विवाद में फंसा 'बिग बॉस तमिल' शो

लोकप्रिय रियलिटी शो बिग ब्रदर का एक भारतीय संस्करण अपने एक एपिसोड की वजह से विवाद में फंस गया है.
इस एपिसोड को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे लोगों की हंसी उड़ाने के तौर देखा जा रहा है.
तमिलनाडु में प्रसारित होने वाले बिग बॉस तमिल में हिस्सा ले रहे लोगों को 'ऐसे अभिनय करने के लिए कहा गया था मानो वे मानसिक अस्पताल में हों.'
अस्पताल वाले हरे रंग के कपड़े पहने प्रतिभागी लगातार तालियां बजा रहे थे, इधर-उधर कूद रहे थे और एक-दूसरे की पीठ पर सवार हो रहे थे. इसे मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को संवेदनहीन ढंग से बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के तौर पर लिया जा रहा है और इसकी कड़ी आलोचना हो रही है.
सोच बदलने की ज़रूरत है
दिल्ली के साइकॉलजिस्ट डॉक्टर अचल भगत ने बीबीसी को बताया कि यह एपिसोड 'चौंकाने वाला था.'
उन्होंने कहा, ''भारतीय समाज में मानसिक रोगियों को जिस ग़लत नज़रिए से देखा जाता है, यह उसी नज़रिए को आगे बढ़ाता है. हमें सोचना चाहिए कि इंसान पहले इंसान है. लोगों में यह धारणा है कि जो लोग मानसिक बीमारियों से जूझ रहे होते हैं, उनकी कोई हैसियत नहीं होती और वे ख़तरनाक होते हैं. इस धारणा को बदलना होगा.''
डॉक्टर भगत का मानना है कि यह एपिसोड न सिर्फ़ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री बल्कि पूरे समाज की समस्या को दिखाता है. उन्होंने कहा, ''अक्सर दूसरों को बेइज्ज़त करने के लिए 'मेंटल' या 'पागल' कहा जाता है. बहुत लोग यह मानते हैं कि मानसिक रूप से बीमार लोग ख़तरनाक होते हैं और अपराधों को अंजाम देते हैं. इस सोच को तुरंत बदलने की ज़रूरत है."
एक प्रतिभागी ने छोड़ा शो
विवाद तब और बढ़ गया जब शो में हिस्सा ले रहीं हेलेन 'ओविया' नेल्सन ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कारणों का हवाला देकर शो छोड़ दिया. उन्होंने भी उस एपिसोड में हिस्सा लिया था.

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इससे कुछ हफ़्ते पहले शो के निर्माताओं ने उस सीन का प्रसारण कर दिया था जिसमें नेल्सन ने कथित तौर पर ख़ुद को हाउस के स्वीमिंग पूल मे डुबोने की कोशिश की थी.
हर शनिवार और रविवार को प्रसारित होने वाला 'बिग बॉस तमिल' राज्य में बहुत लोकप्रिय है.
कमल हसन ने दी शो छोड़ने की धमकी
इस शो को होस्ट करने वाले तमिल अभिनेता कमल हसन ने भी इस टास्क की निंदा की है और शो से हटने की धमकी दी है.

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इस एपिसोड के बाद उन्होंने कहा, ''मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों का मज़ाक उड़ाना ठीक नहीं था. मैं इससे नाराज़ हूं. अगर ऐसा दोबारा होता है तो यह शो मेरे लिए कोई अहमियत नहीं रखता.''
शो के कानूनी सलाहकार सी. राजशेखर ने बीबीसी तमिल की प्रमिला कृष्णन को बताया कि बिस बॉस तमिल 'सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की तरफ से जारी नियमों' का पालन करता है.
ऐसे नहीं उड़ाया जा सकता मज़ाक
तमिलनाडु सेंसर बोर्ड के सदस्य सी. शेखर से जब शो में मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों का मज़ाक उड़ाने को लेकर बात की गई तो उन्होंने बीबीसी को बताया, ''इस तरह से नकल उतारने और मज़ाक उड़ाने से बचा जाना चाहिए था.''
राज्य के सेंसर बोर्ड को टीवी के लिए बनने वाले कार्यक्रमों को रिव्यू करने का अधिकार नहीं है.
हालांकि ब्रॉडकास्टिंग कॉन्टेंट कंप्लेंट्स काउंसिल (BCCC) के निर्देश हैं कि 'अशक्त लोगों को आपत्तिजनक रूप से नहीं दर्शाया जा सकता.' उनका 'मज़ाक उड़ाने' या 'उनकी विकलांगता को लेकर व्यंग्य करने या नीचा दिखाने' पर भी रोक है.
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