जेटली ने सिन्हा को बताया '80 वर्षीय नौकरी आवेदक'

अरुण जेटली

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बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा की आलोचना पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चुप्पी तोड़ी है.

जेटली ने सिन्हा को '80 वर्षीय नौकरी आवेदक' बताया है जो अपना रिकॉर्ड भूल गए हैं और नीतियों से ज़्यादा व्यक्तियों पर टिप्पणी कर रहे हैं.

यशवंत सिन्हा का लेख

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यशवंत सिन्हा ने एक अंग्रेज़ी अख़बार में लेख लिखकर मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की कड़ी आलोचना की थी. उन्होंने यहां तक लिख दिया था कि प्रधानमंत्री ने ग़रीबी को करीब से देखा है और उनके वित्त मंत्री सुनिश्चित कर रहे हैं कि सारे भारतीय इसे करीब से देख सकें.

चिदंबरम से मिलीभगत का आरोप

अरुण जेटली, यशवंत सिन्हा

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इसके जवाब में जेटली ने आरोप लगाया कि सिन्हा वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से मिल गए हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बोलते हुए जेटली ने सिन्हा का नाम लिए बिना कहा कि उनके पास पूर्व वित्त मंत्री होने का सुख नहीं है और उनके पास पूर्व वित्त मंत्री जो अब स्तंभकार हो गया है- होने का भी सुख नहीं है.

एजेंसी के मुताबिक, यहां जेटली का इशारा चिदंबरम और सिन्हा की ओर था.

उन्होंने कहा, "पूर्व वित्त मंत्री होने के नाते मैं आराम से पॉलिसी पैरालिसिस को भूल सकता हूं. 1998 और 2002 में (बतौर वित्त मंत्री सिन्हा का कार्यकाल) मैं 15 फीसदी एनपीए भूल सकता हूं. अपनी सुविधा के हिसाब से मैं 1991 में बचा चार बिलियन अमरीकी डॉलर का रिज़र्व भूल सकता हूं. मैं पूरी कहानी बदल सकता हूं."

उन्होंने कहा, "मिलीभगत कर लेने से तथ्य नहीं बदल जाते."

'किताब का ज़्यादा सही नाम होता...'

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किताब के विमोचन के मौक़े पर सिन्हा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा, "शायद किताब का ज़्यादा सही नाम होता, इंडिया@70, मोदी@3.5 और एक नौकरी का आवेदक @ 80."

84 वर्षीय यशवंत सिन्हा ने अख़बार 'इंडियन एक्सप्रेस' में 'I need to speak up now' यानी 'अब मुझे बोलना ही होगा' शीर्षक से लेख लिखा था. उन्होंने सरकार के जीएसटी और नोटबंदी जैसे फैसलों की आलोचना करते हुए लिखा था कि वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था को गर्त की ओर धकेल दिया है.

अप्रैल से जून की तिमाही में भारत की विकास दर घटकर 5.7 फ़ीसदी पर आ गई है, जो बीते तीन सालों में सबसे कम है.

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