BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 07 जून, 2008 को 11:18 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'तेल सब्सिडी धीरे-धीरे ख़त्म हो'
तेल प्लेटफ़ार्म
तेल क़ीमतों के अगले महीने 150 अमरीकी डॉलर तक पहुँचने की आशंका जताई जा रही है
ऊर्जा की सबसे ज़्यादा खपत करने वाले विश्व के पाँच बड़े देशों ने कहा है कि तेल की क़ीमतों में कमी लाने के लिए धीरे-धीरे तेल सब्सिडी ख़त्म करनी होगी.

चीन, जापान, भारत, दक्षिण कोरिया और अमरीका के प्रतिनिधि ऊर्जा मसले पर जापान में बैठक कर रहे हैं.

इन देशों ने कहा कि सब्सिडी की जगह ग़रीबों के लिए दूसरी योजनाएँ होनी चाहिए ताकि तेल बाज़ार में कोई त्रुटि न आए.

लेकिन भारत और चीन ने संकेत दिए हैं कि वे जल्द सब्सिडी ख़त्म नहीं करेंगे.

अमरीकी ऊर्जा मंत्री सैमुअल बॉडमैन ने कहा कि शुक्रवार को एक बैरल कच्चे तेल की क़ीमत का 139 अमरीकी डॉलर तक पहुँच जाना एक झटका है.

लेकिन कच्चे तेल के आसमान छूते दाम के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंकाओं के बीच उन्होंने इस बात से इनकार किया कि दुनिया के सामने कोई संकट आ गया है.

बॉडमैन ने अपील की है कि उपभोक्ता देश अपने यहाँ तेल पर सब्सिडी (राजकोषीय सहायता) ख़त्म कर दें और उत्पादक देश अपना निवेश बढ़ाएँ.

शुक्रवार को न्यूयॉर्क में कच्चे तेल की क़ीमतों में 10 अमरीकी डॉलर से ज़्यादा की उछाल दर्ज की गई थी.

ख़बरों में कहा जा रहा है कि बढ़ती माँग और राजनीतिक तनाव के कारण जुलाई महीने के अंत तक इसकी क़ीमत 150 अमरीकी डॉलर को भी पार कर सकती है.

क़ीमतों का मुक़ाबला

नहीं बढ़ रहा उत्पादन...
 यह एक झटका है. लेकिन अगर आप दुनिया भर में तेल के उत्पादन की दर को देखें तो पिछले तीन साल से यह लगातार 8.50 करोड़ बैरल प्रतिदिन रही है
सैमुअल बॉडमैन, अमरीकी ऊर्जा मंत्री

तेल की क़ीमतों में यह ज़बर्दस्त उछाल उस समय आया है जब अमरीकी डॉलर कमज़ोर पड़ रहा है, वहाँ के शेयर बाज़ार वॉल स्ट्रीट में शेयरों के दाम गिर रहे हैं और बेरोज़गारों की संख्या अमरीका में 20 वर्ष के सबसे गंभीर स्तर पर पहुँच गई है.

दुनिया के आठ महत्पूर्ण औद्योगिक देशों के साथ ही चीन, भारत और दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधि जापानी शहर अमरोही में दो दिनों तक चलने वाली बैठक में मिल रहे हैं.

इस बैठक में ये देश रणनीति बनाएँगे कि किस तरह तेल, गैस और कोयला के बाज़ार में अस्थिरता का मुक़ाबला किया जाए.

बॉडमैन ने बैठक शुरू होने से पहले कहा, "यह एक झटका है. लेकिन अगर आप दुनिया भर में तेल के उत्पादन की दर को देखें तो पिछले तीन साल से यह लगातार 8.50 करोड़ बैरल प्रतिदिन रही है."

उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि माँग बढ़ रही है क्योंकि कई देश अब भी तेल पर सब्सिडी दे रहे हैं जिसे बंद करने की ज़रूरत है."

बॉडमैन को नहीं लगता कि तेल बाज़ार के क़ायदे-क़ानून को कड़ा करने की कोई ज़रूरत है.

कुछ लोगों का कहना है कि बाज़ार अनुमान, आपूर्ति के मुक़ाबले तेज़ी से बढ़ती माँग और तेल भंडार के आकार या प्रकार की सही तस्वीर सामने नहीं आने के कारण भी तेल क़ीमतों में आग लगी हो सकती है.

तेल के उबाल से बेहाल
दुनिया भर के नेता तेल की बढ़ती क़ीमतों को लेकर बुरी तरह परेशान हैं.
पेट्रोल पंपतेल की तेज़ी बरक़रार
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की क़ीमतें 135 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुँची है.
तेल बैरलतेल कीमतें आसमान पर
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है.
तेल टैंकरतेल में उबाल
नए साल की शुरूआत में तेल ने की क़ीमतों में उबाल आ गया है.
इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>