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तेल में उबाल से बेहाल दुनिया भर के नेता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली में बुधवार को जब पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की तो भारत में तूफान खड़ा हो गया. हालात ऐसे हो गए कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को देश को विशेष संदेश के ज़रिए अपनी मजबूरी समझाने आना पड़ा. भारत के 61 साल के इतिहास में ऐसा शायद ही हुआ होगा कि कोई प्रधानमंत्री देश को पेट्रोलियम मूल्य वृद्धि पर देश को संबोधित करने आया हो. बुधवार को केंद्र सरकार ने महीनों सोच-विचार के बाद पेट्रोल की कीमतों में पाँच रुपये की वृद्धि की है. डीज़ल की कीमत तीन रुपए बढ़ाई गई है. रसोई गैस की कीमतों में पचास रुपए प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई है. फैसले का विरोध इतना बढ़ा कि वामपंथी दलों के अलावा राष्ट्रीय जनता दल जैसे साथी तक वृद्धि के खिलाफ़ बयान देने लगे. संकट अंतरराष्ट्रीय मनमोहन सिंह अकेले नहीं, पूरी दुनिया में सत्ताधारी नेता तेल पर उनके जैसी ही मुश्किलों से जूझ रहे हैं.
ब्रिटेन में मछुआरों और ट्रक वालों ने बढ़ती तेल कीमतों के ख़िलाफ़ सरकार पर काफ़ी दबाव बना रखा है. ब्रिटेन और फ्रांस में पेट्रोल की क़ीमतें रिकॉर्ड ऊँचाई पर हैं. अमरीका में तो तेल की क़ीमतें पिछले कुछ महीनों में दोगुनी हो गई हैं. पिछले महीने वहाँ की संसद ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को मजबूर किया था कि वे अमरीका के सामरिक तेल भंडारों को पूरा न भरें ताकि खुले बाज़ार में ईंधन की कीमतों को एक सीमा के भीतर रखा जा सके. बुश इस बात के बहुत ख़िलाफ़ थे. उनका कहना था कि किसी प्राकृतिक हादसे या आतंकवादी हमले की सूरत में ऐसा करना महंगा पड़ सकता है पर संसद ने उनकी एक न सुनी. ऑस्ट्रेलिया में बहुराष्ट्रीय कंपनी शेल लोगों को यह समझाने का प्रयास कर रही है कि उनके यहाँ तेल दुनिया के दूसरे मुल्कों से सस्ता है. दुनिया में तुर्की से महंगा ईंधन शायद ही कहीं हो. भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के सबसे बड़े आर्थिक केंद्र कराची में भारत की तुलना में पेट्रोल थोड़ा सस्ता है. यहाँ एक लीटर पेट्रोल का भाव 44 रूपए के नज़दीक है. पर बरसों से गृह युद्ध झेल रहे भारत के दक्षिणी पड़ोसी श्रीलंका में एक लीटर पेट्रोल का भाव 62 रूपए के ऊपर है. दुनिया भर में लोग भारी-भरकरम तेल पीने वाली गाड़ियों को छोड़ रहे हैं पर दक्षिण अमरीकी देश वेनेजुएला में स्थिति इसके विपरीत है. वेनेज़ुएला प्रमुख तेल उत्पादक देशों में है और वहाँ तेल की क़ीमतें दुनिया भर में शायद सबसे नीचे हैं, वहाँ लगभग सवा रुपए में एक लीटर तेल ख़रीदा जा सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें बंद से तीन राज्यों में जनजीवन अस्तव्यस्त05 जून, 2008 | भारत और पड़ोस वामपंथी करेंगे देश भर में आंदोलन04 जून, 2008 | भारत और पड़ोस पेट्रोल पाँच, डीज़ल तीन रुपए महंगा04 जून, 2008 | कारोबार 'तेल पर कोई अतिरिक्त पेट्रोल कर नहीं'28 मई, 2008 | भारत और पड़ोस पेट्रोल और डीजल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी04 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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