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नोटबंदी : इंदौर कलेक्टर का अटपटा आदेश
मोदी सरकार के नोटबंदी के फ़ैसले के ख़िलाफ़ भले ही सारा विपक्ष एक साथ खड़ा हो और संसद में काम ठप्प है लेकिन इस बीच मध्यप्रदेश में इंदौर के कलेक्टर ने एक अजीब ही फ़रमान जारी किया है.
ज़िलाधिकारी पी नरहरि ने 14 नवंबर को एक आधिकारिक आदेश जारी कहा है, ''पुराने नोट को बदलने और या उसके संबंध में किसी भी आपत्तिजनक अथवा उद्वेलित करने वाली फ़ोटो, मैसेज करने पर एवं उनको फ़ॉर्वर्ड करने पर, व्हाट्सऐप, ट्विटर, फ़ेसबुक इत्यादि सोशल मीडिया पर करने से, पोस्ट पर कमेंट करने की गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाता है.''
ज़िला कलेक्टर के अनुसार ये आदेश 15 नवंबर, 2016 से लेकर 12 जनवरी 2017 तक लागू रहेगा.
बयान में कहा गया है कि शांति बनाए रखने के कारण ऐसा किया गया है.
बीबीसी संवाददाता संदीप सोनी ने जब ज़िलाधिकारी पी नरहरि से बात की तो उन्होंने इस पर सफ़ाई देते हुए कहा कि अफ़वाह फैलाने वालों को देखते हुए ऐसा आदेश जारी किया गया है.
लेकिन ये पूछे जाने पर कि क्या ये मुद्दा इतना गंभीर था कि ज़िला प्रशासन को इस तरह का आदेश जारी करना पड़ा, इस पर उनका जवाब था, ''इससे पहले पिछले साल एक अफ़वाह पर हज़ारों लोग जमा हो गए थे और क़ानून-व्यवस्था का मसला बन गया था. इसीलिए इस तरह का आदेश जारी किया गया है.''
उन्होंने कहा कि नोटबंदी के संबंध में जिसको जो लिखना है सोशल मीडिया पर लिखे, लेकिन अपुष्ट तथ्यों को लिखने या प्रसारित करने की इजाज़त नहीं दी सकती है.
उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह के आदेश के ख़िलाफ़ पहले भी लोग अदालत में गए हैं लेकिन अदालत ने उन आदेशों को सही ठहराया है.
हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि इस संबंध में अभी तक किसी के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं हुई है.