक्ष्मेश्वर राय
भाजपा को नहीं किया गया शामिल
मंत्रीमंडल विस्तार में भाजपा को शामिल नहीं किया गया है, हालाँकि बिहार मंत्रिमंडल की अधिकतम संख्या 35 है और विस्तार के बाद भी एक सीट खाली है.
उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर बताया है कि नीतीश कुमार ने भाजपा को खाली सीट की पेशकश की है और बीजेपी इसे भरने पर भविष्य में फ़ैसला लेगी.
नीतीश कुमार ने यह विस्तार केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार के ठीक बाद किया है. केंद्रीय कैबिनेट में जदयू शामिल नहीं हुई थी.
खबरों के मुताबिक भाजपा ने जदयू को एक मंत्री पद की पेशकश की थी, जिससे नीतीश कुमार नाराज़ बताए जा रहे थे.
बिहार के मुख्यमंत्री की मांग थी कि उन्हें सांकेतिक प्रतिनिधित्व नहीं बल्कि अनुपातिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए.
नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद जब नीतीश कुमार पटना पहुंचे तो उन्होंने कहा कि वो भविष्य में भी केंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल नहीं होंगे.
2017 में महागठबंधन से अलग हुए थे नीतीश कुमार
बिहार में 2015 में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें जदयू-कांग्रेस-राजद ने मिलकर चुनाव लड़ा था और सरकार बनाई थी.
इसके बाद जुलाई 2017 में नीतीश कुमार ने महागठबंधन का दामन छोड़ भाजपा का हाथ थाम लिया था.
भाजपा की मदद से वो एक बार फिर सरकार बनाने में सफल रहे. दोबारा सरकार गठित होने के बाद यह उनका पहला मंत्रिमंडल विस्तार है.
बिहार की एनडीए सरकार में जदयू, भाजपा के अलावा लोक जनशक्ति पार्टी शामिल है. अभी बीजेपी-एलजीपी कोटे से एक सीट खाली है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा मंत्रिमंडल में कुल 35 सदस्य हो सकते हैं.
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