|
ऋण संकट से निपटने का अनोखा तरीक़ा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ताइवान में वैश्विक ऋण संकट से निपटने के लिए सरकार ने एक ऐसी योजना बनाई है जिसके तहत ख़रीदारों को सौ अमरीकी डॉलर से अधिक का वाउचर दिया जाएगा जिसे बाद में भूनाया जा सकेगा. ये प्रतिदेय वाउचर वर्ष 2009 में दुकान, रेस्तरां और सुपर मार्केट में मान्य होंगी. प्रधानमंत्री लीयू चाओ शिवान का कहना है कि 2.3 करोड़ ताइवान के लोगों को 3600 ताइवानी डॉलर का कूपन अगले वर्ष जनवरी में दिया जाएगा. शिवान ने कहा, "वैश्विक अर्थव्यवस्था के कुछ समय के लिए अस्थिर रहने की आशंका है, ऐसे में लोगों की मदद के लिए ये कूपन वाली योजना ज़रूरी है." नई पहल उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "ये योजना अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने के लिए है. इससे वर्ष 2009 में देश के सकल घरेलू उत्पाद में 0.64 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद की जा रही है." ये योजना एक अहम आर्थिक संस्था काउंसिल फ़ॉर इकोनोमिक प्लानिंग एंड डेवलपमेंट ने बनाए हैं. 1999 में ऐसी ही पहल जापान में की गई थी. सितंबर और अक्तूबर महीनों में ताइवान की अर्थव्यवस्था में लगातार गिरावट आई है और निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में 8.3 प्रतिशत नीचे चला गया है. ताइवान के केंद्रीय बैंक ने पिछले सप्ताह ब्याज दरों में 2.74 प्रतिशत की कटौती की है. जो पिछले एक महीने में चौथी कटौती थी. प्रधानमंत्री की कैबिनेट ने कूपन प्रणाली को मंज़ूर कर लिया है लेकिन इससे लागू होने के लिए संसद से पास होना आवश्यक है. लेकिन कुछ विश्लेषकों को इससे लेकर अभी भी संदेह में हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मंदी के डर से दुनिया के शेयर बाज़ार गिरे20 नवंबर, 2008 | कारोबार दुनिया भर में बाज़ार संभले13 अक्तूबर, 2008 | कारोबार कैसी थी 1930 की महामंदी10 अक्तूबर, 2008 | कारोबार मुक्त व्यापार की चुनौतियाँ06 जनवरी, 2004 | कारोबार धनी देश आशावान18 मई, 2003 | कारोबार निवेशक नुक़सान उठाते रहे01 जनवरी, 2003 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||