आतिशी से जुड़ा आपत्तिजनक पर्चा बांटने के लिए मिले पैसेः प्रेस रिव्यू

आतिशी

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आम आदमी पार्टी ने भाजपा और पूर्वी दिल्ली से उनके प्रत्याशी गौतम गंभीर पर आरोप लगाए थे. आरोप था कि आप प्रत्याशी आतिशी मार्लेना के संबंध में आपत्तिजनक बातों से भरा पर्चा बांटा जा रहा है.

इसके बाद दोनों ने ही पार्टियों ने एक-दूसरे पर कई आरोप प्रत्यारोप लगाए.

अब इंडियन एक्सप्रेस ने एक ख़बर प्रकाशित की है जिसके अनुसार एक अख़बार विक्रेता ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया है कि आतिशी के संबंध में आपत्तिजनक बातों वाले 300 पर्चे अख़बारों के भीतर रखने के लिए उन्हें पैसे दिए गए थे. ये अख़बार योजना विहार और सरिता विहार इलाकों में भेजे गए थे.

इस अख़़बार विक्रेता ने अपना नाम छिपाने की शर्त पर बताया है, ''मुझे गुरुवार की सुबह 300 पर्चे मिले थे जिन्हें मैंने अखबारों के भीतर रखना था. मेरे साथियों ने ये अख़बार योजना विहार के ए और सी ब्लॉक और सरिता विहार के कुछ घरों में बांटे.''

उस शख़्स ने यह भी बताया कि लगभग 100 पर्चों के 15 रुपए के हिसाब से उसे पैसे दिए गए. इसके साथ ही योजना विहार और आईपी एक्सटेंशन में कम से कम दो घरों से अखबार के भीतर इस तरह के पर्चे मिलने की पुष्टि हुई है.

यौन उत्पीड़न की जाँच के लिए अलग समिति की मांग

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए शीर्ष अदालत के तीन सेवानिवृत्त जजों की समिति गठित करने के लिए पत्र लिखा था.

जनसत्ता में प्रकाशित इस समाचार में बताया गया है कि अटॉर्नी जनरल ने यह पत्र आंतरिक समिति के गठन होने से पहले लिखा था.

केके वेणुगोपाल ने साथ ही साफ किया कि उन्होंने यह चिट्ठी एक वरिष्ठ सदस्य होने के नाते लिखी और इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं था.

चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई

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इससे पहले, मीडिया में ऐसी खबरें चल रही थीं कि वेणुगोपाल का इस मुद्दे पर सरकार के साथ कथित तौर पर मतभेद था. वेणुगोपाल ने इन तमाम बातों को बेबुनियाद बताया है.

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