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'मॉर्गन स्टेनली कुछ हिस्सेदारी बेचेगा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान की मित्सुबिशी यूएफ़जी फ़ाइनेंशियल ग्रुप ने कहा है कि वो मॉर्गन स्टेनली में हिस्सेदारी ख़रीदेगा. कंपनी के मुताबिक मॉर्गन स्टेनली में उसकी 10 से 20 फ़ीसदी हिस्सेदारी रहेगी. हालांकि क़ीमत अभी तय नहीं हुई है. विश्व में चल रहे वित्तीय संकट का असर मॉर्गन स्टेनली पर भी पड़ा है. पिछले हफ़्ते इस तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं कि मॉर्गन स्टेनली किसी साझीदार की तलाश में है ताकि उसे लेकर आशंकित निवेशकों को तसल्ली मिल सके. निवेश बैंक लीमन ब्रदर्स के दिवालिया घोषित होने के बाद विश्व के वित्तीय संस्थानों को लेकर लोगों में गहरी चिंता है. इस संकट के कारण वित्तीय संस्थाओं में कई बदलाव देखने के मिले हैं. अमरीकी वित्त बाज़ार 1930 की आर्थिक मंदी के बाद से अब तक के सबसे बड़े बैंकिंग संकट का सामना कर रहा है. वहीं दुनिया की सबसे बड़ी बीमा कंपनी अमेरिकन इनवेस्टमेंट ग्रुप (एआईजी) को बचाने के लिए अमरीका के केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व को 85 अरब डॉलर का कर्ज़ देने की घोषणा करनी पड़ी. बड़े बैंकों और बीमा कंपनियों को डूबने से उबारने के लिए बुश प्रशासन ने 700 अरब डॉलर की मदद की योजना तैयार की है. |
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