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भारत में होम लोन हुआ सस्ता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सरकारी क्षेत्र के बैंकों ने सोमवार को पाँच लाख रुपए तक के आवास ऋण पर अधिकतम 8.5 फीसदी और पाँच लाख से 20 लाख रुपए तक के आवास ऋण पर 9.25 फीसदी की ब्याज दर लागू करने की घोषणा की है. इसके साथ ही भारतीय बैंक संघ (आईबीए) का कहना है कि 20 लाख रुपए तक के होम लोन के लिए ग्राहकों को किसी प्रकार की प्रक्रिया शुल्क या पूर्व भुगतान शुल्क बैंकों को नहीं देना होगा और मुफ़्त बीमा सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी. माना जा रहा है कि बाज़ार में छाई मंदी के बीच माँग को बढ़ावा देने के लिए सरकारी बैंको ने यह क़दम उठाया है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन ओपी भट्ट ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि सरकार ने जो राहत पैकेज की घोषणा की थी उसी के अनुरुप आवास ऋण के दरों में भी कटौती की गई है. राहत भट्ट ने कहा कि 30 जून 2009 तक इस पैकेज के तहत होम लोन लेने की सुविधा रहेगी. ग़ौरतलब है कि हाल ही में भारत सरकार ने वैश्विक आर्थिक संकट से पैदा स्थिति के मद्देनजर देश में आर्थिक गतिविधियों को तेज़ करने के लिए लगभग 20,000 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की थी. कहा जा रहा है कि सरकारी बैंकों की इस घोषणा के बाद निजी बैंक भी होन लोन के दरों में कटौती करने पर विचार कर सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ब्याज दर में और कमी हो सकती है'24 नवंबर, 2008 | कारोबार भारत ने आर्थिक पैकेज की घोषणा की07 दिसंबर, 2008 | कारोबार औद्योगिक विकास की दर में गिरावट12 दिसंबर, 2008 | कारोबार अमरीका में मंदी की घोषणा02 दिसंबर, 2008 | कारोबार रिज़र्व बैंक ने ब्याज दरें घटाईं06 दिसंबर, 2008 | कारोबार शेयर बाज़ारों में फिर भारी गिरावट21 नवंबर, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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