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कुछ और बैंक डूब सकते हैं: पॉलसन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी वित्तमंत्री हेनरी पॉलसन ने चेतावनी दी है कि सरकार के आर्थिक पैकेज के बावजूद कुछ और बैंकों का दिवालिया निकल सकता है. उन्होंने कहा है कि अमरीकी संसद ने 700 अरब डॉलर के जिस आर्थिक पैकेज को मंज़ूरी दी है उसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने विश्व अर्थव्यवस्था में और तूफ़ान की चेतावनी देते हुए दुनिया भर की सरकारों को धैर्य से काम लेने की सलाह दी है. उनका कहना है कि वित्तीय संकट जल्दी ख़त्म होने वाला नहीं है और अभी कई कठिन चुनौतियाँ बची हुई हैं. अमरीकी वित्तमंत्री ने यह असुविधाजनक चेतावनी ऐसे समय में जारी की है जब अमरीका और ब्रिटेन समेत सात केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दर में 0.5 फ़ीसदी की कटौती करने की घोषण की है. कनाडा, चीन, स्वीडन और स्विट्ज़रलैंड के केंद्रीय बैंकों ने भी इसी तरह के क़दम उठाए हैं. इसका मकसद शेयर बाज़ारों में गिरावट के रुख़ को रोकना और वित्तीय संकट पर काबू पाना है. इसी तरह की एक कड़ी चेतावनी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) से जारी की गई है. आईएमएफ़ ने कहा है कि दुनिया भर के वित्तीय बाज़ार 1930 के बाद से सबसे ख़तरनाक दौर से गुज़र रहे हैं. हालांकि आईएमएफ़ के मुख्य अर्थशास्त्री ओलिवरी ब्लैंककार्ड का कहना है कि हालांकि इस दौर के नतीजे उतने ख़तरनाक नहीं होंगे. |
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