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मंगलवार, 01 जुलाई, 2008 को 13:50 GMT तक के समाचार
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'फ़िल्म चुनने के लिए ज़रूरी है अच्छी स्क्रिप्ट'
आमिर ख़ान
आमिर ख़ान 'जाने तू या जाने ना' में नज़र नहीं आएँगे
आमिर ख़ान का कहना है कि किसी भी फिल्म को निर्देशित करना या उसमें अभिनय करना इस बात पर निर्भर करता है कि उस फिल्म की स्क्रिप्ट कैसी है.

आमिर इन दिनों अपने भांजे इमरान की फिल्म 'जाने तू या जाने ना' के प्रचार में जोर शोर से लगे हुए हैं. ये फिल्म आमिर खान प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनाई गई है. ये फिल्म इसी हफ्ते सिनेमाघरों तक पहुँच रही है.

बीबीसी संवाददाता दुर्गेश उपाध्याय ने आमिर से एक लंबी बातचीत की—

'जाने तू या जाने ना' से आपके भांजे इमरान फिल्मी दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, इस बात को लेकर कितने उत्साहित हैं आप.

एक प्रोड्यूसर के तौर पर मैं काफी खुश हूँ, जिस तरह से ये फिल्म बनी है. इमरान के काम से खुश हूँ,फिल्म में सारे कलाकार नए हैं सबने बहुत अच्छा काम किया है. अब मैं इंतजार कर रहा हूं कि जल्द से ये फिल्म दर्शकों तक पहुँचे.

फिल्म के प्रचार में आप काफी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. ये बताइए कि आपने जब ये फिल्म देखी है, आपको कैसी लगी.

प्रोड्यूसर के तौर पर ये मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं अपनी फिल्म का प्रमोशन अच्छे ढ़ंग से करूं. जिस कास्ट ने ये फिल्म बनाई है उसको मैं एक अच्छी से अच्छी रीलिज दे पाऊं. ये एक हल्की-फुल्की रोमांटिक फिल्म है. फिल्म के डायरेक्टर अब्बास टायरवाला ने एक अच्छी स्क्रिप्ट लिखी है उन्होंने इससे पहले कई सफल फिल्में लिखी हैं. इस बार भी उन्होंने एक अच्छी स्क्रिप्ट लिखी है और उसे डायरेक्ट भी अच्छे ढंग से किया है.

मैं ये चाहता हूं कि जिस तरह से पिछले सालों में मैंने अपनी एक्टिंग के ज़रिए अपनी एक साख बनाई है उसी तरह से मैं एक प्रोड्यूसर के तौर पर भी अपनी एक जगह बना पाऊँ

ये मेरे लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, ऐसा पहली बार है कि आमिर ख़ान प्रोडक्शंस की किसी फ़िल्म में मैं ख़ुद मौजूद नहीं हूँ. मैं ये चाहता हूं कि जिस तरह से पिछले सालों में मैंने अपनी एक्टिंग के ज़रिए अपनी एक साख बनाई है उसी तरह से मैं एक प्रोड्यूसर के तौर पर भी अपनी एक जगह बना पाऊँ और लोगों को लगे कि अगर आमिर ने बनाई है तो अच्छी बनाई होगी.

आपके लिए किसी भी स्क्रिप्ट में क्या जरुरी है ताकि आप उसमें एक्टिंग करने या उसे निर्देशन करने के लिए राज़ी हों.

स्क्रिप्ट ऐसी होनी चाहिए कि वो मेरे दिल को छुए, जो मुझे हंसाए-रुलाए जब भी मैं कोई स्क्रिप्ट सुनता हूँ तो उसे आम आदमी की नजर से देखता हूं और मेरे लिए ये बहुत जरुरी है कि अगर मुझे कोई फिल्म आडिएंस के लिहाज से पसंद आती है तभी मैं उससे जुड़ना पसंद करता हूं.

इस फिल्म से मंसूर ख़ान की वर्षों बाद वापसी हो रही है. आप से जानना चाहेंगे कि कैसे राजी किया आपने उन्हें.

जिस वक़्त 'जाने तू' की शुरुआत हुई ठीक उसी वक्त मैं अपनी फिल्म 'तारे ज़मीन पर' के निर्माण में व्यस्त था. ऐसे में मेरे पास इतना वक़्त नहीं था कि मैं 'जाने तू' की तरफ ध्यान दे पाता.
मैंने मंसूर से निवेदन किया कि वो आएँ वो और प्रोड्यूसर की ज़िम्मेदारी संभालें. मैं चाहता था कि इसी बहाने मंसूर एक बार फिर से फिल्मों से वापस लौटेंगे.

कई लोगों का मानना है कि 'जाने तू'लोगों को आपकी पहली फ़िल्म 'क़यामत से क़यामत तक' की याद दिलाएगी, लोग कह रहे हैं कि इमरान की शक्ल में यंग आमिर की एक बार फिर से पर्दे पर वापसी हो रही है.

देखिए, दोनों फिल्में बिल्कुल अलग हैं. हां, दोनों में युवाओं की कहानी है, रोमांटिक फिल्म भी है लेकिन दोनों के प्लॉट्स में काफी फर्क है.

 स्क्रिप्ट ऐसी होनी चाहिए कि वो मेरे दिल को छुए, जो मुझे हंसाए-रुलाए जब भी मैं कोई स्क्रिप्ट सुनता हूँ तो उसे आम आदमी की नजर से देखता हूं और मेरे लिए ये बहुत जरुरी है

इतना जरुर है कि इमरान और मुझमें कुछ समानताएं हैं और ऐसा हमारे रिश्ते की वजह से हो सकता है. लेकिन इमरान की अपनी स्टाइल है, जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है कि शायद इमरान ने 'जाने तू' में 'क़यामत से क़यामत तक' के मेरे अभिनय से बेहतर काम किया है जिससे मैं बेहद ख़ुश हूँ.

इस फिल्म के निर्माण में आपकी कोई क्रिएटिव दखलंदाज़ी भी थी.

जी नहीं, (हँसते हुए) जब फिल्म की एडिंटिंग शुरु हुई तब तक 'तारे ज़मीन पर' पूरी हो चुकी थी तो मैंने इसमें हिस्सा लिया, लेकिन ये सारा काम अब्बास ने किया है. इतना जरुर है कि मैं बीच-बीच में कुछ सलाह जरुर दिया करता था लेकिन ये पूरी तरह से अब्बास की फिल्म है. एक प्रोड्यूसर के तौर पर हमने कोशिश की है कि अब्बास को पूरा सहयोग दे सकें.

अब्बास टायरवाला ने इससे पहले कई अच्छी फिल्में लिखी हैं लेकिन ये पहली बार है कि उन्होंने कोई फिल्म डायरेक्ट की है. क्या कहना चाहेंगे उनके बारे में?

मुझे अब्बास का काम बहुत अच्छा लगा. एक डायरेक्टर की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी होती है कि जैसी स्क्रिप्ट है, ठीक वैसी ही फिल्म बनाए और मुझे लगता है कि अब्बास ने अपनी ज़िम्मेदारी बखूबी निभाई है.

कहा जा रहा है कि फ़िल्म आमिर के शुरूआती दिनों की याद दिलाएगी

मैं इस बात का खास ध्यान रखता हूँ कि जिस चीज़ पर मेरा नाम जाए वो चीज लोगों को पसंद आनी चाहिए और मुझे खुशी है कि अब्बास ने जैसी फिल्म बनाई है उसे देखकर मुझे ये कहने में कोई हिचक नहीं है कि ये मेरी फ़िल्म है.

इस फिल्म का म्यूज़िक काफी पसंद किया जा रहा है, आप क्या कहना चाहेंगे आप म्यूज़िक के बारे में.

काफी लंबे समय बाद एआर रहमान ने एक लाइट म्यूजिक दिया है जो कहानी के साथ चलता है, मुझे बड़ी खुशी है कि लोग इस फिल्म का संगीत काफी पसंद कर रहे हैं.

हर फिल्म के साथ आपका लुक बदल जाता है. इसके पीछे क्या सोच है?

मैं जो भी फिल्म मैं करता हूं उसी हिसाब से मेरा काम करने का तरीका और लुक भी बदलता है. मैं एक समय पर एक ही फिल्म करता हूं तो मेरे पास पूरा वक़्त होता है कि मैं अपने इस लुक को कायम रख सकूँ. ये जो मेरा आप लुक देख रहे हैं वो मेरी अगली फिल्म 'गजनी' के लिए है. ये फिल्म एक तमिल फिल्म की रीमेक है और इसके डाइरेक्टर मुर्गदास और तमिल में 'गजनी' में मुख्य भूमिका निभाई है उन्होंने ये लुक तय किया था. जब मैंने तमिल फिल्म देखी तो मुझे ये लुक काफी पसंद आया और मैने वैसा ही किया तो इस बार मैं ये कह सकता हूं कि इसमें मेरा कोई रोल नहीं है.

सुनने में आ रहा है कि आप इस फिल्म का एक शानदार प्रीमियर करने वाले हैं जिसमें अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान को भी आपने न्यौता दिया है.

हाँ, ये बात सही है कि हम 'जाने तू' के लिए एक अच्छी प्रीमियर पार्टी रखने वाले हैं. इसमें इंडस्ट्री के मेरे सारे सीनियर्स को भी मैने बुलाया है. अमित जी से निवेदन किया है. शाहरुख, सलमान, अजय देवगन और कई लोगों को बुलाया है.

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