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डिजिटल टेलीविज़न की तेज़ रफ़्तार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
समाचार और मनोरंजन का पर्याय बन चुका डिजिटल टेलीविज़न अब तेज़ रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है और एक रिपोर्ट की बात मानें तो वर्ष 2011 तक दुनिया भर में पचास करोड़ से ज़्यादा घरों में यह अपनी जगह बना चुका होगा. जिन चार देशों में यह प्रगति बहुत तेज़ रफ़्तार से होने का अनुमान है उनमें चीन, अमरीका, भारत और जापान शामिल हैं. भारत में डिजिटल टेलीविज़न डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) के रूप में काफ़ी तेज़ रफ़्तार से अपनी मौजूदगी बढ़ाता जा रहा है. दूरदर्शन के परंपरागत टेलीविज़न की पहुँच हालाँकि काफ़ी बड़े पैमाने पर रही है लेकिन जब से डिजिटल टेलीविज़न आया है तब से उसकी माँग तेज़ी से बढ़ी है. भारत में इस समय डिश टेलीविज़न, टाटा-स्काई टेलीविज़न और दूरदर्शन का डीटीएच टेलीविज़न डिजिटल क्षेत्र में पहले से ही सेवाएँ मुहैया करा रहे हैं और निकट भविष्य में अनेक कंपनियों के इस मैदान में उतरने की संभावना है. ब्रिटेन की एक कंपनी इनफ़ोर्मा ग्लोबल डिजिटल टेलीविज़न ने एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि दुनिया भर में चार करोड़ से ज़्यादा घरों में साल 2006 के अंत तक डिजिटल टेलीविज़न अपनी पहुँच बना चुका होगा और साल 2007 में इस संख्या में क़रीब साढ़े चार करोड़ की वृद्धि होने का अनुमान है. इन्फ़ोर्मा कंपनी के एक पदाधिकारी एडम थॉमस का कहना था, "जैसे-जैसे समय आगे बढ़ेगा, डिजिटल टेलीविज़न भी उसी तेज़ी के साथ प्रगति करेगा और यह ख़ासतौर से उत्तरी अमरीका और पश्चिमी यूरोप के देशों में ख़ास तेज़ी से बढ़ेगा." लेकिन साल 2011 तक भी साठ प्रतिशत घरों में परंपरागत टेलीविज़न ही चलते रहेंगे. लगातार वृद्धि रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि साल 2006 के आख़िकर तक लगभग 18 करोड़ तीस लाख घरों में डिजिटल टेलीविज़न पहुँच चुका होगा और साल 2005 और 2011 के बीच इस संख्या में क़रीब साढ़े चौंतीस करोड़ की वृद्धि होगी.
रिपोर्ट के अनुसार इस वृद्धि में चीन का बड़ा योगदान होगा और वहाँ तीन साल के दौरान क़रीब नौ करोड़ अस्सी लाख घरों में डिजिटल टेलीविज़न होंगे जो दुनिया भर में कुल वृद्धि का क़रीब 28 प्रतिशत हिस्सा होगा. डिजिटल टेलीविज़न के पैर पसारने में इसी तरह की तेज़ रफ़्तार अमरीका, भारत और जापान में भी होने का अनुमान लगाया गया है. इन्फ़ोर्मा के एडम थॉमस का कहना था, "दुनिया भर में डिजिटल टेलीविज़न की मौजूदगी का लगभग साठ प्रतिशत हिस्सा इन चारों देशों यानी चीन, अमरीका, भारत और जापान में ही होगा. हालाँकि ज़्यादातर देशों में आम घरों में डिजिटल टेलीविज़न की मौजदगी में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी." डिजिटल टेलीविज़न घरों तक पहुँचाने के लिए सबसे लोकप्रिय और टिकाऊ तरीका डिजिटल केबल ही होने का अनुमान है और इसका हिस्सा पचास प्रतिशत होगा. इन्फ़ोर्मा का अनुमान है कि अगले पाँच साल में लगभग साढ़े तीन करोड़ घरों में डिजिटल टेलीविज़न ब्रॉडबैंड इंटरनेट के ज़रिए पहुँच सकेगा. मर्ज़ी का टेलीविज़न बहुत से देशों में अपनी सुविधानुसार टेलीविज़न के कार्यक्रम देखना और निजी वीडियो रिकॉर्डर की सुविधा होने की वजह से डिजिटल टेलीविज़न की माँग और लोकप्रियता में महत्वपूर्ण बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है. ब्रिटेन में सरकार की योजना एक समय पर परंपरागत टेलीविज़न बंद करने की है और उस समय पर ज़्यादातर घरों में सिर्फ़ डिजिटल टेलीविज़न ही उपबल्ध होगा. ब्रिटेन का व्हाइटहैवन नामक शहर ऐसा पहला शहर होगा जहाँ 2007 में परंपरागत टेलीविज़न बंद करके डिजिटल टेलीविज़न शुरू हो जाएगा और ब्रिटेन में साल 2012 तक यह प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है. ब्रिटेन के लगभग 70 प्रतिशत घरों में पहले ही डिजिटल टेलीविज़न अपनी जगह बना चुका है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सब्ज़ी बेचकर क्रांति की बात करते चैनल'05 अगस्त, 2006 | पत्रिका 'काल कपाल..' के बाद अब बारी 'ख़ौफ़' की29 जुलाई, 2006 | पत्रिका कंप्यूटर खेलों की प्रतियोगिता13 जून, 2006 | विज्ञान सरकारों से ज़्यादा भरोसा मीडिया पर03 मई, 2006 | पत्रिका लोकप्रिय साबित हो रहा है ग्रीन टीवी14 अप्रैल, 2006 | पत्रिका जापान में मोबाइल फ़ोन पर टीवी शुरु01 अप्रैल, 2006 | विज्ञान सैटेलाइट सिनेमाघर से बदल रही है तस्वीर12 फ़रवरी, 2006 | पत्रिका इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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