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लेस्टर बना ब्रिटेन का 'करी कैपिटल' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंग्लैंड के मिडलैंड का शहर लेस्टर 'करी कैपिटल ऑफ़ ब्रिटेन' का ख़िताब जीतने में कामयाब हो गया है. इस ख़िताब के लिए 13 जजों को ख़ुश करना पड़ा, और उन्हें खुश करना आसान नहीं था क्योंकि रेस्तराँ चलाने वालों से यह बात गुप्त रखी गई कि जज कौन हैं. इस ख़िताब को काफ़ी विश्वसनीय और प्रतिष्ठित माना जाता है और इसके लिए ब्रिटेन के 16 शहरों के बीच होड़ थी. चयन समिति के अधिकारियों का कहना है कि अच्छा खाना और अच्छा माहौल होने की वजह से लेस्टर को इस ख़िताब के लिए चुना गया. ख़िताब के संयोजक पीटर ग्रोव कहते हैं, "खाने की क्वालिटी बहुत अच्छी थी, हमें लगा कि लेस्टर ही ख़िताब का सच्चा हक़दार है." कड़ा मुक़ाबला लेस्टर को स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो और पड़ोसी नगर बर्मिंघम से कड़ी टक्कर मिली, बर्मिंघम को यह ख़िताब 2005 में मिला था जबकि पिछले वर्ष ग्लासगो ने बाज़ी मारी थी. लेस्टर में रेस्तराँओं के मालिक और पर्यटन से जुड़े लोग इस घोषणा से काफ़ी ख़ुश हैं और उनका मानना है कि इससे बड़ी संख्या में लोग शहर की ओर आकर्षित होंगे. लिटिल इंडिया नाम का रेस्तराँ चलाने वाले सैयद रहमान कहते हैं कि इस घोषणा से वे बहुत ख़ुश हैं. वे कहते हैं, "मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि आख़िरकार इतने वर्षों के बाद हमारे शहर में बनने वाली बेहतरीन करी को उसकी पहचान मिली है." रहमान कहते हैं, "लेस्टर में बहुत विविधता है और यहाँ खाना खाने वाले ग्राहक हमेशा से हमारे खानों के ज़ायके की तारीफ़ करते रहे हैं. दूसरे शहरों के मुक़ाबले यहाँ खाना बहुत अच्छा है." लेस्टर में देसी खाने के शौक़ीन भी इस बात से ख़ुश हैं कि उनके शहर को यह सम्मान मिला है. मार्कस विंडर करी के दीवाने हैं और कहते हैं, "मैं ब्रिटेन में लगभग हर जगह जा चुका हूँ लेकिन लेस्टर की करी का कोई मुकाबला नहीं है." करी की एक और प्रशंसक कैरोलाइन हेज़ कहती हैं, "यह तो बहुत अच्छी बात है, हम अब ज़ोर-शोर से अपने शहर की करी का गुणगान कर सकते हैं." ब्रिटेन में भारतीय खाना बहुत लोकप्रिय है, करी हाऊस और तंदूरी हाऊस जैसे रेस्तराँ हर शहर के कोने-कोने में दिखाई देते हैं. |
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