रेवाड़ी की छोरियों ने सरकार को झुका दिया

हरियाणा के रेवाड़ी में छेड़छाड़ के ख़िलाफ़ और गांव के स्कूल को अपग्रेड कराने के मुद्दे पर एक हफ़्ते से भूख हड़ताल पर बैठी 80 छात्राओं ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है.
इनमें से 13 छात्राएं आमरण अनशन पर थीं. हरियाणा की सरकार ने इन छात्राओं को आश्वासन दिया है कि उनके स्कूल का 'अपग्रेडेशन' कर दिया जाएगा.
राज्य के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, "हमारे विभाग ने स्कूल के 'अपग्रेडशन' का नोटिस जारी कर दिया है और इसकी एक प्रति अनशन पर बैठीं छात्राओं को भी दी गई है."
गांव के सरपंच सुरेश चौहान ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया, "जो 13 लड़कियां अनशन पर थीं, उन्होंने भूख हड़ताल ख़त्म कर दी है. वो ख़ुश हैं कि अब हमारे गांव का स्कूल दर्जा 12 तक हो जाएगा."

छात्राओं का कहना था कि खोल ब्लॉक के गांव गोठड़ा टप्पा डहिना में स्थित उनका स्कूल सिर्फ दसवीं क्लास तक है और 12वीं की पढ़ाई के लिए उन्हें तीन किलोमीटर दूर कंवाली गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल जाना पड़ता था.
सरकार ने मांगी मांग
उनका आरोप है कि स्कूल जाने के रास्ते में उनसे छेड़छाड़ होती है जिसकी वजह से उन्होंने स्कूल जाना बंद कर दिया है.
उनका ये भी कहना था कि अपने ही गांव के स्कूल के 'अपग्रेडेशन' की मांग को लेकर वो अनशन पर बैठ गई थीं.
छात्राओं के आंदोलन ख़त्म करने के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री का कहना है कि सिर्फ रेवाड़ी का स्कूल ही नहीं, सरकार ने कई और दसवीं तक के स्कूलों के भी 'अपग्रेडेशन' का फैसला लिया है.
इसके अलावा राज्य सरकार ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को स्कूल और कालेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है.
बुधवार को छात्राओं के मामले को लेकर शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की बैठक मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई थी. इस बैठक में राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे.

शिक्षा मंत्री ने कहा, "हमारे लिए बच्चियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. हमने निर्देश दिए हैं कि हर शैक्षणिक संस्थान के पास महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती हो ताकि मनचले स्कूल या कालेज जा रही लड़कियों के साथ छेड़छाड़ ना कर सकें."
पछले कुछ दिनों से हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस चल रही है.
गुड़गांव और रोहतक में हुई बलात्कार की घटनाओं के बाद राज्य के पुलिस प्रशासन की आलोचना हो रही है.
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