कठुआ रेप केस पर बोले संयुक्त राष्ट्र महासचिव

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भारत के कठुआ रेप हत्याकांड की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है. अब संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने आठ वर्षीय बच्ची से रेप और हत्या की घटना को 'डरावना' बताया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस संबंध में प्रशासन न्याय ज़रूर सुनिश्चित करवाएगा.

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पत्रकारों की ओर से इस घटना पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की प्रतिक्रिया पूछे जाने पर गुटेरेश के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा, "मुझे लगता है कि हम इस बच्ची के उत्पीड़न और हत्या की डरावनी घटना की मीडिया रिपोर्ट देख चुके हैं. हम ये उम्मीद जताते हैं कि प्रशासन इन अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाए, ताकि उन्हें इस बच्ची की हत्या के लिए जवाबदेह ठहराया जा सके."
अभियुक्तों के समर्थन में हुई थी रैली

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जनवरी में हुई इस घटना के संबंध में अब तक आठ लोग गिरफ़्तार किए गए हैं, जिनमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. पुलिसकर्मियों पर सबूत मिटाने के भी आरोप हैं.
यह मामला इसलिए ज़्यादा सुर्ख़ियों में आया क्योंकि हाल ही में हिंदू एकता मंच नाम के एक संगठन ने अभियुक्तों के पक्ष में तिरंगा यात्रा निकाली थी. इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर की बीजेपी-पीडीपी सरकार में शामिल दो भाजपाई मंत्री भी पहुंचे थे.
इन दोनों मंत्रियों ने सार्वजनिक तौर पर अभियुक्तों के पक्ष में निकाली गई इस रैली का समर्थन किया था. शनिवार को ही दोनों मंत्रियों ने अपने इस्तीफे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को सौंप दिए थे.
'बेटियों को न्याय मिलेगा'

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बकरवाल मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक़ रखने वाली आठ वर्षीय बच्ची 10 जनवरी को अपने घर के पास से लापता हो गई थी. एक हफ़्ते बाद पास के ही एक जंगल वाले इलाक़े से उसकी लाश बरामद हुई.
आरोप है कि गांव के ही एक हिंदू धर्मस्थल पर छह लोगों ने बच्ची को बंधक बनाकर रखा और उससे बलात्कार किया. जांच के मुताबिक, बच्ची को नशीली दवाइयां दी गईं.
इसके बाद जब अभियुक्तों के पक्ष में रैली निकली तो इस घटना पर राष्ट्रव्यापी रोष सामने आया.
घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बहुप्रतीक्षित बयान शनिवार को दिया था. उन्होंने इसे 'शर्मनाक' बताते हुए कहा था, "मैं यह भरोसा दिलाना चाहता हूं कि किसी अपराधी को बख़्शा नहीं जाएगा और हमारी बेटियों को न्याय मिलेगा."
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