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चिदंबरम के बयान से बाज़ार संभला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एशियाई बाज़ारों में मंदी का असर भारतीय शेयर बाज़ार के कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है. गुरुवार को भारतीय शेयर बाज़ार में कारोबार की शुरुआत मंदी के साथ हुई. हालांकि बाद में वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने अपने एक बयान में कहा कि भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक लीमैन के प्रभाव से अछूते हैं. वित्तमंत्री के इस बयान के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में उछाल आया जिससे बाज़ार की हालत कुछ सुधरी है. दिन का कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स में लगभग 700 अंकों की गिरावट दर्ज हुई थी वहीं निफ़्टी में भी लगभग 185 अंकों की गिरावट देखी गई थी. पर बाज़ार में सुधार का क्रम शुरू होने के बाद सेंसेक्स कुछ संभला और फिलहाल 13,119 (भारतीय समयानुसार दोपहर दो बजे) के सूचकांक पर बना हुआ है. इससे पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) बुधवार को लगभग 255 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ था. बुधवार को निवेशकों ने बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों की ज़ोरदार बिकवाली की. अमरीकी प्रशासन की ओर से भारतीय दवा कंपनी रैनबैक्सी की 30 दवाओं पर प्रतिबंध लगाने का असर भी शेयर बाज़ार पर देखा गया. वहीं बुधवार को अमरीका की सबसे बड़ी निवेश कंपनी अमेरिकन इंश्योरेंस ग्रुप को सरकारी मदद मिलने की घोषणा के बावजूद अमरीकी स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट देखी गई है. डाओ जोन्स सूचकांक 450 अंक गिरकर लगभग 10610 के स्तर पर बंद हुआ. | इससे जुड़ी ख़बरें शेयर बाज़ार में रिकॉर्ड गिरावट03 मार्च, 2008 | कारोबार शेयर बाज़ार एक बार फिर लुढ़के17 मार्च, 2008 | कारोबार शेयर बाज़ार पर भी महंगाई की मार27 जून, 2008 | कारोबार महँगाई के बोझ से गिरा शेयर बाज़ार11 जुलाई, 2008 | कारोबार यूपीए की जीत से शेयर बाज़ार में उछाल23 जुलाई, 2008 | कारोबार बीएसई सूचकांक में 469 अंकों की गिरावट15 सितंबर, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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