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एसबीआई ने घटाई होम लोन ब्याज दर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने होम लोन की ब्याज दर को आठ फ़ीसदी कर दिया है. हालांकि ये दर केवल एक साल के लिए ही हैं. एसबीआई की तरफ़ से जारी की गई एक विज्ञप्ति में ये घोषणा की गई है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये दरें केवल एक साल तक ही लागू होंगी. निर्धारित समय के बाद ये दरें अपनी वास्तविक स्थिति पर लौट आएंगी. इस योजना का लाभ दो फ़रवरी से लेकर 30 अप्रैल 2009 के बीच ऋण लेने वालों को मिलेगा. हालांकि इसका लाभ नए क़र्ज़दारों को मिलेगा लेकिन एसबीआई के मौजूदा ग्राहक इस योजना का लाभ नई स्कीम ‘एसबीआई लाईफ़स्टाईल’ के तहत हासिल कर सकते हैं. अहम घोषणा मौजूदा ऋणधारक अपने कुल होमलोन की 10 प्रतिशत राशि तक का लोन आठ फ़ीसदी की दर पर ले सकते हैं. लेकिन ये राशि पाँच लाख रूपए से अधिक नहीं हो सकती है. इस योजना को दो श्रेणियों पाँच और पाँच-बीस 20 लाख की श्रेणियों में बाँटा गया है. ये ऋण आठ प्रतिशत की सालाना दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे, लेकिन एक साल के बाद ऋण का प्रतिशत मूल क़रार के मुताबिक़ ही देय होगा. पिछले महीने एसबीआई सहित सार्वजिनक क्षेत्रों के बैंकों ने आम आदमी को राहत देने की मंशा से ब्याज दरें पाँच लाख रूपए तक 8.5 प्रतिशत और पाँच बीस लाख की सीमा पर 9.25 तक सीमित कर दी थीं. एसबीआई ने ऋण दरें प्रणव मुखर्जी के साथ सोमवार को होने वाली बैंकरों की बैठक के ठीक पहले घटाई हैं. इसलिए इस घोषणा को अहम माना जा रहा है. मुखर्जी के साथ इस बैठक में ब्याज दरें घटाने के मुद्दे पर ख़ास तौर से विचार होने की संभावना है. | इससे जुड़ी ख़बरें विश्व बैंक से भारत को दोगुना कर्ज़27 जून, 2004 | कारोबार मकान के लिए कर्ज़ आसान15 जनवरी, 2003 | कारोबार अक्लमंद लोगों के लिए कम ब्याज दर19 जून, 2007 | कारोबार किसानों को कर्ज़ नहीं देने का फ़ैसला वापस21 मई, 2008 | कारोबार ब्याज दर स्थिर रखने का फ़ैसला24 अप्रैल, 2007 | कारोबार भारत में होम लोन हुआ सस्ता15 दिसंबर, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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