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खीर जलेबी में 'चीनी कम' नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़िल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन और तब्बू अभिनित फ़िल्म चीनी कम इन दिनों ख़ासी चर्चा है. मंगलवार शाम लंदन में चीनी कम की स्क्रीनिंग हुई जिसमें अमिताभ बच्चन, परेश रावल और फ़िल्म के निर्देशक आर बालाकृष्णन पहुँचे. चीनी कम की कहानी 64 वर्ष के पुरुष, 34 वर्ष की लड़की और उनके बीच प्रेम संबंध की है. स्क्रीनिंग में आए अमिताभ बच्चन ने अपने किरदार और फ़िल्म पर बात की और साथ ही अपने पसंदीदा मिष्ठान की भी. बात चाहे निशब्द की हो या चीनी कम- दोनों में ही अमिताभ बच्चन की भूमिका लीक से हट कर है. तो क्या इस तरह के रोल स्वीकार करने से पहले अमिताभ बच्चन को ये नहीं लगा कि लोग उन्हें इस रूप में स्वीकार करेंगे या नहीं. अमिताभ बच्चन ने इस बारे में कहा, " फ़िल्म में मेरा किरदार ऐसा है कि मैं शादी-शुदा नहीं हूँ, न ही लड़की शादी-शुदा है. अगर दो लोग, कनसेंटिंग एडल्टस, अपनी मर्ज़ी से एक दूसरे से प्यार करना चाहते हैं और जीवन साथ बिताना चाहते हैं तो इसमें क्या बुराई है.भारत में गाँवों में तो ये प्रथा आम है कि बड़ी उम्र का पुरुष कम उम्र की लड़की से शादी करता है. " वैसे कम उम्र की हीरोइनों के साथ फ़िल्म करने के सवाल पर वे अपने ऊपर ही चुटकी लेने से भी नहीं चूके. अमिताभ बच्चन का कहना था, "मेरे लिए और कोई चारा ही नहीं है. मेरी उम्र हो गई है 65 साल की. 65 साल की उम्र में काम मिलना मुश्किल हो गया है. मैं तो धन्यवाद देना चाहता हूँ निर्देशक और निर्माता का कि उन्होंने मेरे लिए नौकरी ढूँढी. सो मुझे लगा कि नौकरी मिल रही है तो उसे बचाना है." 'निशब्द से अलग' कम उम्र की लड़की और बड़ी उम्र का पुरुष-ज़ाहिर है ये विषय सुनते ही अमिताभ बच्चन की हाल में आई फ़िल्म निशब्द ज़हन में ज़रूर आती है. लेकिन निर्देशक आर बालाकृष्णन का कहना है कि उनकी फ़िल्म के किरदारों को बिल्कुल अलग तरीके से दर्शाया गया है. उनका कहना है, "हमने ये फ़िल्म करीब दो-ढाई साल पहले शुरू की थी. अगर आपने निशब्द देखी है तो ये बड़ी गंभीर फ़िल्म है. चीनी कम एक कॉमेडी है. दोनों में कोई समानता नहीं है. निशब्द और चीनी कम में समानता यही है कि दोनों किरदारों की उम्र में काफ़ी फ़र्क़ है." पिछले करीब 18 सालों से विज्ञापन की दुनिया से जुड़े वालाकृष्णन ने कई मशहूर विज्ञापन दिए हैं पर फ़िल्मी दुनिया में ये उनका पहला क़दम है. 'खीर-जलेबी के लिए कुछ भी' बात जब 'चीनी कम' की हो रही थी तो अमिताभ बच्चन से पूछा गया कि उन्हें कौन सा मीठा व्यंजन पसंद है जिसमें चीनी कभी कम नहीं होनी चाहिए.
इस पर अमिताभ ने ठहाका लगाते हुए कहा," जलेबी और खीर. कोई अगर खीर या जलेबी न दे तो मैं उसका खून भी कर सकता था. वैसे अब मैने मीठा छोड़ दिया है. फ़िल्म में अमिताभ शेफ़ की भूमिका में है. हालांकि उन्होंने बताया कि असल ज़िंदगी में तो वे पानी भी नहीं उबाल सकते. चीनी कम में मुख्य किरदार में परेश रावल भी हैं जिन्होंने जैसे कॉमेडी में महारत हासिल कर ली है. हंगामा- हेरा फेरी जैसी एक से बढ़कर एक हिट कॉमेडी फ़िल्मों में काम कर चुके परेश इसका श्रेय अपने सह कलाकरों के देते हैं. परेश रावल का कहना था, "मैं हमेशा ये मानता हूँ कि कॉमेडी तो मैं करता हूँ लेकिन अगर सामने वाले का रिएक्शन सही न हो तो कॉमेडी काम नहीं करेगी. और रूलाना, हँसाना ये सब तो अभिनेता का काम है, उसे करना ही है." फ़िल्म लेस्टर स्कवेयर में दिखाई गई जहाँ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. लेकिन हॉल में उस समय अफ़रा-तफ़री मच गई जब फ़िल्म शुरू होने से पहले अमिताभ बच्चन लोगों के बीचों-बीच आकर खड़े हो गए. फ़िल्म की एक ख़ास बात है इसका संगीत जो दक्षिण भारत के संगीत निर्देशक इल्याराजा ने दिया है. चीनी कम में तब्बू और ज़ोहरा सहगल भी है. फ़िल्म शुक्रवार को भारत में रिलीज़ हो रही है. |
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