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'ब्याज दर में और कमी हो सकती है' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि अगर मुद्रा स्फ़ीति की दर में इसी तरह गिरावट होती रही तो ब्याज दर में और कटौती की जा सकती है. वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि अर्थव्यवस्था को और प्रतियोगी बनाने के लिए आर्थिक सुधारों पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है. नई दिल्ली में आर्थिक संपादकों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पी चिदंबरम ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सात या आठ फ़ीसदी की दर से विकास होता रहेगा. उन्होंने आर्थिक विशेषज्ञों से अपील की कि वे यह न कहें कि भारतीय अर्थव्यवस्था मंदी की राह पर है. हालाँकि उन्होंने यह ज़रूर स्वीकार किया कि देश एक मुश्किल दौर से गुज़र रहा है. आवश्यकता ब्याज दर पर सवालों का जवाब देते हुए पी चिदंबरम ने कहा, "सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों ने घर ख़रीदने के लिए ऋण की दर में 75 बेसिक प्वाइंट की कमी की है." लेकिन वित्त मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि वे इस बारे में निजी बैंकों को सलाह नहीं दे सकते. भारत में मुद्रा स्फ़ीति की दर में गिरावट आई है और अब यह 8.90 फ़ीसदी पर है. वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई कि मुद्रा स्फ़ीति को लेकर बुरा समय निकल चुका है. अगस्त में मुद्रा स्फ़ीति की दर 12.91 फ़ीसदी तक पहुँच गई थी. पी चिदंबरम ने यह भी कहा कि वित्तीय संकट के इस दौर में आर्थिक सुधारों की समीक्षा और अधर में पड़े सुधारों पर विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है ताकि अर्थव्यवस्था को और प्रतियोगी बनाया जा सके. | इससे जुड़ी ख़बरें शेयर बाज़ार में उतार-चढ़ाव24 नवंबर, 2008 | कारोबार सिटीग्रुप को संकट से उबारने की कोशिश24 नवंबर, 2008 | कारोबार ओबामा: 25 लाख नए रोज़गार का वादा23 नवंबर, 2008 | कारोबार ऋण संकट से निपटने का अनोखा तरीक़ा21 नवंबर, 2008 | कारोबार शेयर बाज़ारों में फिर भारी गिरावट21 नवंबर, 2008 | कारोबार मंदी की मार से तेल फिसला21 नवंबर, 2008 | कारोबार सिटीग्रुप को लेकर भारी आशंकाएँ21 नवंबर, 2008 | कारोबार अमरीकी शेयर बाज़ार में गिरावट से चिंता20 नवंबर, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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