कंधे पर बच्चे की लाश लेकर भटकता रहा मज़दूर

इमेज स्रोत, Dinesh Shakya
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, लखनऊ से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य गायों के लिए एंबुलेंस सेवा की शुरुआत कर रहे थे. उसी समय वहां से क़रीब तीन सौ किलोमीटर दूर इटावा में एंबुलेंस न मिलने के कारण एक व्यक्ति अपने पंद्रह साल के बच्चे के शव को कंधे पर लादकर जा रहा था.
घटना सोमवार की है जब उदयवीर सिंह नामक एक व्यक्ति अपने बीमार बेटे पुष्पेंद्र को गंभीर हालत में उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में लाया था.
इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने बताया कि बच्चे की मौत हो चुकी और अब उसे इलाज की ज़रूरत नहीं है.

इमेज स्रोत, Dinesh Shakya
बच्चे के पिता उदयवीर ने वहां मौजूद कुछ पत्रकारों को बताया, "सिर्फ़ पांच मिनट में डॉक्टर ने देखकर कहा कि बच्चा मर चुका है और इसे ले जाओ. अस्पताल वालों ने न तो कोई साधन दिया और न ही कुछ बताया. फिर मैं उसे अपने कंधे पर लेकर अस्पताल से घर लेकर गया क्योंकि मेरे पास गाड़ी करने के लिए पैसे भी नहीं थे."

इमेज स्रोत, Dinesh Shakya
इस बारे में जब इटावा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राजीव यादव से बात की गई तो उनका कहना था, "दरअसल, उसी समय सड़क हादसे में घायल कई लोग अस्पताल में आ गए और शायद यही वजह हो कि मृत बच्चे को शव वाहन न मिल सका हो, लेकिन ये बेहद शर्मनाक है."
उन्होंने कहा, "ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है."
हालांकि डॉक्टर राजीव यादव का ये भी कहना था कि इस बात की भी जानकारी ली जाएगी कि उदयवीर ने एंबुलेंस की मांग की थी या नहीं.

इमेज स्रोत, Dinesh Shakya
स्थानीय पत्रकार दिनेश शाक्य के मुताबिक जिस वक़्त उदयवीर रोते हुए अपने मृत बच्चे को अस्पताल से लेकर बाहर जा रहा था उसी वक़्त किसी ने उसे कैमरे पर क़ैद कर लिया. फिर इस तस्वीर के सोशल मीडिया में आने के बाद लोगों को इसके बारे में पता चला.
दिनेश शाक्य बताते हैं, "वैसे तो इटावा के सरकारी अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं हैं, मरीजों और मृतकों के शव के लिए विशेष वाहन की सुविधा के भी बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन इस घटना ने इन सारे दावों की पोल खोल दी है."

इमेज स्रोत, Keshav Prasad Maurya, Facebook
बहरहाल, मामले की जांच की जा रही है और ख़ुद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा है कि दोषी पाए जाने पर डॉक्टर के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन मज़दूर दिवस के दिन एक मज़दूर की इस बेबसी ने न सिर्फ़ व्यवस्था पर बल्कि मानवता पर भी सवाल खड़े किए हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)












