#Balakot हमले के बाद क्या पाकिस्तान अलग-थलग हुआ है?

सुषमा स्वराज

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पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय विमानों के हमले के बाद चीन दौरे पर गईं भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन में कहा कि इसका मक़सद जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने के ख़िलाफ़ था.

उनका कहना था, "भारत के लिए चरमपंथ से लड़ना सबसे अहम मुद्दा है. पुलवामा में सीआरपीएफ़ पर हुए हमले में हमारे 40 जवानों की मौत हुई थी. ये हमला हमें बताता है कि हमें चरमपंथ के ख़िलाफ़ सख़्त क़दम उठाने चाहिए."

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने लगातार इस हमले के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया है जिसके बाद भारत सरकार ने हमले के बारे में फ़ैसला किया."

"भारत ने किसी सैन्य ठिकाने पर हमला नहीं किया और किसी रिहाईशी ठिकाने पर भी हमला नहीं किया."

सुषमा स्वराज भारत, चीन और रूस के विदेश मंत्रियों की त्रिपक्षीय वार्ता में शामिल होने चीन के वूज़ेन पहुंची हैं.

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आक्रामक क़दम न उठाएं दोनों देश - अमरीका

अमरीका ने बयान जारी कर कहा है वो भारत और पाकिस्तान से गुज़ारिश करेगा कि दोनों तनाव को कम करने की कोशिश करें.

अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा, "भारत ने चरमपंथ रोधी अभियान के तहत 26 फ़रवरी को जो क़दम उठाया है उसके बाद मैंने भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात की. भारत के साथ हमारे क़रीबी सुरक्षा संबंध है. हम इलाक़े की सुरक्षा चाहते हैं और शांति बनाए रखना चाहते हैं."

उन्होंने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के भी बात की और "इस बात पर ज़ोर दिया कि पाकिस्तान अपनी सरज़मीन से काम करने वाले चरमपंथी संगठनों को ख़िलाफ़ कारगर क़दम उठाए."

उनका कहना है कि दोनों देशों को आक्रामक क़दम उठाने से बचना चाहिए.

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'चरमपंथी संगठनों को शह देना बंद करे पाकिस्तान'

ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा है कि पुलवामा में हुए चरमपंथी हमले के विरोध में भारत ने पाकिस्तान में मौजूद चरमपंथी ठिकानों पर हमले किए हैं.

देश की विदेश मंत्री मेरीस पेन ने कहा, "पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के ख़िलाफ़ हरसंभव क़दम उठाने चाहिए. साथ ही पाकिस्तान को चाहिए कि वो चरमपंथी संगठनों को क़ानूनी शह देना बंद करे और उन्हें अपनी ज़मीन का इस्तेमाल करने न दे."

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री का कहना है कि इन क़दमों से दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने में मदद मिलेगी. हालांकि ऑस्ट्रेलिया का ये भी कहना है कि दोनों देशों को शांति के लिए कोशिशें करनी चाहिए और आपसी बातचीत से मामले हल करने चाहिए.

ऑस्ट्रेलिया सरकार का बयान

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भारत पाक के 'बेहतर रिश्ते' हों तो अच्छा

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही दक्षिण एशिया के दो अहम देश हैं और दोनों को आपसी संबंध बेहतर करने पर ज़ोर देना चाहिए.

संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों के बीच दोस्ताना रिश्ते इलाक़े की शांति, स्थायित्व और विकास के लिए ज़रूरी है और दोनों के लिए बेहद ज़रूरी है.

उनका कहना था कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों देश तनाव आगे नहीं बढ़ाएगें.

लू कांग ने कहा, "चरमपंथ एक वैश्विक समस्या है और इससे निपटने के लिए देशों को एक दूसरे के साथ सहयोग करने की आवश्यकता है."

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा कि बालाकोट हमले के बाद चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री से बात की और चीन मानता है कि बातचीत के ज़रिए मसले का हल निकाला जा सकता है.

फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सीमा पार से होने वाले चरमपंथ से लड़ने में भारत के अधिकार को हम मानते हैं और इस मौक़े पर भारत के साथ है.

मंत्रालय ने पाकिस्तान से अपील की है कि "वो अपनी सीमा के भीतर चल रहे चरमपंथी संगठनों की हरकतों पर रोक लगाए."

हालांकि फ्रांस ने ये भी कहा कि दोनों के बीच के तनाव में सेना का इस्तेमाल ना हो तो ही अच्छा होगा.

फेडेरिका मोघेरनी

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यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष फेडेरिका मोघेरनी ने कहा है पाकिस्तान के विदेश मंत्री से बात की और दोनों देशों के बीत तनाव पर बात की.

उनका कहना था कि "चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई को आगे बढ़ाए जाने की ज़रूरत है और संयुक्त राष्ट्र की सूची में मौजूद चरमपंथी संगठनों समेत हमलों की ज़िम्मेदारी लेने वालों पर भी कार्रवाई करने की ज़रूरत है."

इधर ऑर्गानाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन ने पाकिस्तान की सीमा के उल्लंघन के लिए भारत की आलोचना की है और कहा है कि दोनों को शांतिपूर्ण हल के बारे में सोचना चाहिए.

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ऑर्गानाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन का कहना है कि दोनों को ताक़त के इस्तेमाल से बचना चाहिए और ऐसा कोई क़दम उठाना नहीं चाहिए जिसका असर इलाक़े की शांति और स्थायित्व पर पड़े.

भारतीय लड़ाकू विमान

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बालाकोट में जैश के ठिकाने पर हमला

26 फ़रवरी को भारतीय सेना के लड़ाकू विमान नियंत्रण रेखा के पार मुज़फ़्फ़राबाद सेक्टर में कुछ दूरी तक भीतर घुस आए थे और वहां बम गिराए थे.

भारत का कहना है कि उसने मसूद अज़हर के संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तान में मौजूद चरमपंथी ठिकाने पर बम बरसाए हैं.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आसिफ़ ग़फ़ूर ने इसकी पुष्टि की, हालांकि उन्होंने जान-माल के किसी तरह के नुक़सान से इनकार किया.

पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय वायु सेना के विमान सीमा में घुसे ज़रुर थे लेकिन वो हड़बड़ी में बम गिरा कर लौट आए.

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