छत्तीसगढ़ चुनाव: रमन सिंह बोले, 'हारने पर कांग्रेस को याद आता है ईवीएम का मुद्दा'

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- Author, आलोक प्रकाश पुतुल
- पदनाम, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान संपन्न हो गया.
विधानसभा की 90 में से 18 सीटों पर इस महीने की 12 तारीख को मतदान हुए थे, जबकि मंगलवार को बची हुई 72 सीटों पर वोट डाले गए.
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुब्रत साहू के अनुसार, "शाम 6 बजे तक की स्थिति में जो जानकारी उपलब्ध हुई है, उसके अनुसार विधानसभा की इन 72 सीटों पर 71.93 प्रतिशत मतदान की सूचना है."
उन्होंने कहा कि ये प्रारंभिक आंकड़े हैं और कई इलाक़ों से अभी तक मतदान की पूरी रिपोर्ट नहीं मिल पाई है. ऐसे में मतदान के प्रतिशत में बढ़ोतरी हो सकती है.
आंकड़ों के अनुसार, माओवाद प्रभावित गरियाबंद के बिंद्रानवागढ़ विधानसभा में सर्वाधिक 83 प्रतिशत मतदान हुआ है. यह सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिये आरक्षित है.

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दूसरी ओर केंद्र सरकार की ओर से देश की स्मार्ट सिटीज़ में शुमार बिलासपुर में सबसे कम 55.42 प्रतिशत मतदान हुआ है.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी ने 72 सीटों पर हुए मतदान के बाद दावा किया है कि राज्य में उनकी सरकार बन रही है.
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि मंगलवार को एकतरफ़ा कांग्रेस पार्टी को वोट मिले हैं. दूसरी ओर 90 सीटों वाली विधानसभा में राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह का दावा करते रहे हैं कि उनकी पार्टी को 65 से अधिक सीटें मिलेंगी.

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ईवीएम की शिकायतें
हालांकि, मतदान के इन आंकड़ों के बीच मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम को लेकर शाम तक शिकायतें आती रहीं. छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित 6 ज़िलों समेत 19 ज़िलों में मतदान की शुरुआत के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम की गड़बड़ियों की शिकायतें आनी शुरु हुईं.
कहीं मतदान दो घंटे बाद शुरु हुआ तो कहीं मशीन को बदलना पड़ा. राजधानी रायपुर से लेकर रामानुजगंज तक मतदाता गड़बड़ियों की शिकायत करते रहे.
चुनाव आयोग का दावा है कि मंगलवार को अलग-अलग परिस्थितियों में कुल 1224 ईवीएम के बैलट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट मशीन बदले गए.

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दूसरी ओर चंद्रपुर से बहुजन समाज पार्टी की गीतांजलि पटेल ने दावा किया कि जिन मतदान केंद्रों का उन्होंने दौरा किया, उनमें से कई जगहों में मशीनों में गड़बड़ी की शिकायत मिली.
गीतांजलि पटेल ने कहा, "ईवीएम में बसपा का चुनाव चिह्न भी मुझे धुंधला दिखाई दिया, जबकि भाजपा और दूसरे दलों के चिह्न चमकदार थे."
कांग्रेस पार्टी के प्रभारी पीएल पुनिया ने आज चुनाव आयोग से मिलकर कई गड़बड़ियों की शिकायत की.
उन्होंने दावा किया कि राज्य के कोरिया ज़िले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की शिकायत पर एक सरकारी कर्मचारी के घर पर रखी हुई ईवीएम पुलिस ने ज़ब्त की और कांग्रेस की ही शिकायत पर इस मामले में कार्रवाई शुरु की गई है.

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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और विधायक भूपेश बघेल ने आज हुए मतदान के बाद एकतरफ़ा जीत का दावा किया. लेकिन बघेल ने ईवीएम की गड़बड़ियों पर भी सवाल उठाए.
बघेल ने कहा, "बड़ी संख्या में मशीनों की गड़बड़ी की शिकायत आई है. दिलचस्प ये है कि उन्हीं मतदान केंद्रों पर सबसे अधिक ईवीएम की गड़बड़ियों के मामले सामने आये हैं, जहां कांग्रेस मज़बूत है."
दूसरी ओर राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया. उन्होंने कहा कि जब कर्नाटक जैसे राज्यों में कांग्रेस को थोड़ी बहुत सफलता मिलती है तो वह ईवीएम पर सवाल नहीं उठाती. लेकिन जब उसे हार का भय सताने लगता है तो ईवीएम के सहारे बहाने तलाशने लगती है.

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रमन सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुये कहा, "कांग्रेस हार के लिये आख़िरी दोषी ठहराती है ईवीएम को. कांग्रेस को ये लगता है कि चुनाव में वो पीछे हो रही है या हार रही है तो इसके लिये आरोप पत्र पहले से ही जारी कर देती है. हार का एक कारण वे अभी से ढूंढने में लगे हैं कि पराजय का कारण क्या हो सकता है."
रमन सिंह ने दावा किया कि चौथी बार भी छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनेगी और भाजपा 65 प्लस के अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगी.
हाईप्रोफाइल नेता
मंगलवार को मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिन 19 ज़िलों में मतदान हुआ, उनमें कई हाईप्रोफाइल नेता शामिल हैं.
आज मतदाताओं ने जिन उम्मीदवारों के कामकाज का फ़ैसला किया, उनमें छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल कसडोल से चुनाव मैदान में थे तो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव अंबिकापुर से तीसरी बार चुनाव लड़ रहे थे.

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राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी कांग्रेस छोड़ने के बाद पहली बार अपनी नई राजनीतिक पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की टिकट पर जोगीलैंड कहे जाने वाले मरवाही से, उनकी पत्नी रेणु जोगी कोटा से और बहु ऋचा जोगी बसपा की टिकट पर अकलतरा से चुनाव में खड़ी हुई थीं.
कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और विधायक भूपेश बघेल अपनी परंपरागत पाटन सीट से, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष धरमलाल कौशिक बिल्हा से, पिछले 28 साल से विधायक और मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल रायपुर दक्षिण से, राजेश मूणत रायपुर पश्चिम से, अमर अग्रवाल बिलासपुर से चुनाव मैदान में थे.
पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत को कांग्रेस पार्टी ने सक्ति में अपना उम्मीदवार बनाया तो कलेक्टर का पद छोड़ कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए, ओपी चौधरी खरसिया से चुनाव मैदान में थे.
दो चरणों में विधानसभा की 90 सीटों पर हुए मतदान के बाद राजनीति में रुचि रखने वालों के पास अब 21 दिन का समय है, जब वे अपने-अपने अनुमान के आधार पर काग़ज़ों पर सरकार बनाने का काम कर सकते हैं. क्योंकि राज्य में किसकी सरकार बनेगी, यह तो 11 दिसंबर को ही पता चलेगा, जब चुनाव के परिणाम सामने आयेंगे.
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