मध्य प्रदेश: सात साल की बच्ची से रेप, पीड़िता की स्थिति गंभीर

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- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, भोपाल से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
मध्य प्रदेश के मंदसौर में सात साल की बच्ची के साथ हुए बलात्कार के मामले में पूरा शहर सड़कों पर उतर आया है और पीड़िता के लिए जल्द से जल्द इंसाफ़ की मांग कर रहा है.
पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए बीते गुरुवार को शहर और गांव की हर दुकान विरोधस्वरुप बंद रखी गई.
इस मामले में पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ़्तार किया है. हालांकि स्थानीय लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस अभियुक्त को कोर्ट में पेश नहीं कर पाई. उसके बाद मजिस्ट्रेट ने पुलिस कंट्रोल रूम जाकर अभियुक्त को दो जुलाई तक पुलिस रिमांड पर दे दिया है.

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तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली यह बच्ची बुधवार को स्कूल के पास लहूलुहान हालात में मिली थी. बच्ची मंगलवार को छुट्टी के बाद स्कूल से ग़ायब हो गई थी.
उसी शाम परिवार के लोगों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसे गंभीर हालात में इंदौर ले जाया गया. पुलिस ने सीसीटीवी के ज़रिए फुटेज देखे जिसमें बच्ची को एक युवक के साथ जाते देखा गया और उसी के आधार पर गिरफ़्तारी की गई.
पुलिस के अनुसार बच्ची को अभियुक्त ने टॉफ़ी और मिठाई का लालच दिया था जिसकी वजह से वह उसके साथ चली गई. जहां से लड़की मिली थी पुलिस ने उस जगह से शराब की बोतल भी बरामद की है.

इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बच्ची को बचाने के लिए ऑपरेशन किया है, लेकिन पीड़िता की स्थिति गंभीर बनी हुई है.
बच्ची के जिस्म के कई जगह गहरे जख़्म है. बच्ची का रैक्टम फट गया है और बच्ची की आंतों को हटाना पड़ा है. वहीं गले काटने के प्रयास में बच्ची का गले में तीन इंच गहरा जख़्म अभियुक्त ने कर दिया था. इसकी वज़ह से पीड़िता के बोलने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है.


वहीं पुलिस यह भी मान रही है कि इस वारदात में मुख्य अभियुक्त के साथ कोई और साथी भी शामिल हो.
मंदसौर पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने बताया, "हम सभी तरह से इस मामले की जांच कर रहे हैं. अभी बच्ची कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं है. हमारी कोशिश अभियुक्त को सख़्त से सख़्त सज़ा दिलाने की ही होगी."

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पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को बताया कि सात दिन में डीएनए टेस्ट कराकर 20 दिन में चालान पेश कराकर अभियुक्त को फांसी की सजा दिलाई जाएगी. पिछले दिनों केंद्र सरकार ने पॉक्सो क़ानून में बदलाव किया है जिसके मुताबिक 12 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ बलात्कार के मामले में दोषियों को फांसी की सजा देने को मंजूरी दी गई है.
वैसे इस मामले में शहर में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति भी पैदा हो गई है क्योंकि बलात्कार का आरोप दूसरे समुदाय के व्यक्ति पर लगा है. अभियुक्त के लिए ख़ुद उसके समुदाय के स्थानीय लोग फाँसी तक की माँग कर रहे हैं. उन लोगों ने मामले में जल्द से जल्द फ़ैसला देने की माँग की है.


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