वेश्यालय का सिक्यूरिटी गार्ड हुआ करता था इतिहास का सबसे कुख़्यात माफ़िया

Al Capone, अल कपोन

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    • Author, एनलिया लॉरेन्टे
    • पदनाम, बीबीसी मुंडो के लिए

क्या कपोन एक राक्षस था? हां, वो एक राक्षस था? नहीं, वो राक्षस नहीं था? कुछ इस तरह कपोन के बारे में उनका उपनाम रखने वाली उनकी परपोती देयिरद्रे मैरी कपोन कहती हैं.

केवल 27 साल की उम्र में ही अलफोंसे ग्रैबियल कपोन अमरीका के सबसे ख़ौफ़नाक गुंडे के रूप में मशहूर हो गए थे.

1920 का दशक और 1930 के शुरुआती वर्षों में अमरीका में शराब, सेक्स और ब्लैकमेल का धंधा अपने चरम पर था. एक ग़रीब प्रवासी के रूप में शिकागो आया कपोन इन्हीं धंधों में लिप्त था.

1931 में अल कपोन को टैक्स की चोरी का दोषी ठहराया गया

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निजी जिंदगी में बिल्कुल अलग था कपोन

कहा जाता है कि कपोन 200 लोगों की हत्याओं का जिम्मेदार था. लेकिन कपोन अपने घर पर एक बिल्कुल अलग ही आदमी होता था.

कोलम्बियाई लेखक, वकील और पत्रकार डैनियल समापर पिज़ानो कहते हैं, "बहुत कम लोगों को पता है कि एक गुंडा आदमी पारिवारिक व्यक्ति और अच्छा पति भी था."

वो मानते हैं कि परिवार के भीतर और समाज के दुश्मन के रूप में दिखे अल कपोन के इन दो चेहरों में एक खुला विरोधाभास है.

समापर पिज़ानो ने अपनी नई किताब "कैमासी फामास" में कपोन के चरित्र पर लिखा है.

इस साल के लिटरेचर फेस्टविल के दौरान पेश उनकी किताब "अंकल अल कपोनः अनटोल्ड स्टोरी फ्रॉम इनसाइड हिज़ फैमिली" के सिलसिले में बीबीसी मुंडो ने देयिरद्रे मैरी कपोन से बात की, और इसी बातचीत के दौरान इतिहास के सबसे कुख्यात माफिया सरगना कपोन के निजी जीवन के रहस्यों का पता चला.

इतालवी अप्रवासियों के बेटे अल कपोन का जन्म 1899 में न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में हुआ था

देयिरद्रे मैरी कपोन

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स्कूल छोड़ अपराध की दुनिया से जुड़े

अपनी किताब में पिज़ानो लिखते हैं कि कपोन बचपन में ही वो स्कूल छोड़कर अपराध की दुनिया से जुड़ गए थे.

लेकिन कपोन का परिवार एक अलग ही कहानी बताता है. देयिरद्रे मैरी कपोन कहती हैं कि कपोन ने स्नातक तक की पढ़ाई की थी. उन्हें अच्छी शिक्षा मिली थी. इसलिए उन्होंने बिजनेस करने का सोचा और बहुत सफल रहे. उन्होंने सैकड़ों लोगों को काम पर रखा. कोई बेवकूफ आदमी ऐसा नहीं कर सकता है.

वो कहते हैं, "शुरू में वो एक छोटा अपराध समूह से जुड़े. उनके साथ कई लोग काम करते थे और वो उन्हें बहुत पैसे दिया करते. उनके लोग उस दौरान एक हफ़्ते में 200 डॉलर तक कमाते थे. यह 1920 के दशक में बहुत बड़ी रकम थी."

देयिरद्रे ने याद करते हुए कहा, "5 जनवरी 1947 को उनकी मौत के वक्त मैं सात साल की थी. कपोन ने ही मुझे तैरना और साइकिल चलाना सिखाया, मैं उनसे इतालवी भी सीखी. वो परिवार के प्रति बेहद ईमानदार थे."

पत्नी मेई के साथ अल कपोन
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आयरलैंड की मेई से हुई शादी

देयिरद्रे मैरी कपोन आगे बताती हैं, "अल कपोन का नाम तब पूरे अमरीका में जाना जाता था, वो एफ़बीआई के दुश्मनों की लिस्ट में थे. हालांकि लोग उनके परिवार और 30 साल उनके साथ रही उनकी पत्नी जोसफिन कफ़लिन (मेई कफ़लिन) के बारे में कम ही जानते हैं."

"1918 में दोनों की शादी हुई थी. इसके बाद वो शिकागो चले गए. वहां से उन्हें एक वेश्यालय के सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी का ऑफर मिला था."

"19वीं सदी के अंत में और 20वीं की शुरुआत में ग़रीबी से तंग आकर आयरलैंड और इटली की कई लोग अमरीका पहुंचे थे, कपोन और उनकी पत्नी इन्हीं में से थीं."

"उनकी पत्नी मेई आयरिश थीं."

पिज़ानो कहते हैं, "हालांकि ये दोनों पूरी तरह एक दूसरे के उलट थे क्योंकि दोनों अलग-अलग प्रकार के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले जगहों से आए थे लेकिन ग़रीबी के बीच दोनों एक ही क्षेत्र के लिए लड़े."

उन्होंने कहा, "कपोन और खूबसूरत आयरिश महिला के बीच प्रेम का होना उनके देश से साथ अमरीका आए लोगों के लिए काफी चौंकाने वाला था. लेकिन बाद उनकी सराहना भी हुई क्योंकि यह शादी सफल रही."

मियामी में अल कपोन का घर

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मियामी में घर ख़रीदने से शुरू हुई परेशानी

देयिरद्रे मैरी कपोन बताती हैं, "मेई कपोन की पत्नी बन कर बहुत खुश थीं. क्योंकि उनके पास नौकर थे और उन्हें अपने बेटे के साथ बैठने का वक्त मिल जाता था."

वो कहती हैं, "लेकिन इसके बाद बुरी चीज़ें आईं. जब उन्होंने मियामी (फ्लोरिडा) में घर ख़रीदा. अल कपोन अभी भी शिकागो में ही थे. स्थिति तब और बदतर हो गई जब उन्हें टैक्स की चोरी के मामले में आठ साल जेल की सज़ा काटनी पड़ी."

लेकिन कपोन परिवार के बारे में डीडर कपोन के विपरीत हैं मारियो गोम्स की बातें. वो भी खुद को माफिया सरगना कपोन की पोती बताती हैं और उनके पास कपोन से जुड़ी बहुत सारी तस्वीरें और दस्तावेज़ हैं.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि कपोन की तरफ का परिवार उनकी पत्नी से अच्छा व्यवहार नहीं करता था क्योंकि वो इटली की नहीं थीं और शादी से पहले ही गर्भवती हो गई थीं.

हालांकि वो कहती हैं कि कपोन ने परिवार के सभी सदस्यों को खुश रखा और परिवार में शांति रखी. "परिवार में सभी उनका आदर करते थे, वो उनके लिए भगवान जैसे थे."

देयिरद्रे मैरी कपोन ने अल कपोन से तैरना और साइकिल सिखा था
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चेहरे पर लगे थे कटने के दो निशान

कपोन पर कई टीवी सीरियल और फ़िल्में बनीं. एक लड़ाई के दौरान उनके चेहरे पर चोट लग गई थी. 17 साल की उम्र में एक बार में काम करने के दौरान उन्होंने एक महिला को चिल्लाते हुए कहा, "डॉल, यू हैव ए ब्यूटीफुल ऐस." इसके बाद उनके भाई फ्रैंक गलूसियो, जो वहां के स्थानीय गुंडे थे, से उनकी मारपीट हो गई जिससे उनके चेहरे पर दो कट के निशान लग गये.

कपोन ने जब शादी की थी तब मेई नाबालिग थीं, यानी इसके लिए उन्हें अपने मां-बाप से अनुमति लेनी होती. लेकिन कई किताबों में लिखा है कि शादी से पहले ही उन्होंने बेटे को जन्म दिया.

लेकिन देयिरद्रे मैरी कपोन कहती हैं कि ऐसा नहीं था.

वो कहती हैं, "सोन्नी मेई के बेटे नहीं थे." हालांकि वह बच्चा परिवार में कैसे आया इसका ब्यौरा वो नहीं देती हैं. वो इस विषय पर एक डॉक्युमेंट्री बना रही हैं. बाद में उन्होंने अपना उपनाम ब्राउन रख लिया.

लेकिन गोम्स इस बात से इत्तेफ़ाक नहीं रखतीं. वो कहती हैं, "मुझे पता है कि पोतियां डीडीर मैरी कपोन को नापसंद करती हैं क्योंकि उन्होंने कपोन के विषय में बहुत सारी चीज़ें खोजी हैं. जब कपोन जीवित थे तो वो बहुत छोटी थीं. उन्हें इतना कुछ याद नहीं रह सकता है."

अल कपोन

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क्या कपोन पत्नी के प्रति ईमानदार थे?

किताब के अनुसार कपोन और उनकी पत्नी को एक दूसरे पर बहुत भरोसा था. हालांकि लेखक के मुताबिक इस बात का कोई प्रमाण मौजूद नहीं है कि मेई (कपोन की पत्नी) को कपोन के अपराधों की जानकारी थीं या नहीं.

देयिरद्रे मैरी कपोन लिखती हैं कि मेई (कपोन की पत्नी) को बाहर की दुनिया में कपोन के किए जा रहे अपराधों की जानकारी नहीं थी.

वो कहती हैं, "उस जमाने के मर्द बाहर की कहानियां अपने घरों पर नहीं लाया करते थे."

हालांकि इससे विवाहित युगलों में बेवफाई की संभावना बनती है.

देयिरद्रे मैरी कपोन कहती हैं, "बेशक कपोन के जीवन में अन्य महिलाएं भी थीं. जब आप शक्तिशाली और समृद्ध होते हैं तो आपके पास हर तरह की महिलाएं होंगी. लेकिन कपोन अपनी पत्नी और अपने परिवार से बेहद प्यार करते थे."

मेई अपने बेटे सोन्नी के साथ. मेई की 1986 में जबकि सोन्नी 2004 में मौत हो गई
इमेज कैप्शन, मेई अपने बेटे सोन्नी के साथ. मेई की 1986 में जबकि सोन्नी 2004 में मौत हो गई

दूसरी ओर गोम्स इस बात से सहमत हैं कि कपोन और उनके भाई हमेशा महिलाओं से घिरे हुए होते थे और उन्हें ब्लॉन्ड महिलाएं पसंद थीं, इसलिए एक दिन मेई ने भी गुस्से में अपने बालों को रंग लिया.

वो यह भी कहती हैं कि तब अगर संविधान संशोधन कर अमरीका में शराब पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाता तो कपोन ऐसे न होते जो वो बाद में वो बन गए.

वो कहती हैं कि मीडिया ने छोटी कहानी को बड़ा बना दिया है.

जब देयिरद्रे मैरी कपोन से पूछा गया कि क्या वो कपोन को पसंद करती हैं तो उन्होंने कहा, "हां, बहुत. क्योंकि उन्होंने पूरे परिवार को ग़रीबी से उबारा था, वो भी बिना किसी हिचकिचाहट के."

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