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फ़ोर्ड को हुआ रिकॉर्ड घाटा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की कार निर्माता कंपनी फ़ोर्ड को अपने इतिहास में किसी भी एक साल में सबसे बड़ा नुकसान हुआ है. हालांकि कंपनी ने कहा है कि उसे सरकारी ऋण की ज़रूरत नहीं है. फ़ोर्ड ने कहा है कि 2008 की चौथी तिमाही में कंपनी को 5.9 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है जबकि पूरे वर्ष में उसे 14.6 अरब डॉलर का नुकसान हुआ. जनरल मोटर्स और क्राइसर समेत अपने अन्य प्रतिद्वंदियों की तरह फ़ोर्ड ने अमरीका सरकार से लोन नहीं माँगा है. माँग में कमी के कारण विश्व भर में कार निर्माता कंपनियों पर बुरा असर पड़ा है. वर्ष 2007 में फ़ोर्ड को 2.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था जबकि 2006 में 12.6 अरब डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा था. कंपनी का कहना है कि करीब 20 फ़ीसदी यानी करीब 1200 कर्मचारियों की छटनी की जाएगी. 2008 की चौथी तिमाही में फ़ोर्ड की आमदनी 29.2 अरब डॉलर रही जबकि पिछले वर्ष इसी दौरान आमदनी 45.5 अरब डॉलर थी. लेकिन इस सब के बावजूद कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है कि उसके पास पर्याप्त पैसा है. बयान के मुताबिक, "वर्तमान योजना के आधार पर देखा जाए तो हमें अमरीका सरकार से लोन की ज़रूरत नहीं है- बशर्ते की आर्थिक हालात और न बिगड़े या फिर किसी और प्रतिद्वंदी कंपनी का दिवालिया निकल जाए जिससे हम पर भी असर पड़े." जनरल मोटर्स और क्राइसलर ने आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार से लाखों डॉलर का कर्ज़ लिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें आईएमएफ़ ने भारत की विकास दर घटाई29 जनवरी, 2009 | कारोबार 'पाँच करोड़ लोग बेरोज़गार हो जाएँगे'28 जनवरी, 2009 | कारोबार 'आर्थिक विकास की रफ़्तार धीमी पड़ी'26 जनवरी, 2009 | कारोबार कोरस में 3500 नौकरियों में कटौती26 जनवरी, 2009 | कारोबार सिटीग्रुप को तोड़कर बनेंगी दो कंपनियाँ16 जनवरी, 2009 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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