राजस्थान विधानसभा चुनाव: मोदी के हिन्दू होने पर राहुल के सवाल पर बरसीं सुषमा स्वराज

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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आजकल कम ही बोलती हैं लेकिन शनिवार को जयपुर में वो एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोलीं.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर पलटवार करते हुए तंज कसा कि क्या हिंदू होने का मतलब अब राहुल गांधी से समझना होगा.
सुषमा ने कहा, "राहुल ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को हिंदू होने का मतलब पता नहीं है. वो ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि वो स्वयं और उनकी पार्टी कांग्रेस भी अपने नेता के मजहब और जात को लेकर दुविधाग्रस्त हैं. ये दुविधा बार-बार प्रकट हो रही है."

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"वर्षों तक कांग्रेस ने राहुल की छवि धर्मनिरपेक्ष नेता की बनाए रखी, लेकिन चुनाव आते ही उन्हें लगा कि इस देश का बहुसंख्यक हिंदू है. इसके बाद हिंदू की छवि बनाना शुरू की गई."
"यहां तक कि संसद में डंके की चोट पर अविश्वास प्रस्ताव के दौरान चर्चा में राहुल ने कहा कि वे हिंदू हैं, जिससे पूरा देश समझ ले कि वो हिंदू हैं. फिर कांग्रेस को लगा कि सिर्फ़ हिंदू कहने से काम नहीं चलेगा, आस्थावान हिंदू होना ज़रूरी है."
"इसके बाद कांग्रेस के नेताओं के कहने पर वो मानसरोवर यात्रा पर चले गए और लौटकर ख़ुद को शिव भक्त बताया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दतिया पीठ जाओ, फिर कहा गया कि राजस्थान में पुष्कर जाओ तो वहां पहुंच गए."

'क्या हिंदू होने का मतलब राहुल से समझना होगा'
सुषमा ने कहा, "राहुल शैव, शाक्य और वैष्णव भी बन गए. फिर बयान आया राहुल जनेऊधारी ब्राह्मण हैं. क्या जनेऊधारी ब्राह्मण के ज्ञान में इतनी वृद्धि हो गई है कि हिंदू होने का मतलब भी उनसे समझना पड़ेगा? भगवान न करे वो दिन आए जब हमें हिंदू होने का मतलब राहुल से जानना पड़े."
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में आत्मविश्वास नहीं है, दुविधाग्रस्त कांग्रेस पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव हार जाएगी.
सुषमा ने कहा, "उदयपुर में उतरते ही राहुल गांधी भूलने की मानसिकता में आ गए. वो रानी पद्मिनी का नाम लेना भूल गए. जो रानी वहां के लिए प्रासंगिक हैं, उन्होंने झांसी की रानी का नाम लिया. वो सम्मानित हैं लेकिन उदयपुर के लिए प्रासंगिक रानी पद्मिनी का नाम लेना भूल गए."

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तीखे तंज कसते हुए सुषमा ने कहा, "21वीं सदी में 10 वर्षों तक उन्हीं की सरकार केंद्र में थी. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया होनी चाहिए. बेहतर होता कि वो अपने 10 वर्षों का हिसाब भी दे देते. वो भूल गए कि देश में आज भी कांग्रेस के दो मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने कहा कि यदि हमारा मुख्यमंत्री राजस्थान में आया और उसने 10 दिनों में कर्ज़ माफ़ नहीं किया तो मैं उसे तुरंत हटा दूंगा."
सुषमा स्वराज ने सवाल उठाए कि "पंजाब के मुख्यमंत्री कांग्रेस के हैं. 10 दिन से ज़्यादा हो गए हैं उन्हें सत्ता में, उन्होंने कर्ज़ माफ़ तो नहीं किया. उनके ख़िलाफ़ उन्होंने क्या कार्रवाई की है, बता दें."

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राहुल गांधी ने मोदी के हिंदुत्व पर क्या कहा?
दरअसल, विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए राजस्थान पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि जब प्रधानमंत्री हिन्दुत्व की नींव के बारे में नहीं जानते तो, वो कैसे हिंदू हैं.
उदयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल ने कहा, "मेरे लिए सबसे ज़्यादा दिलचस्प विषय है कि हिंदुत्व का सार क्या है? आप हिंदुत्व को पढ़ें. गीता में लिखा है कि ज्ञान हर किसी के पास है, ज्ञान आपके चारों ओर है. हर जीव के पास ज्ञान है. प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह हिंदू हैं लेकिन हिंदुत्व की जो नींव है उसको नहीं समझते. आख़िर वो किस प्रकार के हिंदू हैं?"
राहुल ने कहा, "यही विरोधाभास है. मैंने वाजपेयी जी को देखा है. हमारी और उनकी राजनीतिक लड़ाई थी लेकिन बोलने का उनका अंदाज़, उनकी भाषा, उनके लिए आदर अलग है. हम राजनीतिक तौर पर उनसे असहमत हो सकते थे, उनसे राजनीतिक लड़ाई भी थी लेकिन उनका एक व्यक्तित्व था."

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'हनुमान जी हम सब के तारणहार'
इस संवाददाता सम्मेलन में योगी आदित्यनाथ के हनुमान को दलित कहने पर भी सुषमा स्वराज से सवाल पूछे गए.
सुषमा स्वराज ने इसके जवाब में कहा, "मैंने कल योगी जी से इस बारे में बात की थी क्योंकि मैं राजस्थान आ रही थी और उनकी ये बात राजस्थान में कही गई थी. उन्होंने साफ़ कहा कि मेरा अंतिम वाक्य कोई नहीं सुन रहा. उन्होंने अंतिम वाक्य कहा था कि हनुमान जी हम सब के तारणहार हैं."
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