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सुबह की पिक्चर और किंग ख़ान से भेंट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कहते हैं जीवन में कब कोई नया काम हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. मेरे जीवन में भी इस शुक्रवार दो नए काम हुए. पहला, शाहरुख़ ख़ान को बाक़ायदा आमने-सामने देखा. और दूसरा, ज़िंदगी में पहली बार कोई फ़िल्म सिनेमा हॉल में सुबह दस बजे देखी. ओम शांति ओम की रिलीज़ से पहले संवाददाता सम्मेलन और फिर पत्रकारों के लिए फ़िल्म की स्क्रीनिंग सुबह दस बजे ही रखी गई थी. लंदन में भी भारतीय पत्रकारों का अच्छा ख़ासा जमावड़ा है. साथ ही कुछ गोरे पत्रकार भी थे. शाहरुख़ को ऐसे थोड़े ही किंग ख़ान कहा जाता है. उनके चाहने वाले हर रंग, नस्ल और राष्ट्रीयता के हैं. लेस्टर एस्क्वॉयर के एंपायर सिनेमाहॉल में पहले फ़िल्म दिखाई गई. कुछ विसंगतियों को छोड़ दें तो अच्छा ख़ासा मनोरंजन करती है यह फ़िल्म.
शाहरुख़ तो ज़ाहिर है पूरी फ़िल्म में छाए हुए ही थे, नई अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने भी ख़ासा प्रभावित किया. अर्जुन रामपाल और श्रेयास तलपड़े की भी काफ़ी बड़ी भूमिकाएँ हैं और उन्होंने अपने किरदारों को बख़ूबी निभाया. फ़िल्म की हाइलाइट था नौ मिनट लंबा एक गीत जिसमें 30 बड़े कलाकारों को एक साथ देखना एक सुखद अनुभव था. फ़िल्म में कॉमेडी भी है, ट्रेजेडी भी. सस्पेंस भी और ऐक्शन भी. यानी, फ़राह ख़ान की इस फ़िल्म में दर्शकों को खींचने की सारी ख़ूबियाँ मौजूद हैं. फ़िल्म के ख़त्म होने पर संवाददाता सम्मेलन का आयोजन था जिसमें सभी अहम पात्र मौजूद थे. ज़्यादातर सवाल ज़ाहिर है शाहरुख़ से पूछे गए. दीपिका अपने सवालों का नपातुला जवाब दे कर ख़ामोश हो जातीं और फिर शाहरुख़ ही उसे पूरा करते. इक्कादुक्का सवाल अर्जुन और श्रेयास से भी हुए. शाहरुख़ ख़ान माहौल को हलका फुलका बनाने और अपनी हाज़िरजवाबी के लिए मशहूर हैं. किसी ने उनसे पूछा कि ओम शांति ओम के लिए उन्होंने बॉडी बिल्डिंग की तो है क्या किसी अन्य फ़िल्म के लिए अगर उन्हें मोटा होना पड़ा तो वह वज़न भी बढ़ा लेंगे. सवाल पूछने वाली महिला पत्रकार से शाहरुख़ का कहना था, "मैं आपको जैसे अच्छा लगूँगा वैसा ही बनने की कोशिश करूँगा. आप कह कर तो देखिए". शाहरुख़ से पूछा गया कि उनका ड्रीम रोल क्या है यानी ऐसी भूमिका जिसे करने की वह कामना करते हैं. शाहरुख़ ने कहा, "मैं इस समय जहाँ हूँ वहाँ कोई ड्रीम रोल नही होता. आज मुझे कोई भी भूमिका मिले मैं उसे ही बेहतरीन बनाने की कोशिश करूँगा". उनसे जब पूछा गया कि सांवरिया भी उसी दिन रिलीज़ हो रही जब ओम शांति ओम तो क्या वह घबराए हुए नहीं हैं, तो उनका कहना था कि वह इस बात को जानते हैं कि वह जो कुछ करेंगे वही सर्वश्रेष्ठ होगा, उसके अलावा कुछ नहीं. शाहरुख़ ने कहा, "वैसे मेरी शुभकामनाएँ उनके साथ हैं-उन्हें इसकी ज़रूरत भी है". |
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