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कई और बैंक डूब सकते हैं: ओबामा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चेतावनी दी है कि आर्थिक संकट के कारण होने वाले घाटे की पूरी जानकारी मिलने पर कई और अमरीकी बैंक डूब सकते हैं. एनबीसी न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा,'' कुछ बैंक उबर नहीं पाएँगे.'' लेकिन साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की जमा राशि सुरक्षित है. उन्होंने अपने वित्त मंत्री टीमोथी गेथनर से करदाताओं का धन हासिल करनेवालों संस्थानों के लिए दिशानिर्देश तैयार करने को कहा है. उनका कहना था,'' यदि किसी बैंक अथवा वित्तीय संस्थान को सहायता दी जाती है तो उनके लिए कुछ शर्तें निर्धारित हों.'' राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आर्थिक संकट के दौरान बैंकों के आला अधिकारियों के बोनस लेने की कड़ी आलोचना की थी. दूसरी ओर राष्ट्रपति ओबामा ने कांग्रेस सदस्यों को चेताया है कि वे मतभेदों को भुलाकर लगभग 800 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज को पारित करने में देरी न करें. उन्होंने ये बात उस समय कही जब अमरीकी सीनेट में इस पैकेज पर चर्चा होनी है और विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों ने कहा कि यदि इसमें महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किए गए तो वे इस पारित नहीं होने देंगे. रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर जॉन मैक्केन ने कहा कि इन प्रस्तावों में करों में और कटौती और खर्चों में कमी की व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने राष्ट्रपति ओबामा से कहा है कि उनकी पार्टी के प्रस्तावों पर उन्हें गंभीरता से बातचीत करनी चाहिए. उल्लेखनीय है कि इस योजना को सीनेट की मंज़ूरी मिलनी बाक़ी है जहाँ डेमोक्रेट पार्टी का बहुमत नहीं है. राष्ट्रपति का कहना था कि इस योजना से अमरीकी व्यवसाय के लिए बेहतर माहौल तैयार हो सकेगा. सीनेट में पारित होने के बाद राष्ट्रपति इस पर हस्ताक्षर करेंगे जिसके बाद यह योजना क़ानून में तब्दील हो जाएगी. प्रस्ताव योजना के तहत करों में क़रीब 275 अरब डॉलर की कटौती की जाएगी जबकि सड़क, पुल निर्माण और रोज़गार के नए अवसर पैदा करने, निवेश, नई प्रौद्योगिकी और स्कूलों के पुनर्निर्माण के लिए 540 अरब डॉलर की राशि खर्च की जाएगी. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए कैसे शुरुआत की जाए इस मुद्दे पर दोनों ही दलों के विचार बिल्कुल अलग हैं और इस बहस ने सांसदों को पूरी तरह बांट दिया हैं. प्रतिनिधि सभा में बहस के दौरान एक रिपब्लिकन सांसद ने आर्थिक पैकेज की निंदा करते हुए इसे सरकार की फ़िज़ूलखर्ची क़रार दिया और कहा था कि इससे रोज़गार के नए अवसर कतई पैदा नहीं होंगे. रिपब्लिकन सांसदों ने अपनी ओर से विधेयक पेश करने की कोशिश की जिसमें टैक्स कटौती पर अधिक ध्यान देने की बात कही गई थी. हालांकि प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट सांसदों की संख्या अधिक होने के कारण रिपब्लिकन सांसदों की एक न चली. |
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