BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 06 दिसंबर, 2008 को 08:18 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
रिज़र्व बैंक ने ब्याज दरें घटाईं
रिज़र्व बैंक
रिज़र्व बैंक का मानना है कि मंदी का असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर बहुत कम होगा
भारतीय रिज़र्व बैंक ने शनिवार को कम अवधि की ब्याज दर यानी रेपो रेट में एक प्रतिशत की कटौती की. इसके अलावा रिवर्स रेपो रेट भी एक फ़ीसदी घटा दिया है.

रिज़र्व बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात यानी सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया है और ये 5.5 प्रतिशत के स्तर पर है.

साथ ही एसएलआर की दरें भी जस की तस 24 प्रतिशत के स्तर पर हैं.

रिज़र्व बैंक की नई दरें आठ दिसंबर से लागू होंगी.

क़दम

मंदी से निपटने के प्रयासों के तहत रिज़र्व बैंक ने रेपो रेट को 7.50 प्रतिशत से घटाकर 6.50 प्रतिशत कर दिया है.

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर रिज़र्व बैंक अन्य बैंकों को कम अवधि के लिए उधार देता है.

आम आदमी को सस्ता कर्ज़ मुहैया कराने के लिए रिज़र्व बैंक ने रिवर्स रेपो रेट भी 6 फ़ीसदी से घटाकर 5 फ़ीसदी कर दिया है.

उल्लेखनीय है कि वाणिज्यिक बैंक अपना पैसा रिज़र्व बैंक के ख़जाने में जमा करते हैं और इस पर रिज़र्व बैंक जो ब्याज़ देता है उसे रिवर्स रेपो दर कहा जाता है.

रिज़र्व बैंक के गवर्नर डॉ डी सुब्बाराव का कहना है कि सिस्टम में पर्याप्त नकदी के बावजूद कर्ज़ की मांग में कुछ कमी आई है.

उन्होंने कहा कि मांग बनाए रखने के लिए बैंकों को ब्याज़ दरों में कटौती करनी होगी.

सुब्बाराव ने कहा कि महंगाई दर में अभी और कमी आएगी. उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीज़ल की कीमतों में कटौती का असर महंगाई दर पर साफ़ दिखेगा और 2008 के आखिरी तक महंगाई दर 7 प्रतिशत के नीचे आने की संभावना है.

इससे जुड़ी ख़बरें
आरबीआई ने ब्याज दर घटाई
01 नवंबर, 2008 | कारोबार
ब्याज दरों में मामूली वृद्धि
25 अक्तूबर, 2005 | कारोबार
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>