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शेयर बाज़ारों में उठा-पटक का दौर जारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में उठा-पटक का दौर जारी है. एशियाई और यूरोपीय बाज़ार के बाद अमरीकी शेयर बाज़ार भी गिरावट के साथ खुला लेकिन फ़िलहाल संभल गया है. डाओ जोंस खुलते ही 10 प्रतिशत से ज़्यादा गिर गया लेकिन फ़िलहाल बाज़ार संभल गया है. इससे पहले एशियाई शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट दर्ज की गई. जापान का निकेई 20 वर्ष के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया तो भारत का मुंबई शेयर बाज़ार भी 800 अंक से ज़्यादा गिरकर बंद हुआ. यूरोपीय बाज़ारों की भी कमोबेश यही स्थिति रही. ब्रिटेन का एफ़टीएसई 8.9 प्रतिशत नीचे गिरकर बंद हुआ. फ़्रांसीसी शेयर बाज़ार 7.7 प्रतिशत और जर्मनी का शेयर बाज़ार 8.4 प्रतिशत नीचे गिरा. इस सप्ताह टोक्यो शेयर बाज़ार में 24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. अमरीका में कच्चे तेल की क़ीमत 83 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई है. यूरोपीय बाज़ार में भी तेल की क़ीमत में गिरावट आई है. ज़रूरत से ज़्यादा अनिश्चितता के कारण मॉस्को और जकार्ता के शेयर बाज़ार में फ़िलहाल कारोबार रोक दिया गया है. गिरावट अमरीकी शेयर बाज़ार में लगातार हो रही गिरावट के मद्देनज़र राष्ट्रपति जॉर्ज बुश आज अमरीकी जनता को संबोधित करने वाले हैं. दूसरी ओर जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों की भी एक महत्वपूर्ण बैठक वॉशिंगटन में हो रही है. सरकारों की ओर से की जा रही कोशिशों के बावजूद अर्थव्यवस्था में मंदी को लेकर निवेशकों की शंका कम नहीं हो गई है. लंदन में बीजीसी पार्टनर्स के डेविड बुईक ने बताया, "ये बैंकिंग संकट है. ये नक़दी संकट है. दुनियाभर में निवेशकों का भरोसा कम हुआ है." बीबीसी के बिज़नेस संपादक रॉबर्ट पेस्टन का कहना है कि दिवालिया हुए अमरीकी इन्वेस्टमेंट बैंक लीमैन ब्रदर्स के क़र्ज़ पर बीमा दावे की बोली के कारण शेयर बाज़ार में और चिंता देखी जा रही है. बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि ऐसा ऐसे समय हुआ है जब बैंकों के शेयरों के लिए पहले से ही बुरा समय चल रहा है. एशिया में संकट शुक्रवार को एशियाई शेयर बाज़ार में शुरू से ही चिंता का माहौल देखा गया. जापान में निकेई 1987 में शेयर बाज़ार में आई भारी गिरावट के बाद पहली बार एक दिन में इतना गिरा.
मौजूदा आर्थिक संकट के कारण पहली बार एक जापानी वित्तीय संस्थान यामाटो दिवालिया हो गया. एशिया में अन्य देशों में भी कमोबेश यही स्थिति रही. भारत में मुंबई शेयर बाज़ार खुलते ही 6.5 प्रतिशत नीचे गिर गया. इसके बाद रिजर्व बैंक ने वित्तीय बाज़ार में 12.8 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि लगाने की घोषणा की है. इससे बाज़ार थोड़ा संभला ज़रूर लेकिन आख़िरकार 800 अंक नीचे गिरकर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ़्टी भी 6.65 प्रतिशत नीचे गिरकर बंद हुआ. ऑस्ट्रेलियाई शेयर बाज़ार 8.3 प्रतिशत नीचे गिरकर बंद हुआ. हाँगकाँग का हैंग सेंग अपने तीन साल के सबसे निचले स्तर पर आकर बंद हुआ. गुरुवार को अमरीका में डाओ जोंस 7.3 प्रतिशत नीचे गिरकर बंद हुआ. अगस्त 2003 के बाद पहली बार सूचकांक 9000 से नीचे के स्तर पर आ गया. | इससे जुड़ी ख़बरें अब राष्ट्रीय कर्ज़ लिखने में परेशानी09 अक्तूबर, 2008 | कारोबार एशियाई शेयर बाज़ारों से मिश्रित संकेत09 अक्तूबर, 2008 | कारोबार 'थोड़ा असर तो पड़ेगा'08 अक्तूबर, 2008 | कारोबार टाटा ने किया एक और बड़ा सौदा08 अक्तूबर, 2008 | कारोबार सात केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दर घटाई08 अक्तूबर, 2008 | कारोबार एशियाई शेयर बाज़ारों में खलबली08 अक्तूबर, 2008 | कारोबार कुछ और बैंक डूब सकते हैं: पॉलसन08 अक्तूबर, 2008 | कारोबार भारतीय बाज़ार में जारी रही गिरावट08 अक्तूबर, 2008 | कारोबार इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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