|
हैरी पॉटर की आख़िरी किताब बाज़ार में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आख़िरकार दुनिया भर में हैरी पॉटर के प्रशंसकों को हैरी पॉटर का नया उपन्यास मिल गया और अब दुनिया भर के पाठक हैरी पॉटर को लेकर अपनी उत्सुकता शांत कर रहे हैं. पुस्तक की पहली प्रतियाँ लंदन के समय के अनुसार आधी रात के बाद जारी की गईं जब इस पुस्तक की लेखिका जेके रोलिंग ने हैरी पॉटर के पाँच सौ प्रशंसकों के बीच किताब के एक हिस्से को पढ़कर सुनाया. उधर भारत में भी हैरी पॉटर सिरीज़ का अंतिम उपन्यास 'हैरी पॉटर एंड द डेथली हैलोज़' शनिवार सुबह से बाज़ार में उपलब्ध हो गया. इस पुस्तक की लाखों प्रतियाँ प्रकाशन से पहले ही बुक की जा चुकी थीं और आने वाले दिनों में इसकी अच्छी ख़ासी बिक्री होने का अनुमान है. भारत में ही इसकी दो लाख 40 हज़ार प्रतियाँ समय से पहले बुक हो चुकी हैं. एक दशक पहले हैरी पॉटर सिरीज़ की किताबों का प्रकाशन शुरु हुआ था और तब से अब तक इसकी 32 करोड़ से भी ज़्यादा प्रतियाँ बिक चुकी हैं. इस उपन्यास के प्रकाशन से पहले रोलिंग ने कहा था कि जैसे जैसे प्रकाशन का समय पास आता जा रहा है उनके भीतर रोमाँच और राहत की मिलीजुली भावनाएँ उभर रही हैं. उन्होंने अपनी वेबसाइट पर लिखा, "अब तक जो राज़ मैं अपने साथ लिए घूम रही थी वह सब अब आपके भी हैं." दरअसल, हर कोई जानना चाहता था कि हैरी पॉटर का चरित्र ज़िंदा रहेगा या नहीं. दीवानगी का आलम पूरी दुनिया में हैरी पॉटर के हज़ारों प्रशंसक आधी रात से किताब की ब्रिक्री शुरु होने का इंतज़ार करते किताब दुकानों के बाहर खड़े हुए थे.
सेंट्रल लंदन में एक किताब दुकान के बाहर कोई पाँच हज़ार लोग खड़े हुए थे. इनमें से कई हैरी पॉटर किताब के पात्रों की तरह जादूगरों की तरह के कपड़े पहने हुए थे. हांगकांग में किताब दुकानों के कर्मचारी ही जादूगरों की तरह कपडे पहनकर शहरों में घूमते रहे. भारत में पुस्तक की ख़रीदी पर कहीं हैरी पॉटर की तरह चश्मे मुफ़्त दिए गए तो ताईवान में जादुई नाश्ते का प्रावधान किया गया था. बांग्लादेश में शुक्रवार को छुट्टी का दिन होता है लेकिन किताब को समय पर पहुँचाने के लिए किताब दुकानों के कर्मचारी काम करते रहे. न्यूयॉर्क में पुस्तक के प्रकाशन के लिए ख़ास तैयारियाँ की गई हैं और कहा गया है कि वहाँ लोग अपने चेहरों को रंगवाकर और जादूगरों की तरह कपड़े पहनकर जश्न मनाने जा रहे हैं. बैंकाक में पूरी रात हैरी पॉटर की फ़िल्म दिखाई जाती रही. निराशा लेखिका जेके रोलिंग ने चेतावनी दी है कि कुछ पाठकों के लिए यह पुस्तक निराश करने वाली हो सकती है.
एक पाठिक ने जब लेखिका से पूछा कि क्या उसे इस किताब को पढ़कर रोना पड़ेगा, तो लेखिका ने पलटकर उससे पूछा कि क्या इससे पहले हैरी पॉटर की किताब पढ़कर उसे रोना आया है. पाठिका का जवाब था, "हाँ, जब डम्बलडोर की मौत हुई थी." इस पर जेके रोलिंग ने कहा, "तो तुम्हें इस किताब को पढ़ते हुए भी शायद रोना आएगा." उल्लेखनीय है कि इस किताब को एक साथ 93 देशों में प्रकाशित किया गया है. इसका हिंदी और ब्रेल सहित कई भाषाओं में अनुवाद किया गया है. अकेले अमरीका के लिए एक करोड़ 20 लाख प्रतियाँ प्रकाशित की गई हैं. |
इससे जुड़ी ख़बरें हैरी पॉटर की नई फ़िल्म सिनेमाघरों में11 जुलाई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'हैरी पॉटर' को बचाने के लिए अभियान09 जुलाई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस हैरी पॉटर थीम पार्क की तैयारी31 मई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस हैरी पॉटर पाँचवीं सबसे कमाऊ फ़िल्म25 फ़रवरी, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस अंतरिक्ष में हैरी पॉटर फ़िल्म का प्रदर्शन24 नवंबर, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'द गॉब्लेट ऑफ़ फ़ायर' की धूम21 नवंबर, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'हैरी पॉटर एंड द हाफ़ ब्लड प्रिंस'30 जून, 2004 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||