#Shikara: कश्मीरी पंडितों पर बनी फ़िल्म शिकारा से ख़फ़ा क्यों हैं लोग?

इमेज स्रोत, Vidhu Vinod Chopra Films/Facebook
''मिस्टर विधु विनोद चोपड़ा. नरसंहार के दो पक्ष कभी नहीं होते. एक समुदाय की ज़िंदगियां ख़त्म हो गईं, घर ख़त्म हो गए और अब भी वो इस उबर नहीं पाया है. दूसरे पक्ष ने इन सबको अंजाम दिया. इसे नकारना सभी पीड़ितों के साथ नैतिक अपराध करने जैसा है और उम्मीद है कि जल्दी ही ये क़ानून की नज़रों में भी अपराध बन जाएगा.''
शिकारा फ़िल्म देखने के बाद एक ट्विटर यूज़न ने यह पोस्ट लिखी है. सोशल मीडिया पर कुछ दिनों से #BoycottShikara ट्रेंड भी नज़र आ रहा है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
मगर ऐसा हुआ क्यों?
जब पहली बार ख़बर आई कि विधु विनोद चोपड़ा कश्मीरी पंडितों के पलायन पर फ़िल्म बनाने जा रहे हैं तो सोशल मीडिया में काफ़ी उत्साह देखा गया. फ़िल्म के पोस्टर और पहली ट्रेलर रिलीज़ होने तक सब कुछ ठीक था.
लोग उम्मीद जता रहा थे कि उन्हें किसी बॉलीवुड फ़िल्म से कश्मीरी पंडितों की त्रासदी के बारे में जानने को मिलेगा. मगर फ़िल्म का दूसरा पोस्टर और ट्रेलर आते-आते विवाद बढ़ने लगा.
विवाद की पहली वजह बना फ़िल्म के पोस्टर पर लिखी टैगलाइन का बदला जाना. पहले पोस्टर पर लिखा गया था: The Untold Story of Kashmiri Pundits (कश्मीरी पंडितों की अनकही कहानी).
बाद में दूसरे पोस्टर पर नई टैगलाइन लिखी नज़र आई: अ टाइमलेस लव स्टोरी इन द वर्स्ट टाइम्स (सबसे बुरे दिनों की एक कालजयी प्रेम कहानी)
हालांकि विधु विनोद चोपड़ा फ़िल्म्स के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अभी दूसरी टैगलाइन वाला कोई पोस्टर नहीं दिख रहा है.

इमेज स्रोत, Vidhu Vindo Chopra Films/Facebook
ये विवाद तब और बढ़ गया जब फ़िल्म देखने के बाद बहुत से लोगों ने महसूस किया कि इसमें कश्मीरी पंडितों के साथ हुए भयावह अपराधों को रोमांस की चाशनी में घोलकर कम करने की कोशिश की गई है.
इस बीच सोशल मीडिया पर एक लड़की का वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें वो रोते और ज़ोर-ज़ोर से चीखते हुए कह रही है, "आपका ये कॉमर्शियलिज़म आपको ही मुबारक हो. एक कश्मीरी पंडित के तौर पर मैं आपकी इस फ़िल्म को नकारती हूं."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
'शिकारा' देखकर आए कुछ लोगों का कहना है कि फ़िल्म में कश्मीरी मुसलमानों के अपराधों का चित्रण करने से बचा गया है. लोग विधु विनोद चोपड़ा पर तुष्टीकरण और सिर्फ़ पैसे कमाने के मक़सद से फ़िल्म बनाने के आरोप भी लगा रहे हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
इस विवाद के बीच विधु विनोद चोपड़ा ने कहा कि किसी भी सच के दो पहलू होते हैं और अलग-अलग लोग अलग-अलग नज़रिए से इस देखते हैं. चोपड़ा के इस बयान पर भी काफ़ी विवाद हुआ. बाद में उन्होंने कहा कि वो लोगों की शिकायत दूर करने के लिए फ़िल्म का सीक्वल भी बनाएंगे.

इमेज स्रोत, Twitter
इसके बावजूद लोगों की नाराज़गी ख़त्म होती नज़र नहीं आ रही है और वो अब भी इस बारे में सोशल मीडिया में लिख रहे हैं.
हालांकि बहुत से लोगों को फ़िल्म पसंद भी आई. सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी शेयर हो रहे हैं जिनमें लोग सिनेमा हॉल के भीतर रोते हुए नज़र आ रहे हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 4
वरिष्ठ बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर ख़ूब शेयर किया जा रहा है जिसमें वो फ़िल्म की स्क्रीनिंग के बाद भावुक नज़र आ रहे हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 5
'शिकारा' जाने-माने कश्मीरी पत्रकार राहुल पंडिता की किताब Our Moon Has Blood Clots पर आधारित है जिसमें कश्मीरी पंडितों के पलायन की कहानी बताई गई है. राहुल पंडिता ख़ुद भी कश्मीरी पंडित हैं जिन्होंने पलायन का सामना किया है. उन्होंने इस फ़िल्म का स्क्रीनप्ले भी लिखा है.
विवाद के बाद राहुल पंडिता ने लोगों से अपील की है कि वो फ़िल्म देखने के बाद ही कोई निर्णय ले और किसी तरह के प्रोपोगेंडा में न फंसें.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 6
इधर, एक अन्य बॉलीवुड डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने कहा है कि वो अगले साल 'कश्मीर फ़ाइल्स' नाम की फ़िल्म रिलीज़ करेंगे. ठीक उसी दिन, जब शिकारा रिलीज़ हुई थी.
अग्निहोत्री ने ट्वीट किया कि शिकारा के उलट उनकी फ़िल्म कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अपराधों का हर पहलू दिखाएगी. दक्षिणपंथी रुझान रखन वाले विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट किया, "कला, साहित्य और सिनेमा उसी वक़्त मर जाते हैं, जब आप इन्हें सेक्युलर बनाते हैं."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 7
बॉलीवुड में कश्मीर मुद्दे पर कई फ़िल्में बन चुकी हैं और दर्शक उनमें दिलचस्पी भी लेते हैं. कुछ साल पहले विशाल भारद्वाज ने फ़िल्म `हैदर' बनाई थी जो काफ़ी चर्चित रही थी.
ये भी पढ़ें: कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी कितनी आसान?
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















