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'पेज-3' को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का पुरस्कार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वर्ष 2004 के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है और इस बार भी बॉलीवुड का बोलबाला दिखाई दे रहा है. मधुर भंडारकर की फ़िल्म 'पेज-3' को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म घोषित किया गया है जबकि फ़िल्म 'हम तुम' के लिए सैफ़ अली ख़ान को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है. सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार तारा को कन्नड़ फ़िल्म 'हसीना' के लिए दिया गया है. सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार बुद्धदेव दासगुप्ता को उनकी फ़िल्म 'स्वपनेर दिन' के लिए दिया गया है. सर्वश्रेष्ठ पहली फ़िल्म के निर्देशक के लिए इंदिरा गाँधी पुरस्कार 'ग्रहणम' को देने की घोषणा की गई है. यश चोपड़ा की फ़िल्म 'वीर ज़ारा' को वर्ष की संपूर्ण मनोरंजक फ़िल्म का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है. लेकिन यह पुरस्कार उनको तमिल फ़िल्म 'ऑटोग्राफ़' के साथ बाँटना पड़ेगा. फ़िल्म 'रेनकोट' को हिंदी की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का पुरस्कार दिया गया है. ये तारा...वो तारा राष्ट्रीय एकता के लिए नरगिस दत्त पुरस्कार के लिए इस वर्ष श्याम बेनेगल की फ़िल्म 'सुभाषः द फॉरगॉटेन हीरो' को चुना गया है.
बच्चों की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म के रुप में 'छुट्टन की महाभारत' को चुना गया है. यह फ़िल्म चिल्ड्रन्स फ़िल्म सोसायटी ऑफ़ इंडिया के लिए एस मिश्रा ने बनाई है. उदित नारायण को फ़िल्म स्वदेश के "ये तारा वो तारा..." गाने के लिए सर्वश्रेष्ठ गायक का पुरस्कार दिया गया है. जबकि सर्वश्रेष्ठ गायिका का पुरस्कार तमिल फ़िल्म 'ऑटोग्राफ़' के लिए चित्रा को दिया गया है. ग़ैरफ़ीचर फ़िल्म के लिए गौतम पांडे की डॉक्युमेंट्री फ़िल्मों ने दो राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं. जिसमें से एक 'शोर्स ऑफ़ साइलेंस' है जो भारत में शार्क और व्हेल के शिकार पर है और दूसरी 'द हॉर्स शू क्रैब' है जो धरती पर सबसे प्राचीन जीवित प्राणी पर है. फ़ीचर फ़िल्म के लिए ज्यूरी के प्रमुख सुपरिचित फ़िल्म निर्माता सुधीर मिश्रा थे जबकि ग़ैरफ़ीचर फ़िल्म श्रेणी के लिए एके बीर ज्यूरी के प्रमुख थे. |
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