राहुल गांधी की सभा में ख़ालिस्तान समर्थक वीडियो का सच क्या है

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राजस्थान और मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों की तारीख़ नज़दीक आ रही है और चुनावी माहौल में सोशल मीडिया पर ऐसी ख़बरें फैलाई जा रही है जो कुछ सच्ची हैं, कुछ झूठी हैं, तो कुछ आधी-अधूरी जानकारी देने वाली.
इन्हीं का पता लगाने के लिए एक ख़ास प्रोजेक्ट शुरु किया गया है, जिसके तहत ऐसी झूठी या सच्ची खबरों का पता लगाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट का नाम है 'एकता न्यूज़रूम'.
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया के ज़रिए कुछ वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं. इन्हीं की पड़ताल कर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की गई है.
राहुल की सभा में बुलाए गए ख़ालिस्तान समर्थक - फ़ेक
सोशल मीडिया पर राहुल गांधी से जुड़ा एक वीडियो काफ़ी शेयर किया जा रहा है जिसमें कैप्शन लिखा है "राहुल गांधी की लंदन की सभा में हिंदुस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे."
शेयर किए जा रहे वीडियो में देखा जा सकता है है कि पुलिस कुछ लोगों को गिरफ़्तार कर रही है. वीडियो में एक जगह राहुल गांधी की तस्वीर भी दिखाई दे रही है.

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इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा जा रहा है, "कैसे सौंप दूं मै काँग्रेस को अपना देश, आप ही बताओ... लंदन में राहुल गांधी की सभा में पहुंचे खालिस्तानी आतकंवादी... काँग्रेस पार्टी जिंदाबाद और हिंदुस्तान मुर्दाबाद नारे लगाये.. आपके पास जितने भी ग्रुप हैं सभी में भेजो."
वीडियो में हिंदुस्तान मुर्दाबाद और पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे भी सुनाई दे रहे हैं.
नारे कुछ लड़के लगा रहे हैं जिन्होंने पगड़ी पहन रखी है. इसके चलते सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ये सिख खालिस्तानी हैं जो सभा बुलाए गए थे और वे कांग्रेस से जुड़े हैं.

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इस वीडियो कि जांच करने पर हमें पता चला कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर तीन-चार महीने पहले भी आई थी.
कुछ दिनों में राजस्थान में मतदान होने वाले हैं, जिसे ध्यान में रखकर राजस्थान के अलग-अलग फ़ेसबुक ग्रुप्स में यह वीडियो ग़लत जानकारी के साथ पोस्ट किया जा रहा है.
दरअसल इस वीडियो के बारे में लंदन में छपी कुछ रिपोर्ट्स से पता लगा कि नारे लगाने वाले चार लोग कड़ी सुरक्षा के बावजूद परिसर में घुसने में सफल हुए थे.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इन लोगों को सभा में बुलाया नहीं गया था बल्कि ये बैठक का विरोध करने के लिए आए थे.
हमने पाया कि इस वीडियो को ग़लत जानकारी के साथ शेयर किया जा रहा है.
राहुल गांधी की सभा में लाखों की भीड़- फ़ेक

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सोशल मीडिया में जनसभा से जुड़ी एक तस्वीर शेयर की जा रही है. दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीर राहुल गांधी की जनसभा की है जो राजस्थान के बीकनेर में हुई थी.
राजस्थान में जल्द विधानसभा चुनाव होने हैंऔर फिलहाल वहां चुनाव प्रचार का काम ज़ोरों पर है.
सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही इस तस्वीर में लिखा गया है कि इस जनसभा में 20 लाख लोगों ने शिरकत की थी और इसने इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है.
इस तस्वीर की जांच करने पर पता चला कि ये तस्वीर बीकानेर की है ही नहीं. यहां तक कि इस जनसभा का राहुल गांधी से कोई नाता नहीं है.
ये तस्वीर सोनीपत के हरियाणा में साल 2013 में ली गई थी और भूपिन्दर सिंह हुडा की रैली की तस्वीर है. इसकी असल तस्वीर हमें गेटि इमेजेस पर मिली.
लोगों को गुमराह करने के लिए इस तस्वीर को राहुल गांधी की चुनावी रैली बता कर शेयर किया जा रहा है.
कांग्रेस का प्रचार पाकिस्तानी झंडे के साथ - फ़ेक

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फ़ेसबुक पर एक मैसेज वायरल हो रहा है कि राजस्थान के कांग्रेस के एक उमीदवार पाकिस्तान का झंडा लगा कर प्रचार कर रहे हैं. लोग इस पर यकीन कर लें इसके लिए इसके साथ एक तस्वीर भी शेयर की जा रही है.
तस्वीर में देखा जा सकता है कि एक जीप पर हरे रंग का झंडा लगा है जिस पर सफेद रंग का चांद और तारा बना हुआ है.
तस्वीर के साथ लिखा गया है, "मकराना में पाकिस्ताना का झंडा लगाकर प्रचार करते कांग्रेस प्रत्याशी झाकिर हुसैन के समर्थक, अब भी संभल जाओ भाईओं आपसी मनमुटाव भुलाकर सभी हिंदुओं के एक होने का वक्त आ गया है."

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इस तस्वीर की जांच करने पर पता चला कि ये राजस्थान के नागोर जिल्ले के मकराना की है. लेकिन तस्वीर में जो झंडा दिखाई दे रहा है, वह पाकिस्तान का नहीं है.
पाकिस्तान के झंडे में एक सफेद रंग की पट्टी भी होती है जो कि शेयर की जा रही तस्वीर में दिख रहे झंडे में नहीं है.
मकराना के लोगों से बात करने के बाद हमें पता लगा कि हाल ही में उनका त्यौहार था.
ये तस्वीर उस त्यौहार के वक्त लगाए जाने वाले झंडे की है, जो पाकिस्तान का नहीं है.

ये कहानी फ़ेक न्यूज़ से लड़ने के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट 'एकता न्यूज़रूम' का हिस्सा है.
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