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महँगाई में लगातार दूसरे हफ़्ते गिरावट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतें कम होने के साथ-साथ भारत में लगातार दूसरे हफ़्ते महँगाई दर में गिरावट दर्ज की गई है. 11 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह में महँगाई की दर घट कर 11.07 फ़ीसदी रह गई. इसके पहले हफ़्ते में यह 11.44 फ़ीसदी थी. फलों, सब्जियों और अंडों के भाव में इस दौरान कमी आई. ग़ैर खाद्य पदार्थों में सूती के कपड़े, शीशे से बने सामानों और जस्ते के भाव नीचे आए. खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले सरसों तेल के दाम भी नीचे आए हैं. इससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. हालाँकि इसी दौरान चाय, घी, मक्का, चावल और मसूर के दाम बढ़ गए. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम में आई ज़बर्दस्त गिरावट से उम्मीद की जा रही है कि भारत में भी पेट्रोलियम पदार्थों के दाम घटाए जाएंगे. पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने गुरुवार को संसद में कहा कि एक हफ़्ते के भीतर मौजूदा क़ीमतों की समीक्षा की जाएगी. अगर पेट्रोल-डीज़ल के भाव घटते हैं तो माल ढुलाई सस्ता होगा और महँगाई दर भी तेज़ी से नीचे आएगी. भारत अपनी ज़रुरतों का लगभग 70 फ़ीसदी तेल आयात करता है और इसकी क़ीमतें घरेलू महँगाई दर के निर्धारण में अहम भूमिका अदा करती हैं. |
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