|
अमरीकी पैकेज को सीनेट की स्वीकृति | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी वित्त व्यवस्था को मंदी के संकट से उबारने के लिए राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के 700 अरब डॉलर के संशोधित पैकेज को सीनेट ने मंज़ूरी दे दी है. ये पैकेज दिवालिया हुई अमरीकी कंपनियों को संकट के बाहर निकालने के इस्तेमाल होगा. इसके बाद अब इसे प्रतिनिधि सभा की मंज़ूरी के लिए भेजा जाएगा जो इसके मूल रूप को एक बार ख़ारिज कर चुकी है. वित्तीय संकट से उबरने के लिए इस पैकेज पर आधारित विधेयक को सीनेट के 74 सदस्यों ने समर्थन जबकि 25 ने इसका विरोध किया. दरअसल प्रतिनिधि सभा में इस पैकेज के नामंज़ूर होने के बाद बुश प्रशासन ने इसके संशोधित रूप को मंज़ूरी दिलाने के लिए ख़ासी मेहनत की और दोनों ही पार्टियों के सीनेटरों का बड़ी संख्या का समर्थन भी इसे हासिल हुए. सुरक्षा राशि की हद बढ़ी संशोधित पैकेज में बैंक खाताधारकों की सुरक्षा राशि की हद बढ़ाई गई जिसे एक लाख डॉलर से बढ़ाकर ढाई लाख कर दिया गया जिसका मतलब है कि खाताधारकों की ढाई लाख तक की राशि को सरकार की गारंटी रहेगी. इसके अलावा अमरीकी परिवारों कर में भी राहत की अवधि को बढ़ाया गया है. इसका विरोध करने वालों में सीनेटर बिल नेल्सन भी शामिल थे जिनका कहना था कि यह पैकेज सिर्फ़ बड़े बैंकों को बचाने की बात करता है जिनकी लापरवाही की वजह से ही मौजूदा संकट पैदा हुआ है. उनका कहना था इस पैकेज में उस आदमी को राहत देने की कोई पेशकश नहीं की गई है जो अपने घरों पर लिए गए क़र्ज़ों को लेकर बहुत मुश्किल की स्थिति में है. उधर सीनेट में बहुमत के नेता हैरी रीड ने कहा कि इस पैकेज को मंज़ूरी देने के सिवाय कोई और विकल्प सामने नहीं था. उन्होंने कहा, "अमरीकी लोगों को मौजूदा अर्थिक संकट पर हताश होने का पूरा हक़ है और इस घड़ी में हम उनके साथ हैं लेकिन सिर्फ़ हाथ पर हाथ धर कर बैठने से भी तो कोई रास्ता नहीं निकलने वाला है." "इसलिए सरकार ने इतनी तेज़ी से काम किया है ताकि हालात को और बिगड़ने से बचाया जा सके." हैरी रीड ने उम्मीद जताई है कि अब प्रतिनिधि सभा में भी इस पैकेज को मंज़ूरी मिल जाएगी जिसके लिए शुक्रवार को मतदान प्रस्तावित है. सीनेट में मतदान से पहले रिपब्लिकन सीनेटर मिच मैकोनेल ने कहा था कि यह पैकेज "आम अमरीकियों को आर्थिक आपदा से बचाएगा". डेमोक्रेट सीनेटर हैरी रीड ने कहा कि सांसद दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस विकट समस्या का समाधान ढूँढने की कोशिश करें. इस आर्थिक पैकेज पर संसद में होने वाले मत विभाजन में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवार--बराक ओबामा और जॉन मेकेन--अपना चुनाव प्रचार छोड़कर वाशिंगटन पहुँचे. राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों ने अपने चुनाव अभियान में कहा कि इस संकट से निबटने के लिए आपातकालीन क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है. 'दुखद परिणाम' अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने कहा है कि अगर यह प्रस्ताव पारित नहीं हुआ तो अमरीका की जनता को "दीर्घकालिक तौर पर दुखद परिणाम भुगतने होंगे". ओबामा ने नेवादा में एक जनसभा में कहा, "अगर संसद ने ज़रूरी क़दम नहीं उठाया तो लाखों नौकरियाँ छिन सकती हैं, एक लंबी और तकलीफ़देह मंदी का दौर शुरू हो सकता है." उन्होंने कहा, "इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा देने के लिए हमारे पास समय है लेकिन फ़िलहाल यह मिलजुलकर आग बुझाने का समय है." मैकेन ने आयोवा में एक रैली में कहा, "मैं निराश हूँ कि अमरीकी संसद ने निर्णयशक्ति की कमी दिखाई है और एकजुट होकर फ़ैसला नहीं कर पा रही है, हर अमरीकी और पूरी अर्थव्यवस्था ख़तरे में है." | इससे जुड़ी ख़बरें क़रार के बाद कारोबार की तैयारी24 सितंबर, 2008 | कारोबार बहस स्थगित करने पर मतभेद उभरे24 सितंबर, 2008 | कारोबार आर्थिक पैकेज को लेकर कांग्रेस में विरोध 24 सितंबर, 2008 | कारोबार आर्थिक पैकेज में देर न करें: पॉलसन23 सितंबर, 2008 | कारोबार गूगल देगा आईफ़ोन को टक्कर23 सितंबर, 2008 | कारोबार 'मॉर्गन स्टेनली कुछ हिस्सेदारी बेचेगा'22 सितंबर, 2008 | कारोबार वित्तीय बाज़ारों में अनिश्चितता का दौर22 सितंबर, 2008 | कारोबार दो बड़े बैंको ने किए अहम बदलाव 22 सितंबर, 2008 | कारोबार इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||