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बॉलीवुड अभिनेताओं के बीच 'ब्लॉग युद्ध' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जिस देश में फ़िल्मी सितारों को भगवान के समान प्रतिष्ठा दी जाती है वहाँ ब्लॉग के ज़रिए एक-दूसरे पर भड़ास निकालने की क़वायद को उनके कुछ प्रशंसक अच्छा नहीं कह रहे हैं. मुबंई फ़िल्मों के कुछ अभिनेता आजकल ब्लॉगिंग में मशगूल हैं और उनके बीच इसके ज़रिए वाक् युद्ध भी जोरों पर है. हाल के कुछ ब्लॉग पोस्ट में दो अभिनेताओं ने बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख़ ख़ान के ऊपर कुछ ऐसी टिप्पणी की है जिससे उनके प्रशंसक ख़ासा नाराज़ हैं. बॉलीवुड के शंहशाह अमिताभ बच्चन ने पहले अपने ब्लॉग में शाहरुख़ ख़ान के एक नए 'टेलीविज़न क्विज़ शो' को फ़्लॉप कहा लेकिन अब वह कह रहे हैं कि मीडिया ने उनके विचारो को ठीक से नहीं समझा. हाल के अपने ब्लॉग पोस्ट में उन्होंने लिखा, "शाहरुख़ बहुत पुराने मित्र और एक अच्छे सहकर्मी हैं. उन्होंने कभी भी कोई अभद्रता नहीं दिखाई है." उन्होंने लिखा है, "यदि शाहरुख़ के मन में मेरे व्यवहार के बारे मे थोड़ा भी शक है तो मैं उनसे सैकड़ों बार माफ़ी माँग लूँगा." कुछ दिनों पहले ही आमिर ख़ान ने अपने ब्लॉग में अपने एक कुत्ते का जिक्र किया था जिसका नाम शाहरुख़ है. उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा, "शाहरुख़ मेरे घर की देखभाल करने वाले के कुत्ते का नाम है. जब मैं ने यह घर ख़रीदा तो देखभाल करने वाले के साथ यह कुत्ता भी आ गया." टिप्पणी की आलोचना उनकी इस टिप्पणी की बाद में काफ़ी आलोचना भी हुई थी जिसके बाद आमिर ने शाहरुख़ से माफ़ी माँग ली है. ये माफ़ी उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान मांगी. आमिर ने कहा कि शाहरुख़ उनके बहुत अच्छे दोस्त हैं और उनका इरादा बिल्कुल उनका अपमान करने का नहीं था. इस मसले को शाहरुख़ ख़ान ने हँस कर टाल दिया. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उनके पास ब्लॉग लिखने की फ़ुरसत नहीं है. लेकिन सवाल उठता है कि आख़िरकार फ़िल्म अभिनेताओं को ब्लॉगिंग की क्यों सूझी? अपने ब्लॉग में वे और किन चीज़ों की बात करते हैं. आमिताभ कहते हैं, "मुझे इस माध्यम के बारे में पता नहीं था. मैं ने इसके बारे में मीडिया में पढ़ा और फिर ब्लॉगिंग के बारे में सीखा." ब्लॉग के प्रति प्रतिबद्धता
बच्चन कहते हैं कि उन्हें जब भी फ़ुरसत मिलता है वे ब्लॉगिंग करते हैं. वे कहते हैं, "मैंने ब्लॉग के लिए कोई अलग से समय निर्धारित नहीं कर रखा है. इसे मैं अपनी प्रतिबद्धता के तौर पर लेता हूँ." हाल के अपने पोस्ट पर उन्होंने कान फ़िल्म समारोह के बारे में लिखा है और दुख व्यक्त किया है कि भारत की ओर से समारोह में किसी फ़िल्म का प्रतिनिधित्व नहीं है. वह मुबंई के एक अख़बार में छपी इस ख़बर का खंडन करते हैं कि उन्हें ब्लॉगिंग के लिए मोटी रक़म मिली है. वे कहते हैं कि हाल ही में राजस्थान के जयपुर में हुए बम विस्फोट की निंदा उन्होंने अपने ब्लॉग में की, जब उन्हें एक पाठक ने इस घटना की ओर उनकी उदासीनता का इशारा किया. आमिर ख़ान ने अपने ब्लॉग पोस्ट में लिखा है कि क्यों दिल्ली में हुई ओलंपिक मशाल दौड़ में उन्होंने हिस्सेदारी की जबकि उनकी संवेदना तिब्बत की आज़ादी के लिए विरोध प्रदर्शन करने वालों के साथ है. फ़िल्म निर्देशक अनुराग कश्यप कहते हैं, "यह भविष्य है. इसके माध्यम से आप ख़ुद को व्यक्त कर सकते हैं. अपनी बात लोगों तक पहुँचा सकते हैं. इसी वजह से मैं ने ब्लॉग पर लिखना शुरु किया. " लेखक अनिल धारकर कहते हैं, "पहले अभिनेताओं को अपनी बात के लिए पत्रकारों पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन ब्लॉग पर अपनी बात कहने की उन्हें पूरी आज़ादी रहती है. वे चाहे तो अपनी बात पर स्पष्टीकरण दे सकते हैं या दूसरे लोगों से झगड़े निबटा सकते हैं." |
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