पुलवामा CRPF हमला: कांग्रेस की चरमपंथियों को मुआवज़ा देने की ख़बर फर्ज़ी

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- Author, फ़ैक्ट चेक टीम
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
कुछ दक्षिणपंथी सोशल मीडिया समूहों पर अख़बार की एक क्लिप काफी शेयर की जा रही है, जिसमें दावा किया गया है "कांग्रेस चरमपंथियों के परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा देगी."
गुरुवार को भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा ज़िले में हुए चरमपंथी हमले के बाद ये पोस्ट वायरल हो रही है. इस हमले में सीआरपीएफ के कम से कम 40 जवान मारे गए हैं. कई अन्य घायल भी हुए हैं.
इस पोस्ट को हज़ारों बार देखा और शेयर किया गया है.
पिछले 48 घंटे में "नमो फैन" और "बीजेपी मीशन 2019" जैसे फेसबुक समूहों ने इस तस्वीर को कई बार शेयर किया है.
लेकिन बीबीसी की जांच में ये पता चला है कि इस हमले और न्यूज़ रिपोर्ट में कोई संबंध नहीं है.

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ये रिपोर्ट दिसंबर 2018 की है, जब कांग्रेस पार्टी के नेता हाजी सग़ीर सईद ख़ान ने घोषणा की थी कि अगर उनकी पार्टी चुनाव जीती तो चरमपंथियों के परिवारों को नगद राशि दी जाएगी.
ख़ान ने कहा था: "हम उन निर्दोष लोगों के परिवार वालों को मुआवज़ा देंगे जिन्हें चरमपंथी होने के नाम पर मार दिया गया. हम उनके परिजनों को सरकारी नौकरी भी देंगे. साथ ही निर्दोष चरमपंथी संदिग्धों को जेल से रिहा किया जाएगा और राज्य में शांति का माहौल बनाया जाएगा."
हालांकि बाद में पार्टी ने उन्हें अनधिकृत बयान देने के लिए निलंबित कर दिया था.
कश्मीर में कांग्रेस के प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने बीबीसी से कहा कि ये बयान कांग्रेस पार्टी का बयान नहीं है और कांग्रेस पार्टी किसी भी ऐसी चीज़ का समर्थन नहीं करती जो देश की अखंडता के खिलाफ हो.
उन्होंने कहा, "हम चरमपंथ के खिलाफ देश के साथ खड़े हैं."

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जम्मू-कश्मीर प्रदेश पार्टी समिति के महासचिव विक्रम मल्होत्रा ने इस बात की पुष्टि की कि ख़ान को उनके विवादित बयान की वजह से निलंबित किया गया.
उन्होंने बीबीसी से कहा कि ख़ान पार्टी की नीतियों पर बयान देने के लिए अधिकृत नहीं थे और उन्हें "बेवकूफाना बयान" देने के लिए बर्खास्त किया गया.
उन्होंने कहा, "पार्टी किसी भी रूप में चरमपंथ का समर्थन नहीं करती."
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