ओडिशा: फणी चक्रवात से केवल पुरी में ही 21 मौतें, ज़रूरी सेवाएं ठप

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- Author, सुब्रत कुमार पति
- पदनाम, भुवनेश्वर से, बीबीसी हिंदी के लिए
ओडिशा में आए फणी चक्रवाती तूफ़ान से अकेले पुरी में ही अब तक 21 मौतें हो चुकी हैं. पुरी के डीएम ज्योति प्रकाश दास ने इन मौतों की बीबीसी से पुष्टि की है. पुरी में अब भी संचार व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई है.
राज्य के कई हिस्सों से संपर्क टूटा हुआ है. अकेले पुरी में इतनी मौतों की बात सामने आने से राज्य के बाक़ी हिस्सों में हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका बढ़ गई है.
बीबीसी से विशेष राहत बचाव आयुक्त विष्णुपद सेट्ठी ने कहा कि राहत बचाव कर्मियों का भी आपस में संपर्क टूटा हुआ है.
उन्होंने बताया कि तूफ़ान के कारण राज्य में मरने वालों का आंकड़ा 34 तक पहुंच चुका है.
दो दिन बीतने के बाद भी राज्य में बिजली सेवा बहाल नहीं हो पाई है. चक्रवात से पूरे राज्य में असंख्य बिजली के पोल और ट्रांसफॉर्मर गिरे हैं. कई पुल टूट गए हैं, इसलिए शहरों को जोड़ने वाली सड़कें पूरी तरह से बंद हैं.
बिजली नहीं होने से लोगों के घरों में पानी की आपूर्ति बंद हो गई है. ऐसे में लोगों के लिए पेय जल और शौच के लिए भी जूझना पड़ रहा है. प्रदेश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का कहना है कि 11 लाख लोगों को सुरक्षित निकाला गया है.

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सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा पहुंच रहे हैं. ओडिशा में अब चक्रवात थम गया, लेकिन पिछले दो दिनों में हज़ारों लोग बेघर हुए हैं. अभी प्रदेश में तेज धूप निकली हुई है.
ओडिशा में चक्रवात कारण 180 से 220 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से हवा चली थी. फणी को अपवाद चक्रवात के तौर पर देखा जा रहा है इसलिए समय से पहले इसकी भविष्यावाणी भी आसान नहीं थी.
प्रशासन का कहना है कि अधिकांश हिस्से में मोबाइल फ़ोन सेवा अभी बाधित है और इसे बहाल करना बड़ी चुनौती है. पुरी की अर्थव्यवस्था पर्यटकों पर काफ़ी निर्भर है इसलिए फणी चक्रवात के कारण पर्यटन पर भी बहुत बुरा असर पड़ा है.
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