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महँगाई में लगातार तीसरे हफ़्ते गिरावट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में आई गिरावट के साथ-साथ भारत में महँगाई दर भी लगातार तीसरे हफ़्ते नीचे आई है. तीस अगस्त को समाप्त हुए हफ़्ते में महंगाई दर 12.34 फ़ीसदी से घटकर 12.10 फ़ीसदी हो गई. यह लगातार तीसरा हफ्ता है जब महंगाई की दर नीचे आई है. हालाँकि रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बा राव ने दो दिन पहले ही कहा था कि महंगाई में हाल की गिरावट के बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता. उनका कहना था कि यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गिरावट स्थाई है या नहीं. रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के दौरान महंगाई दर पांच से साढ़े पांच फ़ीसदी के बीच रखने का लक्ष्य रखा है. रिजर्व बैंक का कहना है कि अगले साल मार्च तक महँगाई दर आठ-नौ फ़ीसदी के स्तर पर आ सकती है. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में आ रही गिरावट महँगाई घटाने में कारगर साबित हो सकती है. गुरुवार को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में कच्चे तेल का भाव पिछले पाँच महीनों में पहली बार सौ डॉलर प्रति बैरल के नीचे चला गया. भारत अपनी ज़रुरतों का लगभग 70 फ़ीसदी तेल आयात करता है और इसकी क़ीमतें घरेलू महँगाई दर के निर्धारण में अहम भूमिका अदा करती हैं. |
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