नीरव मोदी तक पहुंचना टेलीग्राफ के पत्रकार के लिए कितना मुश्किल था

नीरव मोदी

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    • Author, शशांक चौहान
    • पदनाम, बीबीसी प्लानिंग एडिटर, भारतीय भाषाएं

ब्रिटेन के वरिष्ठ पत्रकार मिक ब्राउन के लिए गुरुवार की धुंधली सुबह उस वक़्त उत्साह से भर गई जब आख़िरकार उनका सामना उस शख़्स से हो गया, जिस पर भारत की जांच एजेंसियों ने 200 करोड़ डॉलर यानी 14 हज़ार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है.

ये शख़्स कोई और नहीं बल्कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी हैं. ब्राउन ने नीरव का इंटरव्यू करने की कोशिश की लेकिन उनके 'आधे वाक्य वाले' और बार-बार एक ही तरह के दिए जवाबों ने उन्हें झुंझला दिया.

बीबीसी हिंदी को दिए एक ईमेल इंटरव्यू में 'द टेलीग्राफ' के रिपोर्टर मिक ब्राउन ने बताया कि गहनों के कारोबारी और भगोड़े नीरव मोदी ने उनके बार-बार सवाल पूछे जाने के बाद भी हर सवाल के जवाब में 'नो कॉमेंट' कहा.

नीरव मोदी

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ब्राउन और उनके सहकर्मियों ने नीरव मोदी को लंदन की मशहूर ऑक्सफ़र्ड स्ट्रीट पर कैमरे में क़ैद किया.

ब्राउन ने बीबीसी को बताया, "जब हमने उनके पास जाकर बातचीत की पहल की तो वो चौंक गए. एक पत्रकार के तौर पर बहुत झुंझलाहट होती है अगर सामने वाला शख़्स आपके सवालों का जवाब देने से सीधे इनकार कर दे. लेकिन आप इस बारे में ज़्यादा कुछ कर भी नहीं सकते!"

'सॉरी, नो कमेंट!'

'द टेलीग्राफ' के इस वीडियो में नीरव मोदी को लंदन की सड़कों पर टहलते हुए देखा जा सकता है. टेलीग्राफ के रिपोर्टर ने उनसे बार-बार कई सवाल दोहराए मसलन: वो भारत कब लौट रहे हैं, उनकी लंदन में और कितने दिनों तक रहने की योजना है और उनके बिज़नेस पार्टनर कौन हैं...लेकिन नीरव हर सवाल के जवाब में 'सॉरी, नो कमेंट' कहते रहे.

टेलीग्राफ ने ट्विटर पर जो वीडियो पोस्ट किया उसमें नीरव की मूंछें और सिर पर हल्के बाल दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में वो हर सवाल के जवाब में बिना मुस्कुराए 'सॉरी, नो कमेंट' कहते दिख रहे हैं.

वीडियो में नीरव मोदी टैक्सी लेने की कोशिश कर रहे हैं और बार-बार टैक्सियों को रोकने के लिए हाथ हिला रहे हैं. हालांकि ब्राउन और उनके सहयोगी लगातार उनके पीछे चलते हुए सवाल पूछते रहते हैं.

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ब्राउन ने बीबीसी को बताया, "ऑक्सफ़र्ड स्ट्रीट में लंचटाइम में टैक्सी मिलना हमेशा मुश्किल होता है."

टेलीग्राफ का ये दो मिनट 13 सेकंड का वीडियो भारतीय मुख्यधारा के मीडिया समेत सोशल मीडिया में वायरल हो गया है. इसे भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी रिट्वीट किया है.

ब्राइन ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो मैं हैरान हूं, लेकिन भारतीय मीडिया से मेरे इस वीडियो को जैसी प्रतिक्रिया मिली है, उससे मैं बहुत ख़ुश भी हूं. मुझे ये तो पता था कि नीरव मोदी भारत में एक बड़ी न्यूज़ स्टोरी हैं लेकिन इतनी ज़बर्दस्त प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी."

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हालांकि ऐसा नहीं है कि टेलीग्राफ और मिक ब्राउन का ये वीडियो अचानक ही आ गया. लंदन में ब्राउन की नीरव मोदी से हुई ये संक्षिप्त मुलाक़ात महज एक संयोग नहीं था.

ब्राउन ने बीबीसी को बताया कि वो पिछले साल दिसंबर से ही लंदन में नीरव मोदी के बारे में जानने की कोशिश कर रहे थे. तब उन्होंने टेलीग्राफ बिज़नेस मैगज़ीन में नीरव मोदी के बारे में एक लेख भी लिखा था.

ब्राउन ने कहा, "हमें लगता है कि वो दिन भी नीरव के लिए रोज़ की तरह ही था. वो शायद हर दिन की तरह अपने अपार्टमेंट और उस ऑफ़िस तक का सफ़र तय कर रहे थे जहां उनके कुछ सहयोगी कारोबारी रहते हैं."

पहले ऐसी भी रिपोर्ट्स आई थीं कि मोदी लंदन से बाहर हैं और उन्हें ढूंढना बिल्कुल भी आसान नहीं है. ब्राउन कहते हैं, "एक बार जब हमें उनके संभावित ठिकाने का पता चल गया और फिर तो हमें ढूंढना ही था."

हीरों का नया बिज़नस शुरू किया है नीरव मोदी ने

नीरव मोदी

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इमेज कैप्शन, टेलीग्राफ के मुताबिक नीरव ने लंदन में हीरों का नया कारोबार शुरू किया है

ब्राउन और उनके सहयोगी रॉबर्ट मेंड्रिक की रिपोर्ट के मुताबिक़ नीरव मोदी लंदन के वेस्ट एंड में 72 करोड़ से भी ज़्यादा महंगे और शानदार अपार्टमेंट में रहते हैं. वहां उन्होंने हीरों का नया करोबार शुरू किया है.

टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार 48 वर्षीय मोदी तीन बेडरूम वाले फ़्लैट में रहते हैं. यहां का किराया लगभग 15 लाख रुपए से भी ज़्यादा है.

ब्राउन का कहना है कि उन्हें नीरव मोदी या उनके किसी सहयोगी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

टेलीग्राफ का ये वीडियो भारतीय सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि वो मोदी के प्रत्यर्पण के लिए हर ज़रूरी कदम उठा रहा है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने दिल्ली में मीडिया से कहा कि भारत सरकार को नीरव मोदी में लंदन में होने की बात मालूम थी. उन्होंने कहा, "हमने ब्रिटेन सरकार से नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की अपील भी की थी. ज़ाहिर है, हमें पता था कि वो लंदन में हैं."

नीरव मोदी

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रवीश कुमार ने कहा, "अब ये ब्रिटेन सरकार पर है कि सीबीआई और ईडी की मोदी की प्रत्यर्पण की मांग पर क्या जवाब देती है. ब्रिटेन सरकार हमारी दोनों अपीलों पर 'विचार' कर रही है. अगर आपको लगता है कि हम नीरव मोदी मामले को नहीं देख रहे हैं तो ये ग़लत है. ये विजय माल्या के मामले जैसा नहीं है. हम नीरव मोदी को भारत वापस लाने के लिए हर ज़रूरी कोशिशें कर रहे हैं."

इसके अलावा रवीश ने कहा, "नीरव मोदी लंदन की गलियों में दिख गए हैं इसका मतलब ये नहीं कि उन्हें तुरंत वापस ले आया जाएगा."

हालांकि ये साफ़ नहीं है कि क्या नीरव मोदी ने ब्रिटेन सरकार से शरण मांगी है या फिर क्या ब्रिटेन सरकार वाक़ई भारत सरकार की अपीलों पर विचार कर रही है. नीरव मोदी ने टेलीग्राफ के इन सवालों का जवाब नहीं दिया.

ब्राउन ने बीबीसी को बताया, "अगर भारत सरकार नीरव मोदी का प्रत्यर्पण कराना चाहती है ज़ाहिर है पहले उन्हें गिरफ़्तार करना होगा. ऐसा लगता है कि ब्रितानी प्रशासन उन्हें संपर्क करने में विफल रहा है."

मेहुल चौकसी

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भारत के दूसरे सबसे बड़े बैंक, पंजाब नेशनल बैंक ने साल 2018 में कहा था कि नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी के स्वामित्व वाली दो कंपनियों ने बैंक से 220 करोड़ डॉलर का घपला किया है.

नीरव मोदी और मेहुल चोकसी दोनों ने इन आरोपों से इनकार किया और भारत में मामले की विस्तृत सामने आने से पहले ही देश छोड़कर चले गए.

मशहूर बिज़नेस पत्रिका फ़ोर्ब्स के अनुसार, नीरव मोदी ने पिछले आठ साल में लंदन, न्यू यॉर्क और हॉन्गकॉन्ग में हीरों के कारोबार का विस्तार किया है. इस सफलता ने उन्हें भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में शामिल किया था. फ़ोर्ब्स के मुताबिक़ उस वक़्त मोदी की निजी संपत्ति 175 करोड़ रुपए थी.

नीरव मोदी

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वहीं, मेहुल चोकसी गीतांजलि ग्रुप के मालिक हैं, जिसकी पूरे भारत में कम से कम 4,000 शोरूम्स हैं.

टेलीग्राफ के वायरल वीडियो में नीरव मोदी की जैकेट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय है. टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक़ मोदी ने ऑस्ट्रिच लेदर जैकेट पहना हुआ है जिसकी क़ीमत तक़रीबन 10 लाख रुपए है.

वीडियो कैप्शन, पीएनबी घोटाला और नीरव मोदी

ब्राउन ने कहा, "हां, ऑस्ट्रिच जैकेट के बारे में बहुत बातें हो रही हैं. मुझे फ़ैशन के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है. मेरे फ़ैशन डेस्क ने इसके ऑस्ट्रिच लेदर होने की तस्दीक की. उन्होंने कहा कि उनका अख़बार आगे भी इस स्टोरी पर काम करता रहेगा.''

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