कठुआ केस: जम्मू-कश्मीर सरकार के दो मंत्रियों का इस्तीफ़ा

इमेज स्रोत, MOHIT KANDHARI/BBC
- Author, मोहित कंधारी
- पदनाम, जम्मू से, बीबीसी हिंदी के लिए
कठुआ रेप केस में अभियुक्तों के समर्थन में विवादित बयान देने वाले जम्मू-कश्मीर के दो मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया है.
दोनों मंत्रियों पर आरोप है कि उन्होंने हिंदू एकता मंच के सदस्यों को कठुआ रेप अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन जारी रखने के लिए उकसाया.
लाल सिंह जम्मू-कश्मीर की बीजेपी-पीडीपी गठबंधन सरकार में वन मंत्री हैं, जबकि चंद्र प्रकाश गंगा उद्योग और वाणिज्य मंत्री हैं.
राज्य भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "दोनों कैबिनेट मंत्रियों ने अपने इस्तीफ़े प्रदेश अध्यक्ष सतपाल शर्मा को शुक्रवार शाम सौंप दिए."
राम माधव पहुंचेंगे श्रीनगर

इमेज स्रोत, MOHIT KANDHARI/BBC
अनिल गुप्ता ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने पार्टी के ईमानदार सिपाही होने के नाते यह फ़ैसला लिया, क्योंकि घटना के बाद से विपक्षी नेता पार्टी की छवि पर हमला कर रहे थे.
उधर, पार्टी के महासचिव राम माधव शनिवार को जम्मू पहुंचकर वहां के राजनीतिक हालात का जायज़ा लेंगे.
अनिल गुप्ता ने पुष्टि की कि शनिवार को पार्टी के मंत्रियों और विधायकों की बैठक में आगे का फ़ैसला लिया जाएगा.
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने पीडीपी के सभी मंत्रियों और विधायकों को श्रीनगर में होने वाली पार्टी बैठक में मौजूद रहने को कहा है. माना जा रहा है कि इस बैठक में कठुआ रेप केस और उसके बाद बने राजनीतिक हालात पर चर्चा की जाएगी.
क्या कहा था इन मंत्रियों ने

इमेज स्रोत, MOHIT KANDHARI/BBC
कठुआ में आठ वर्षीय बच्ची से रेप के बाद उपजे रोष के माहौल में हिंदू एकता मंच नाम के एक संगठन ने मामले में गिरफ़्तार अभियुक्तों के समर्थन में तिरंगा यात्रा निकाली थी.
इसी हिंदू एकता मंच के एक कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर सरकार के ये दोनों मंत्री शामिल हुए थे.
टीवी चैनलों पर दिखाया गया कि लोगों को संबोधित करते हुए इन भाजपा नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना की थी. इसे 'जंगल राज' कहते हुए उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि वे इस क्षेत्र के 'बेक़सूर' लोगों को परेशान न करें.
वन मंत्री चौधरी लाल सिंह ने सार्वजनिक तौर पर कठुआ रेप केस के आरोपियों के पक्ष में उतरे प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था. उन्होंने कहा था, "अगर आप कोई आंदोलन करते हैं तो पूरी ताक़त से करो, वरना घर बैठो. ये धारा 144 क्या है? एक लड़की मर गई और इतनी जांच हो रही है. यहां पहले भी कई महिलाओं की मौतें हो चुकी हैं."
ऐसे ही एक वीडियो में चंद्रप्रकाश गंगा कहते हुए नज़र आते हैं, "हम ये जंगल राज नहीं चलने देंगे. पुलिस अपनी मर्ज़ी से लोगों को उठा रही है. ये किस तरह की जांच कर रहे हैं?"












