प्रेस रिव्यू- मोदी को इतना लिखा पर एक जवाब तक नहीं आया: अन्ना हज़ारे

अन्ना हज़ारे

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समाजसेवी अन्ना हज़ारे ने दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन शुरू कर दिया है. सात साल पहले भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग को लेकर वो इसी मैदान में अनशन पर बैठे थे.

अन्ना लोकपाल की नियुक्ति और किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और तय आमदनी के लिए सरकार से ऐक्शन प्लान की मांग कर रहे हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स' अख़बार के अनुसार उन्होंने अनशन शुरू करने से पहले कहा, "मैंने बीते चार सालों में मोदी सरकार को 43 चिट्ठियां लिखीं, लेकिन मुझे किसी का भी उत्तर नहीं मिला. इसलिए मैं अमरण अनशन पर बैठने के लिए बाध्य हो गया हूं."

अन्ना हज़ारे का अनशन

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'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' अख़बार के अनुसार अन्ना हज़ारे ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने ट्रेनों और बसों को रोका और किसानों के रास्तों में अड़चने पैदा कीं ताकि वो दिल्ली ना पहुंच सकें.

अख़बार ने अहमदनगर में रहने वाले किसान पोपटराव साठे के हवाले से लिखा है कि वो भूसावल से ट्रेन में चढ़ने वाले थे, लेकिन उन्हें पुलिस ने रोका.

अख़बार के अनुसार कई अन्य किसानों का कहना है कि दिल्ली पहुंचने के लिए उन्होंने बसों पर लगे बैनर हटा दिए और बिना आवाज़ किए दिल्ली तक सफर तय किया ताकि उन्हें आम यात्री समझ कर रास्ते में रोका ना जाए.

गुजरात दंगे

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'हिंदुस्तान टाइम्स' की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ एनसीईआरटी की 12वीं क्लास की किताबों में गुजरात में साल 2002 में हुए दंगों को अब मुस्लिम विरोधी नहीं बताया जाएगा बल्कि केवल 'गुजरात दंगा' कहा जाएगा.

"पॉलिटिक्स इन इंडिया सिन्स इंडिपेन्डेंस" पाठ में दिए गए एक सबहेड में ये बदलाव किया गया है. इसमें दी जानकारी में से पहली पंक्ति से 'मुस्लिम' शब्द को भी हटा दिया गया है.

इससे पहले साल 2007 में यूपीए के शासनकाल में प्रकाशित एनसीईआरटी की किताब में बदलाव किया गया और गुजरात हिंसा को मुस्लिम-विरोधी हिंसा कहा गया था.

अख़बार के अनुसार एनसीईआरटी का कहना है कि वक़्त वक़्त पर ताजा जानकारी और मिली प्रतिक्रियाओँ के आधार पर किताबों में बदलाव किए जाते हैं.

मल्लिकर्जुन खड़गे

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'दैनिक जागरण' में छपी एक ख़बर के अनुसार कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा कर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है.

शुक्रवार को लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसी महीने की 27 मार्च को सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने का लिखित नोटिस दिया है. वाईएसआर कांग्रेस और टीडीपी पहले ही अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे चुकी हैं.

अख़बार लिखता है कि संसद नहीं चलने देने का आरोप विपक्ष पर मढ़ रही सरकार पर जवाबी वार करने के लिए कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव का दांव चलने का फ़ैसला किया है. कांग्रेस का मानना है कि खड़गे के प्रस्ताव के कारण लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन पर सदन चलाने का दवाब बढ़ेगा.

कैंब्रिज एनालिटिका

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'जनसत्ता' में छपी एक ख़बर के अनुसार कैंब्रिज एनालिटिका प्रकरण के बाद चुनाव आयोग ने कहा है कि फ़ेसबुक के डेटा चोरी के कारण चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकने के मामले में जानकारी इकट्ठा की जा रही है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ओमप्रकाश रावत ने कहा है कि चुनाव आयोग ये जानने की कोशिश कर रहा है कि इसमें क्या रिस्क है, इसे कैसे रोका जा सकता है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ने ये भी कहा कि आयोग मतदाता पहचान पत्र यानी वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ना चाहता है लेकिन आधार को अनिवार्य करना ज़रूरी नहीं है.

कैम्ब्रिज एनालिटिका का मुख्यालय

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'द हिंदू' में छपी एक ख़बर के अनुसार भारत सरकार ने कैम्ब्रिज एनालिटिका के ख़िलाफ़ नोटिस भेजा है और पूछा है कि क्या कंपनी भारतीयों के पर्सनल डेटा को किसी से साझा करने के लिए किसी से साझेदारी की है?

सरकार ने ये भी पूछा है कि क्या किसी का पर्सनल डेटा शेयर करने से पहले किसी व्यक्ति की अनुमति ली गई थी?

ज़ीनत अमान

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'जनसत्ता' में छपी एक ख़बर के अनुसार बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री ज़ीनत अमान ने एक व्यवसायी पर यौन हिंसा और 15 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है.

इस मामले में मुंबई के जुहू पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज व्यापारी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.

राम जन्मभूमि

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'अमर उजाला' में छपी एक ख़बर के अनुसार अयोध्या मामले में मुसलमान पक्षधरों ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मस्जिद ढहाने से उसकी महत्ता नहीं छिन जाती. उनका कहना था कि मस्जिद इस्लाम का ज़रूरी हिस्सा नहीं है, लेकिन एक बार जब कोई जगह मस्जिद बन जाती है तो वह सदा के लिए इबादत की जगह हो जाती है.

वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने कहा कि इबादत या प्रार्थना करना हर धर्म का अहम हिस्सा होता है और इसके लिए वो जगह जहां इबादत की जाती है वो हमेशा बनी रहती है. उन्होंने सिफ़ारिश की कि मस्जिद इस्लाम का ज़रूरी हिस्सा है या नहीं ये मसला बड़ी पीठ के पास भेजा जाए.

कोर्ट ने इस पर कहा कि इस मसले को बड़ी पीठ के पास भेजे जाने के बाद भी राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले में सुनवाई जारी रखी जा सकती है.

परवेज़ मुशर्रफ

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'द स्टेस्टमैन' ने पाकिस्तान से छपने वाले डॉन वेबसाइट के हवाले से ख़बर दी है कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ अप्रैल में देश लौटेंगे. अख़बार के अनुसार ये जानकारी पकिस्तानी अवामी इत्तेहाद के महासचिव इकबाल डार ने दी है.

अख़बार लिखता है कि डार ने कहा कि मुशर्रफ के आने की तारीख और वो किस शहर में पहुंचेंगे इसकी जानकारी बाद में जारी की जाएगी.

मुशर्रफ फिलहाल पाकिस्तान से बाहर दुबई में रह रहे हैं. उन पर पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की सुरक्षा में कमी करने का आरोप है जिस कारण आसानी से उनकी हत्या की जा सकी थी.

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