#Abhinandan की रिहाई के बाद मोदी ने कहा, 'दुश्मन में भारत का डर'

नरेंद्र मोदी

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इमेज कैप्शन, इंडिया टुडे के कार्यक्रम में बोलते हुए नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बीते कुछ दिनों में देश को भारत की विदेश नीति का प्रभाव दिखाई दे गया होगा.

दिल्ली में इंडिया टुडे कॉनक्लेव में मोदी ने कहा कि आज का भारत नया भारत है, बदला हुआ भारत है, हमारे लिए एक-एक वीर जवान का ख़ून अनमोल है.

"पहले क्या होता था, कितने भी लोग मारे जाएं, जवान शहीद हो जाएं, शायद ही कोई बड़ी कार्रवाई होती थी. लेकिन अब कोई भारत को आंख दिखाने की हिम्मत नहीं कर सकता है. हमारी सरकार हर फ़ैसला लेने के लिए प्रतिबद्ध है."

मोदी ने ये भी कहा कि आज का नया भारत निडर है, निर्भीक है और निर्णायक है.

उन्होंने कहा, "देश सवा सौ करोड़ भारतीयों के साथ आगे बढ़ रहा है. भारतीयों की एकजुटता ने देश के भीतर और बाहर देश विरोधी लोगों में डर पैदा किया है."

मोदी ने दोहराकर कहा कि मैं घर के भीतर और बाहर दोनों के बारे में कह रहा हूं. ये डर अच्छा है. जब दुश्मन में भारत के पराक्रम का डर हो तो डर अच्छा है.

मोदी ने कहा, "जब मामा के बोलने से बड़े-बड़े परिवार बौखला जाएं तो ये डर अच्छा है."

अभिनंदन

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मोदी ने ये भी कहा कि एक तरफ़ देश जहां सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है वहीं कुछ लोग शक कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, "ये लोग मोदी विरोध करते-करते देश विरोध पर उतर आए हैं, देश को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं. मैं ऐसे सभी लोगों से पूछना चाहता हूं कि आपको हमारी सेना के सामर्थ्य पर विश्वास है या संदेह है?"

रफ़ाल की कमी

"इन दिनों बहुत चर्चा चल रही है, एक स्वर उठ रहा है, रफ़ाल की कमी आज देश ने महसूस की है. आज देश कह रहा है कि अगर हमारे पास रफ़ाल होता तो नतीजा शायद कुछ और होता."

मोदी ने कहा, "हम ये बात साफ़-साफ़ समझें की पहले स्वार्थनीति और अब राजनीति के कारण देश का बहुत नुकसान हुआ है."

विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, "मैं इन लोगों से स्पष्ट कहता हूं कि मोदी विरोध करना है तो कीजिए, हमारी योजनाओं में कमी निकालिए, लेकिन देश के सुरक्षा हितों का विरोध मत कीजिए."

मोदी ने कहा, "जब 2014 के चुनावों के बाद में दिल्ली आया तो बहुत सी बातों का अनुभव मुझे नहीं था. मैं मानता हूं कि ये मेरे लिए वरदान की तरह साबित हुआ. अगर मैं पुरानी व्यवस्था का हिस्सा होता तो चुनाव के बाद एक खांचे की तरह उसमें जाकर फिट हो जाता. लेकिन ऐसा नहीं हुआ."

"'टीवी पर चर्चा होती थी कि मोदी को मालूम ही नहीं है कि दुनिया में क्या चल रहा है, मोदी को विदेश नीति की समझ नहीं है. ये सवाल थे, और स्वभाविक थे. लेकिन बीते दिनों के घटनाक्रम में आपको दिखाई दे गया होगा कि भारत की विदेश नीति का प्रभाव आज क्या है."

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