पूरा होगा सपना चौधरी का बॉलीवुड पहुंचने का ख़्वाब?

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- Author, सरोज सिंह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
'छोरी भैंस बड़ी बिंदास' इसी गाने पर सलमान ख़ान के साथ डांस करते हुए सपना चौधरी ने टीवी शो बिग बॉस में एंट्री ली. इसी तरह के गाने पर डांस उनकी पहचान है.
कौन हैं सपना चौधरी
सपना चौधरी को यूट्यूब सेंसेशन माना जाता है, फ़ेसबुक पर उनके 11 लाख से ज़्यादा फॉलोअर्स हैं. सपना, हरियाणवी लोकगीत रागिनी गाने के लिए जानी जाती हैं और साथ ही उन गीतों पर डांस करने के लिए मशहूर हैं.
लेकिन ये पहला मौक़ा है जब सपना उत्तर भारत छोड़ मुबंई गई हैं, लेकिन उनकी मां नहीं चाहती थीं कि वो अकेली मुंबई जाएं.
आख़िर सपना को उनकी मां बिग बॉस में क्यों नहीं भेजना चाहती थीं?
बीबीसी से बातचीत में सपना की मां नीलम चौधरी ने कहा, "मैंने अपनी छोरी को कभी किसी स्टेज प्रोग्राम में अकेले जाने नहीं दिया और ये तो एक महीने से ज़्यादा लंबा शो चलेगा. इसलिए पिछली बार बिग बॉस का ऑफ़र भी मैंने ठुकरा दिया था. ये पहला मौक़ा है कि वो कहीं अकेली मेरे बिना इतने दिनों तक रहेगी."

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सपना का सपना
सितंबर का महीना सपना चौधरी के जीवन में ख़ास है. सितंबर के महीने में ही सपना चौधरी पैदा हुई थीं. तारीख़ थी 22 सितंबर 1995. पिछले साल इसी महीने की 4 तारीख़ को सपना ने ख़ुदकुशी की कोशिश की, और इस साल इसी महीने में उन्हें बिग बॉस का ऑफर मिला.
एक अक्तूबर से टीवी का चर्चित रियालिटी शो बिग बॉस सीजन 11 शुरू हो गया है. हरियाणा की मशहूर सिंगर और डांसर सपना चौधरी भी बिग बॉस के घर में मौजूद हैं.
सपना का सपना है बॉलीवुड में एंट्री का. उनके परिवार को लगता है कि बिग बॉस वो पहली सीढ़ी है जिस पर सवार हो कर सपना फ़िल्मी दुनिया में अपने जलवे बिखेर पाएंगी.
सपना की मां के मुताबिक, "रागिनी गाने और डांस करने में कोई शोहरत नहीं है. जहां से हम आते हैं, लोग दिलचस्पी ले कर शो देखते तो हैं, तारीफ़ भी करते हैं लेकिन लोगों की आंखों में इस काम को लेकर इज्ज़त नहीं." इसलिए सपना की ज़िद के आगे वो हार गईं और बिग बॉस में जाने की इजाज़त दे दी.

रागिनी गाना अश्लील नहीं
नीलम चौधरी ने कहा, "मेरी लड़की भी अपने काम में जी-तोड़ मेहनत करती है, दिन रात उसकी तैयारी करती है. तीन घंटे के शो में कम से कम चार पांच गाने और दस बारह डांस करने होते हैं. 20-22 लोगों की पूरी टोली होती है. पैसा भी ख़ूब है, लेकिन कमी है तो बस इज्ज़त की."
ऐसा नहीं कि सपना ने सिर्फ़ अपने शौक के लिए डांस को पेशे के तौर पर चुना है. छोटी सी उम्र में सपना ने कई उतार चढ़ाव देखे. सपना 12 साल की थीं जब उनके पिता की बीमारी से मौत हो गई. परिवार में पिता अकेले कमाने वाले थे.
पिता की मौत के बाद मां ने छोटी सी नौकरी कर चार लोगों के परिवार को किसी तरह पाला. सपना किसी तरह 12वीं तक ही पढ़ाई पूरी कर पाईं.
सपना की मां चाहतीं थी कि ओपन यूनिवर्सिटी से सपना आगे की पढ़ाई पूरी करे. लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ने इसकी इजाज़त नहीं दी.
सपना को बचपन से डांस का शौक था और मां को रागिनी सुनने का. बस यहीं से दोनो की जोड़ी बन गई.

कैसी बनी सपना डांसर
फ़िल्मी गानों पर थिरकने का शौक, कब रागिनी गाने में बदल गया ख़ुद सपना को ही नहीं पता चला. 2011 में पहली बार दिसंबर के महीने में सपना ने पहला स्टेज़ शो किया.
उनकी मां इस शो के लिए साथ गई. हालांकि वो नहीं चाहती थी सपना ऐसा करे.
लेकिन आर्थिक स्थिति और सपना की ज़िद के आगे पहली बार उन्होंने हार मान ली. कमाई हुई चार हज़ार रुपए. हांलाकि पैसे ज्यादा नहीं थे, लेकिन एक महीने के राशन का खर्चा तो निकल ही गया.
उसके बाद सपना ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा. 2011 से 2017 तक के सफर में सपना की कमाई कई गुना बढ़ गई है. आज एक शो के लिए सपना डेढ़ से दो लाख रुपए कमाती है.

लेकिन ये बदलाव रातोरात नहीं आया. शुरुआती सालों में सपना को डांस और गाने के जो ऑफर आते थे. वो किसी दूसरी पार्टी के जरिए आते थे. यानी बुकिंग कोई दूसरी कंपनी लेती थी. लेकिन 2015 में सपना ने खुद की पार्टी बनाई और फिर कमाई ठीक ठाक होने लगी.
"सॉलिड बॉडी" गाने ने सपना चौधरी को रातों रात स्टार बना दिया. फिर आया साल 2016. सपना चौधरी पर आरोप लगे कि उन्होंने अपने प्रोग्राम के दौरान दलितों के लिए अपशब्द कहे.
उनकी मां नीलम चौधरी के मुताबिक इसके बाद से सपना के फ़ेसबुक और वाट्सऐप पर अश्लील मैसेज आने लगे. सपना मैसेज से इतनी आहत हो गईं कि ख़ुदकुशी करने की कोशिश की.

हालांकि समय रहते उन्हें बचा लिया गया. सपना आज भी फ़ेसबुक पर हैं, लेकिन कॉमेंट अच्छे आएं या खराब उससे अब उनको फ़र्क़ नहीं पड़ता.
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