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वडोदरा में 'तारे ज़मीं पर' का विरोध | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बतौर निर्देशक आमिर ख़ान की पहली फ़िल्म तारे ज़मीं पर शुक्रवार को पूरे भारत में रिलीज़ हो गई है. लेकिन वडोदरा के एक मल्टीप्लेक्स में फ़िल्म पर पाबंदी लगा दी गई है. कारण, आमिर ख़ान का क़रीब डेढ़ साल पहले नर्मदा बचाओ आंदोलन के पक्ष में बोलना. आमिर की पिछली फ़िल्म फ़ना को भी गुजरात में इसी तरह के विरोध का सामना करना पड़ा था. हालाँकि इस बार विरोध पूरे गुजरात में नहीं है. वडोदरा में एक मल्टीप्लेक्स के बाहर अपने को सरदार पटेल ग्रुप का सदस्य कहने वाले लोगों ने आमिर ख़ान के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की. उन्होंने फ़िल्म तारे ज़मीं पर के पोस्टर फाड़ डाले. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आमिर ख़ान नर्मदा बचाओ आंदोलन के पक्ष में बोलने के कारण माफ़ी मांगें. प्रदर्शन प्रदर्शनकारियों ने वडोदरा के पीवीआर सिनेमा कॉम्प्लेक्स में जाकर भी फ़िल्म के पोस्टर फाड़ डाले.
प्रदर्शनकारियों ने पूरे गुजरात के सिनेमाघर मालिकों को चेतावनी दी है कि वे आमिर ख़ान की इस फ़िल्म को अपने यहाँ ना दिखाएँ. लेकिन गुजरात मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने धमकी के बावजूद तारे ज़मीं पर दिखाने का फ़ैसला किया है. पिछले साल भी आमिर ख़ान की फ़िल्म फ़ना गुजरात में नहीं दिखाई गई थी. हालाँकि फ़िल्म हिट रही थी और मल्टीप्लेक्स वालों को काफ़ी घाटा हुआ था. | इससे जुड़ी ख़बरें आज दर्शकों के बीच 'तारे ज़मीन पर'21 दिसंबर, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस आमिर और उनके भाई के बीच विवाद31 अक्तूबर, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस लगान ने लगाया एक और 'छक्का'27 जुलाई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'कजरी' पर आमिर ख़ान को नोटिस25 मई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस इस समय एकजुटता ज़रूरी है: आमिर ख़ान13 जुलाई, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस आख़िर गुजरात में फ़ना प्रदर्शित06 जून, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस महेश भट्ट की याचिका ख़ारिज05 जून, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'आमिर ख़ान या फ़ना से बड़ा है मुद्दा'04 जून, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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