मेरी मां ने ज़्यादा संघर्ष किया: वरुण धवन

इमेज स्रोत, Hype Pr
- Author, हिना कुमावत
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
अभिनेता वरुण धवन बॉलीवुड की अभिनेत्रियों को अभिनेताओं से बेहतर मानते हैं.
वरुण को भरोसा है कि बॉलीवुड में वो दिन दूर नहीं है जब अभिनेत्रियों की सोलो फटिल्में बॉक्स ऑफिस पर 200 से 300 करोड़ रुपए का कारोबार करेंगी.
उनका कहना है कि वे जिस परिवार से आते हैं वहां पुरुषों की संख्या ज़्यादा है, लेकिन वो प्रेरणा अपनी मां से लेते हैं.
डेविड धवन के इस बेटे का कहना है कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की समझ उनमें तब भी थी जब वो महज़ 11 साल के थे.
वरुण बताते हैं कि एक दिन वो अपने घर में अकेले थे और उनके पड़ोस में ऐसी घटना हुई कि उन्हें 100 नंबर डायल कर पुलिस बुलानी पड़ी.
दरअसल, उन्होंने पड़ोस के एक घर में घरेलू हिंसा की जानकारी होने पर आवाज़ उठाई थी.
उन्होंने कहा, "जब हम किसी के घर से आती आवाज़ सुनते हैं तो हमें लगता है कि हम क्यों बीच में पड़ें? मैं जहां रहता था (उस बिल्डिंग का नाम नहीं बताना चाहता) वहां मुझे पड़ोस से कई आवाज़ें सुनाई दीं. मेरे घर पर उस समय कोई नही था. मैंने पुलिस को फ़ोन कर दिया था. मैं तब 10 या 11 साल का था."

इमेज स्रोत, Rohan Shrestha
उस घटना का ज़िक्र करते हुए वरुण ने आगे कहा, "पुलिस आई तो मैंने उन्हें सब बताया. मैं छोटा था और मुझे लगता है कि मैंने पुलिस को कुछ ज़्यादा ही डरा दिया, लेकिन मुझे कभी नहीं लगा कि मैंने कुछ ग़लत किया और जब पुलिस चली गई तो मेरी मां ने भी कहा कि तुमने बिल्कुल सही किया."
महिलाओं के साथ दोहरे व्यवहार के लिए वरुण समाज को ज़िम्मेदार मानते हैं. वो कहते हैं कि उनकी परवरिश एक पंजाबी परिवार में हुई है जहां नवरात्र और कन्या पूजा का बहुत महत्व है.
वरुण कहते हैं, "लक्ष्मी पूजा के समय मेरी मम्मी मुझसे कन्याओं के पैर धुलवाती हैं. भारत में कई जगह ये कल्चर फ़ौलो होता है. तो क्यों लोगों का दिमाग़ इतना फिर जाता है? हमारी सोसाइटी में क्या ग़लत हो रहा है? कुछ तो ग़लत हो रहा है, लेकिन इसको सुधारने का ज़िम्मा हम सिर्फ़ सरकार पर नहीं डाल सकते. हम सबको अपने तरीके से इसके लिए कुछ करना होगा."

वरुण अपनी मां को सबसे मज़बूत महिला मानते हैं. वो ये भी कहते हैं कि उनकी मां ने उनके पिता के मुक़ाबले ज्यादा संघर्ष और मेहनत किया है.
वो बताते हैं, "मैंने तो अपनी मम्मी का करियर अपने पापा के करियर से ज़्यादा क़रीब से देखा है. मैं छोटा था तो उनके साथ जाता था. पापा के साथ सेट पर नहीं जाता था. मेरे पापा तो बहुत बिज़ी होते थे."
अपनी मां के संघर्ष का जिक्र करते हुए वरुण कहते हैं, " मेरे स्कूल के हर फ़ंक्शन में आना, गाड़ी भी चलाना, अपना बिज़नेस देखना, फ़ैमिली को देखना. उन्होंने ज्यादा किया है. मुझे गाड़ी चलाना भी मेरी मम्मी ने सिखाया है. मेरे पापा भी मेरी मम्मी की हमेशा तारीफ़ करते हैं क्योंकि उन्होंने जितना अकेले किया है कोई नहीं कर पाता."

इमेज स्रोत, Hype Pr
बॉलीवुड के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी महिलाओं को पुरुषों से कम वेतन मिलने की बात भी वरुण को बहुत खटकती है. आज के युवाओं के हीरो कहे जाने वाले वरुण युवाओं से अपील करते हैं, "महिलाओं का सम्मान किया जाना चाहिए."
वो कहते हैं, "पहले आदमी औरत को दबा देता था और औरत सहन कर लेती थी और कुछ कर नहीं सकती थी. चार बार सोचती थी कि मैं इसको छोड़ दूं तो मेरे बच्चों का क्या होगा और मेरा क्या होगा? मैं कहाँ रहूंगी? आज ऐसा नही है."
वरुण कहते हैं, "आज की औरतें ऐसे मर्द को छोड़ देती हैं क्योंकि उन्हें पता है कि वो अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं."
वरुण की राय में आज महिलाओं के लिए उनकी इज्ज़त सबसे अहम है. वो कहते हैं कि सभी को उन्हें सम्मान देना चाहिए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)













