अशोक गहलोत के 'पाकिस्तानी झंडे' की हक़ीक़त

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राजस्थान और मध्यप्रदेश में चुनावी माहौल के दौरान सोशल मीडिया पर कई तरह की झूठी और आधी-अधूरी जानकारी देने वाली ख़बरें फैलाई जा रही है.
ऐसी झूठी या सच्ची ख़बरों का सच पता लगाने के लिए एक ख़ास प्रोजेक्ट शुरु किया गया है. इस प्रोजेक्ट का नाम है 'एकता न्यूज़रूम'.
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया के ज़रिए कुछ वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं. इस प्रोजेक्ट के ज़रिए इन्हीं की पड़ताल कर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की गई है.
अशोक गहलोत के 'पाकिस्तानी झंड़े' की हक़ीक़त
राजस्थान में बढ़ती चुनावी सरगर्मी के बीच हैशटैग #कांग्रेसकोवोट_नहीं के साथ एक वीडियो शेयर किया जा रहा है.
वीडियो में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक रैली में मंच पर खड़े होकर हरे रंग का एक झंडा लहराते दिखाई देते हैं.
'कांग्रेस का पाकिस्तान प्रेम' और 'कांग्रेस को वोट नहीं' जैसे जुमलों के साथ इस वीडियो को शेयर किया जा रहा है.
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व्हॉट्सऐप के अलावा फ़ेसबुक और ट्विटर पर इस वीडियो को जहाँ भी शेयर किया गया है, उनके साथ लिखे गये संदेशों का सार यही है कि गहलोत ने अपनी चुनावी रैली में पाकिस्तान का झंडा लहराया है.
इस बारे में हमने गहलोत के सोशल मीडिया संभालने वाले कार्यकर्ता लोकेश शर्मा से बात की.
लोकेश ने हमें बताया, "ये वीडियो 21 नवंबर का है. उस दिन अशोक गहलोत ने जोधपुर में ईद-उल-नबी के मौक़े पर झंडे लहराये थे."
वे कहते हैं, "लेकिन वो पाकिस्तान के झंडे नहीं थे. वो धार्मिक झंडे थे जो कि इस्लाम से संबंधित हैं. वो झंड़े राजस्थान समेत भारत के कई इलाक़ों में होने वाली मुसलमानों की धार्मिक सभाओं में लहराये जाते हैं और ये उनके धार्मिक मान्यता का मामला है."
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पहले भी कांग्रेस के ऊपर राजस्थान चुनाव में ही पाकिस्तानी झंड़े लहराने के आरोप लग चुके हैं.
ऐसे ही एक अन्य मामले की सत्यता हमने जाँची थी और उस वीडियो/दावे को भी फ़र्ज़ी पाया था.

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वसुंधरा राजे का वीडियो - आधा सच
राजस्थान चुनाव के मद्देनज़र प्रदेश की मुख्यमंत्री वंसुधरा राजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है.
इस वीडियो में वंसुधरा राजे ये कहते हुए नज़र आ रही हैं कि "जितनी ग़रीबी हम करेंगे उतना ही हमको फ़ायदा मिलेगा, उतने ही वोट हमको मिलेंगे."
7 दिसंबर को प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है और सूबे में फ़िलहाल चुनाव प्रचार जारी है. कुछ लोगों ने सत्यता की पुष्टि के लिए 'एकता न्यूज़रूम' के साथ ये वीडियो शेयर किया.
इस बीच कांग्रेस समर्थक होने का दावा करने वाले कुछ फ़ेसबुक ग्रुप इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं. साथ ही व्हॉट्सऐप पर भी इसे शेयर किया जा रहा है.
ऐसा लिखा जा रहा है कि सीएम वंसुधरा राजे पार्टी की किसी मीटिंग में 'भाजपा की राय' बता रही थीं.
अपनी पड़ताल में हमने पाया कि ये वीडियो नवंबर में जयपुर शहर में आयोजित एक कार्यक्रम का है. राजनीति समेत अन्य विषयों पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ राजस्थान के युवाओं की चर्चा करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.
21 नवंबर को हुए इस कार्यक्रम के दौरान #युवा_री_बात_शाह_रे_साथ ट्विटर के कुछ बड़े ट्रेंड्स में रहा.

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लेकिन वंसुधरा राजे का जो वीडियो 'एकता न्यूज़रूम' के साथ शेयर किया गया था, वो आधा सच है.
वीडियो को बड़ी चालाकी से एडिट किया गया है और इससे उनकी बात का पूरा संदर्भ ही बदल गया है.
असल में वंसुधरा राजे ने कहा था, "आपको मालूम होगा कि भारतीय जनता पार्टी ने ग़रीबी हटाने का काम वाक़ई में किया है."
"ये जो कांग्रेस पार्टी है, वो ग़रीबी हटाओ का नारा 50 साल से देते आ रही है. आज तक इन्होंने कोई ग़रीबी मिटाने का काम नहीं किया है. और जब इनसे पूछो तो कहते हैं कि ग़रीबी को मिटाना नहीं हैं जितनी ग़रीबी हम करेंगे उतना ही हमको फ़ायदा मिलेगा, उतने ही वोट हमको मिलेंगे क्योंकि लोगों को समय नहीं मिलेगा हमसे पूछने का कि हमको नौकरी क्यों नहीं मिली, हमको पानी क्यों नहीं मिला, हमारे यहाँ सड़क क्यों नहीं बनी क्योंकि वो अपने दुख में इतने घुटे हुए होंगे."

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'6 मुसलमान और 1 हिंदू' वाले मॉब लिंचिंग का दावा फ़ेक
राजस्थान में कथित मॉब लिंचिंग का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है.
इस वीडियो में कुछ लोग पुलिस की मौजूदगी में एक शख़्स को बुरी तरह पीट रहे हैं.
व्हॉट्सऐप पर इस वीडियो को सबसे ज़्यादा शेयर किया जा रहा है. इसके साथ फ़ॉरवर्ड हो रहा मैसेज है, "मुसलमानों की हिम्मत देखिए. 6 मुस्लिम लड़के एक हिंदू लड़के को पीट रहे हैं. वो भी पुलिस के सामने."
कुछ संदेशों में इस वीडियो को राजस्थान का बताया जा रहा है. हालांकि किसी भी संदेश में ये नहीं लिखा गया है कि ये वीडियो राजस्थान की किस जगह का है.
हमने इस वीडियो की पड़ताल की तो पाया कि ये वीडियो राजस्थान का नहीं, बल्कि उत्तरप्रदेश के शामली ज़िले का है.
भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह शांडिल्य ने ये वीडियो बुधवार 28 नवंबर को किसी स्थानीय मीडिया के हवाले से ट्वीट किया था.
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अपने ट्वीट में गिरिराज सिंह ने लिखा था, "ये यूपी के शामली की घटना है जहाँ 6 मुस्लिम लड़कों ने एक हिन्दू लड़के को पुलिस की गाड़ी से ज़बरन बाहर निकाला और फिर उसकी मॉब लिंचिंग की गई."
"अब अगर कोई इंटोलरेंस गैंग या इंटोलरेंस पर ज्ञान देने वाला मिले तो उससे पूछियेगा कि कठुआ के बाद उनका ज़मीर मर गया या बिक गया है?"
गिरिराज सिंह के ट्वीट करने से पहले ही शामली ज़िले के पुलिस अध्यक्ष अजय कुमार इस मामले की जानकारी दे चुके थे. उन्होंने बीते मंगलवार को बताया था कि ये मामला शामली ज़िले के ग्राम हथछोया, थाना झिंझाना का है और मृतक का नाम राजेंद्र कश्यप है.


यूपी पुलिस ने माना है कि इस मामले में पुलिस की लापरवाही देखी गई है क्योंकि मृतक को पुलिस के कुछ जवानों की मौजूदगी में पीटा जा रहा था. इस पर कार्रवाई करते हुए यूपी पुलिस ने मौक़े पर तैनात पुलिस कर्मियों को सस्पेंड भी किया है.
शामली पुलिस ने बीते बुधवार को गिरिराज सिंह के ट्वीट का भी जवाब दिया.
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शामली पुलिस ने ट्वीट में लिखा, "मृतक राजेंद्र कश्यप के परिजनों की तहरीर पर मुक़दमा पंजीकृत कर मुख्य अभियुक्त सहित दो लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है. मॉब लिंचिंग जैसी घटना नहीं है. कृपया इस तरीके की अफ़वाह ना फैलाएं."

(ये कहानी फ़ेक न्यूज़ से लड़ने के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट 'एकता न्यूज़रूम' का हिस्सा है.)
अगर आपके पास ऐसी ख़बरें, वीडियो, तस्वीरें या दावे आते हैं, जिन पर आपको शक़ हो तो उनकी सत्यता जाँचने के लिए आप उन्हें 'एकता न्यूज़रूम' को इस नंबर पर +91 89290 23625 व्हाट्सएप करें या यहाँ क्लिक करें.

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