सरगम कौशल ने जीता मिसेज़ वर्ल्ड का ख़िताब, जानिए उनके बारे में

इमेज स्रोत, Sargam_3
- Author, सुशीला सिंह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
''मेरी बेटी ने मेरा सपना पूरा कर दिया. जब वो तीसरे राउंड के लिए चुनी गई, तो मेरे दिल की धड़कने ऐसी तेज़ हुई थी कि मैं बता नहीं सकता. अब मुझे भगवान से कुछ नहीं चाहिए'' - जीएस कौशल, सरगम के पिता
''जब वो ड्रेसअप करके शीशे में ख़ुद को देखती थी, तो लगता था कि वो कुछ करेगी. हालाँकि पतली थी तो ऐसी प्रतियोगिता में जाने को लेकर थोड़ी हिचक थी. लेकिन सरगम और उसकी टीम की मेहनत की वजह से वो इतनी आगे पहुँच पाई. ये हमारे लिए गर्व की बात है. सरगम ने हमारा ही नहीं भारत का नाम भी ऊँचा किया है.''-मीना कौशल, सरगम की माँ
''मैं उस पैनल में शामिल थी जिसमें भारत से इस प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागियों को चुना गया था. मैंने उसी समय कहा था कि सरगम में एक्स फ़ैक्टर है और बोला था कि इस बार हमें ख़िताब ज़रूर मिलेगा.''- अदिति गोवित्रिकर, पूर्व मिसेज़ वर्ल्ड
अमेरिका के लास वेगास में हुए मिसेज़ वर्ल्ड 2021-2022 की प्रतियोगिता का ख़िताब इस बार भारत की सरगम कौशल ने हासिल किया है.
इस ख़बर को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए सरगम कौशल ने पोस्ट किया है, ''लंबा इंतज़ार ख़त्म हुआ. 21 साल बाद हमें क्रॉउन वापस मिल गया.''
जम्मू से आने वाली सरगम कौशल फ़िलहाल मुंबई में रहती हैं.
जम्मू में स्थित उनके पिता जीएस कौशल बीबीसी से बातचीत में कहते हैं, ''जब मेरी बेटी ढाई साल की थी, तबसे मुझे वो असाधारण लगती थी और उसका चेहरा भी अनूठा लगता था. मेरी ख़्वाहिश थी कि वो मिस फ़ेमिना में भी जाए, लेकिन उसमें किसी भी सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने को एक हिचक दिखती थी.''

इमेज स्रोत, GS Kaushal
शिक्षा
सरगम कौशल ने 12वीं तक प्रेजेंटेशन कॉन्वेंट हाई स्कूल, जम्मू में पढ़ाई की.
इसके बाद उन्होंने बीएससी की और फिर जम्मू यूनिवर्सिटी से इंग्लिश लिटरेचर में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. बीएड करने के लिए बाद वे स्कूल में पढ़ाने लगी.
उनके पिता के मुताबिक़, ''मैं हमेशा से चाहता था कि वो ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भाग ले, मिस फ़ेमिना में भाग ले. साल 2017 में हमने सरगम की शादी कर दी. शादी के बाद वे जम्मू से बाहर निकली.''
वे बताते हैं, ''शादी के बाद मैंने कहा कि अब तो कुछ कर लो. विशाखापट्ट्नम के बाद वो मुंबई चली गईं. इसके बाद भी मैंने कहा कि अब तो मायानगरी पहुँच गई हो, कुछ करो. फिर उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए काम करना शुरू किया. मैं शुक्रिया करूँगा कि सरगम के पति ने भी पूरा साथ दिया."
सरगम कौशल के पति भारतीय नौसेना में अफ़सर हैं.

इमेज स्रोत, G S Kaushal
जीएस कौशल बताते हैं- इसके बाद सरगम ने तैयारी शुरू की और साल 2022 में मिसेज़ इंडिया का ख़िताब जीता. इस प्रतियोगिता में 51 प्रतिभागी थीं और इसके बाद उन्होंने मिसेज़ वर्ल्ड के लिए प्रतिनिधित्व किया.
मिसेज़ वर्ल्ड प्रतियोगिता में 63 देशों की कॉन्टेस्टेंट ने भाग लिया था.
पिता बताते हैं, ''अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी सारी प्रतिभागियों को देखकर मुझे पहले लगा था कि शायद सरगम नहीं कर पाएगी लेकिन उसका आत्मविश्वास मुझे एक बल देता रहा . पहले राउंड में 44 प्रतिभागी बाहर हो गई. इसके बाद थोड़ा भरोसा बढ़ा. नेशलन कॉस्ट्यूम इन एग्ज़ोटिक कैटगरी में उसे अवार्ड मिला. इसके बाद वो टॉप छह में आ गई. इसके बाद तो मेरी दिल की धड़कने तेज़ हो गईं थीं जो रुकने का नाम नहीं ले रही थी.''
''हम लोग टीवी पर ये सब लाइव देख रहे थे और जब वो टॉप थ्री पर आई, तो बस फिर मत पूछिए हमारा क्या हाल था.''

इमेज स्रोत, जीएस कौशल
जीत का विश्वास
उनके अनुसार -सरगम से सवाल पूछा गया कि आपको अगर सोशल मीडिया पर कुछ बदलाव लाने का मौक़ा मिलेगा तो क्या करेंगी, तो मेरी बेटी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कुछ साइबर बुलिंग रोकने को लेकर जवाब दिया. इसके बाद जब सेकंड राउंड में चुनी गई तब मुझे भरोसा हो चला कि अब सरगम जीत जाएगी.
सरगम की माँ मीना कौशल बीबीसी से बातचीत में कहती हैं, ''आप यक़ीन नहीं करेंगी कि जब मैं टीवी पर देख रही थी तो मुझे 100 प्रतिशत विश्वास था कि वो जीतेगी. वहाँ जितनी भी प्रतिभागी थीं वो उससे ज़्यादा ख़ूबसूरत रही होंगी और उससे लंबी भी थीं लेकिन मुझे अपनी बेटी पर पूरा भरोसा था. उसके पति का भी कहना था कि मेरा सपना था कि वो इस मुकाम तक पहुँचे और वो बहुत ख़ुश हैं.''
वहीं साल 2001 में भारत के लिए सबसे पहले मिसेज़ वर्ल्ड का ख़िताब लाने वाली अदिति गोवित्रिकर का कहना था उन्होंने अपनी हर मुलाक़ात में सरगम को बहुत ही विनम्र और अच्छे स्वभाव का पाया.

इमेज स्रोत, Aditi Govitrikar
वे बताती हैं, ''जब मैं पहली बार सरगम से मिली थी तो वो आत्मविश्वास से भरी हुई थी. हालाँकि प्रशिक्षण में हर प्रतिभागी को सिखाया जाता है और जिसकी वजह से उनकी पर्सनेलिटी में भी एक निखार था. उनकी लंबाई, शरीर की बनावट, सब कुछ बहुत प्यारा था.''
वो अपने अनुभव के बारे में कहती हैं कि जब उन्होंने मिसेज़ वर्ल्ड में जाने का सोचा था, तब कोई इसके बारे में जानता भी नहीं था और लोग केवल मिस यूनिवर्स और मिस वर्ल्ड के बारे में जानते थे क्योंकि सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय ये ख़िताब जीत कर आए थे.
अदिति गोवित्रिकर आगे बताती हैं- उस समय माहौल भी ऐसा था कि शादीशुदा महिला के लिए ग्लैमर वर्ल्ड के रास्ते ही बंद हो जाते थे और अगर वो रिश्ते में रहती भी थी तो वो उसे छिपाकर रखती थीं. तो ऐसे में शादीशुदा होना एक महिला के लिए अभिनय या मॉडलिंग के क्षेत्र में स्वीकार्य नहीं था जो आज है.
अदिति ने कहा कि उन्होंने अपनी शादीशुदा ज़िंदगी को छिपाना मुनासिब नहीं समझा और मिसेज़ वर्ल्ड कॉन्टेस्ट में भाग लिया और जीत गई.
उनके अनुसार, ''जब मैं जीत कर आई तब जाकर जागरूकता भी आई और उसके बाद बहुत सारे ऐसे कॉन्टेस्ट विवाहित महिलाओं के लिए भी होने लगे और कितनी ही विवाहित महिलाओं ने मुझे आकर कहा कि हमारा सपना था मिस इंडिया में भाग लेना, लेकिन परिस्थितियों के कारण हम भाग नहीं ले पाए. लेकिन ये अच्छी बात है कि आपकी वजह से ऐसे कॉन्टेस्ट हो रहे हैं.''
मिसेज़ वर्ल्ड कॉन्टेस्ट का इतिहास

इमेज स्रोत, Sargam_3
इस सौंदर्य प्रतियोगिता की शुरूआत 1984 में शादीशुदा महिलाओं के लिए की गई थी.
अदिति गोवित्रिकर का कहना है कि शादीशुदा महिलाओं को भी ग्लैमर की दुनिया में मौक़ा मिले, शायद इसी मक़सद से ये शुरू किया गया था.
जानकारी के अनुसार डेविड मारमेल ने इस प्रतियोगिता की शुरूआत की थी.
इस प्रतियोगिता में अब तक आठ बार अमेरिका, दो बार श्रीलंका, पेरू और रूस की महिलाएँ जीत चुकी है.
वहीं अदिति गोवित्रिकर के बाद सरगम कौशल के ख़िताब हासिल करने वाली दूसरी भारतीय हैं.
इसके अलावा आयरलैंड, वियतनाम, हांगकांग की प्रतिभागी भी इस प्रतियोगिता को एक-एक बार जीत चुकी हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















